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Maharajganj News: तीन वर्ष बाद भी जमीन नहीं खोज सके जिम्मेदार
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निचलौल। स्वच्छ भारत मिशन के फेज एक के तहत वर्ष 2021-22 में ब्लॉक क्षेत्र के कुल 108 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया था। इनमें कूड़ा निस्तारण के लिए आरआरसी सेंटर का निर्माण कराने के लिए सभी ग्राम प्रधानों के खाते में शासन की ओर से धनराशि भेजा गया था।
ब्लॉक क्षेत्र के चार गांव ऐसे हैं जिनमें आरआरसी केंद्र के लिए अभी तक जमीन नहीं उपलब्ध हो सकी है। इससे इन गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन अधर में लटका हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन फेज एक के तहत हर गांव में आरआरसी भवन, डस्टबिन और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ब्लॉक क्षेत्र के सभी 108 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत चिह्नित किया गया था। इन सभी गांवों में आरसीसी भवन के साथ कूड़ा निस्तारण करने के लिए संसाधनों की व्यवस्था करना था। योजना का फेज एक शासन की तरफ से बंद कर अब फेज दो की शुरुआत कर दी गई है। लेकिन ब्लॉक क्षेत्र के चार ग्राम सभाओं में तीन साल बाद भी आरसीसी भवन निर्माण के लिए जमीन नहीं खोजी जा सकी है।
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प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी इन गांवों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालांकि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रधानों के खातों में धनराशि भी ट्रांसफर कर दी गई है। लेकिन ढसो, भेड़ियारी, बहरौली और दुर्गवलिया गांव में जिम्मेदारों की ओर से अभी तक आरआरसी केंद्र निर्माण के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। इसके लिए पंचायती राज विभाग और राजस्व विभाग के बीच कई बार पत्राचार हो चुका है। लेकिन जमीन के आवंटन में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
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ब्लॉक क्षेत्र के चार गांव ऐसे हैं जिनमें आरआरसी केंद्र के लिए अभी तक जमीन नहीं उपलब्ध हो सकी है। इससे इन गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन अधर में लटका हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक, शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन फेज एक के तहत हर गांव में आरआरसी भवन, डस्टबिन और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ब्लॉक क्षेत्र के सभी 108 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत चिह्नित किया गया था। इन सभी गांवों में आरसीसी भवन के साथ कूड़ा निस्तारण करने के लिए संसाधनों की व्यवस्था करना था। योजना का फेज एक शासन की तरफ से बंद कर अब फेज दो की शुरुआत कर दी गई है। लेकिन ब्लॉक क्षेत्र के चार ग्राम सभाओं में तीन साल बाद भी आरसीसी भवन निर्माण के लिए जमीन नहीं खोजी जा सकी है।
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प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी इन गांवों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालांकि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रधानों के खातों में धनराशि भी ट्रांसफर कर दी गई है। लेकिन ढसो, भेड़ियारी, बहरौली और दुर्गवलिया गांव में जिम्मेदारों की ओर से अभी तक आरआरसी केंद्र निर्माण के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। इसके लिए पंचायती राज विभाग और राजस्व विभाग के बीच कई बार पत्राचार हो चुका है। लेकिन जमीन के आवंटन में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।