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Maharajganj News: 17 हजार का बिजली बिल सुधार के बाद 46 लाख हो गया
Sun, 28 Apr 2024 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Apr 2024 02:10 AM IST
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विभाग की लापरवाही के खिलाफ पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। बिजली विभाग के अधिकारियों की लापारवाही के कारण चार हजार बिल घटना के बजाय 46 लाख करने का मामला सामने आया तो पीड़ित के होश उड़ गए। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की।
फरेंदा तहसील क्षेत्र के धानी सिकंदराजीत पुर निवासी सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा कि विद्युत कनेक्सन संख्या 5080887000 का मीटर रीडिंग व विद्युत बिल में अंतर के कारण सुधार के लिए एक प्रार्थना पत्र उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड दितीय आनंदनगर को दिया था। जिसकी जांच अवर अभियंता द्वारा की गई। जिसमें विद्युत बिल सुधार हेतु रिपोर्ट उपखंड अधिकारी को दी गई। विद्युत बिल भुगतान की जाने वाली धनराशि 17445 था। जिसको अवर अभियंता की जांच रिपोर्ट के बाद बिल संशोधित करके बिल की धनराशि में घटाने के बजाय 46 लाख रुपया बढ़ा दिया गया। जिसका मैसेज मोबाइल पर आया तो पीड़ित के होश उड़ गए। वह मानसिक रुप से परेशान हो गए। विभाग की इस लापरवाही से पूरा परिवार परेशान हैं। अब न तो बिजली बिल निकल रहा न तो जमा हो रहा हैं। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पूरा परिवार परेशान हैं। पीड़ित ने मामले की जांच करके बिल संशोधित करने व जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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मामले की जानकारी नही हैं। बिजली बिल में सुधार के लिए आवेदन आया था जिसको सुधार किया गया था। अगर ऐसा मामला है तो आवेदन मिलने के बाद सुधार कर दिया जाएगा।
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चंद्रेश उपाध्याय,एक्सईन बिजली विभाग, आनंदनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। बिजली विभाग के अधिकारियों की लापारवाही के कारण चार हजार बिल घटना के बजाय 46 लाख करने का मामला सामने आया तो पीड़ित के होश उड़ गए। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की।
फरेंदा तहसील क्षेत्र के धानी सिकंदराजीत पुर निवासी सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा कि विद्युत कनेक्सन संख्या 5080887000 का मीटर रीडिंग व विद्युत बिल में अंतर के कारण सुधार के लिए एक प्रार्थना पत्र उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड दितीय आनंदनगर को दिया था। जिसकी जांच अवर अभियंता द्वारा की गई। जिसमें विद्युत बिल सुधार हेतु रिपोर्ट उपखंड अधिकारी को दी गई। विद्युत बिल भुगतान की जाने वाली धनराशि 17445 था। जिसको अवर अभियंता की जांच रिपोर्ट के बाद बिल संशोधित करके बिल की धनराशि में घटाने के बजाय 46 लाख रुपया बढ़ा दिया गया। जिसका मैसेज मोबाइल पर आया तो पीड़ित के होश उड़ गए। वह मानसिक रुप से परेशान हो गए। विभाग की इस लापरवाही से पूरा परिवार परेशान हैं। अब न तो बिजली बिल निकल रहा न तो जमा हो रहा हैं। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पूरा परिवार परेशान हैं। पीड़ित ने मामले की जांच करके बिल संशोधित करने व जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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मामले की जानकारी नही हैं। बिजली बिल में सुधार के लिए आवेदन आया था जिसको सुधार किया गया था। अगर ऐसा मामला है तो आवेदन मिलने के बाद सुधार कर दिया जाएगा।
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चंद्रेश उपाध्याय,एक्सईन बिजली विभाग, आनंदनगर