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Maharajganj News: शुष्क मौसम की ठंड ने सांस की परेशानी बढ़ाई
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चिकित्सकों के मुताबिक बदलते मौसम से बढ़ा रोग
बुधवार 673 रोगियों का जिला अस्पताल में उपचार
महराजगंज। तेजी से घटता-बढ़ता तापमान लोगों की सांस की परेशानी बढ़ा रहा है। बुधवार को ओपीडी में कुल 26 रोगी ऐसे पहुंचे जिन्हें सांस फूलने के साथ सांस खीचने में असुविधा हो रही थी। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा परामर्श व एहतियात बरतने का परामर्श दिया।
बुधवार को 26 रोगियों का उपचार जिला अस्पताल की ओपीडी में हुआ। सर्वाधिक रोगी कोल्ड डायरिया, बुखार व सर्दी खांसी के रहे। नए रोगी सांस फूलने की समस्या के रहे। शिकायत थी कि थोड़ी देर चलने या व्यायाम से सांस फूलने लग रही है। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. रंजन मिश्रा ने दवा व बचाव का परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि ठंडी-शुष्क हवा व प्रदूषण के कारण तापमान घटने से श्वसन नली संक्रमित होती है जिससे सांस की नली सिकुड़ जाती है। प्रभाव यह पड़ता कि सांस खींचने में असुविधा व सांस फूलने की शिकायत होने लगती है। समस्या सिर्फ खुली हवा में ही नहीं बंद कमरों में भी हो सकती है। इसलिए सर्द व शुष्क हवा से बचने के लिए मास्क लगाएं व आसपास नमी बनाए रखें।
ऐसे करें बचाव
- ठंडी हवा श्वसन मार्ग मे संक्रमण पैदा करती है। इसलिए पर्याप्त नमी बनी रहे इसका ख्याल रखें।
- गुनगुना पानी, सूप व हर्बल चाय पीने की आदत डालें। इससे कफ पतला होकर निकलता रहता है।
- अस्थमा या सांस के मरीज की अगर दवा चल रही तो सुझाया गया इन्हेलर साथ रखना चाहिए।
- धूल के कणों से बचने के लिए बिस्तर नियमित साफ करें। एयर प्यूरीफायर का उपयोग जरूरत के मुताबिक करें।
- बिना जांच व चिकित्सक सलाह के कोई भी उपचार न प्रारंभ करें।
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बुधवार 673 रोगियों का जिला अस्पताल में उपचार
महराजगंज। तेजी से घटता-बढ़ता तापमान लोगों की सांस की परेशानी बढ़ा रहा है। बुधवार को ओपीडी में कुल 26 रोगी ऐसे पहुंचे जिन्हें सांस फूलने के साथ सांस खीचने में असुविधा हो रही थी। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा परामर्श व एहतियात बरतने का परामर्श दिया।
बुधवार को 26 रोगियों का उपचार जिला अस्पताल की ओपीडी में हुआ। सर्वाधिक रोगी कोल्ड डायरिया, बुखार व सर्दी खांसी के रहे। नए रोगी सांस फूलने की समस्या के रहे। शिकायत थी कि थोड़ी देर चलने या व्यायाम से सांस फूलने लग रही है। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. रंजन मिश्रा ने दवा व बचाव का परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि ठंडी-शुष्क हवा व प्रदूषण के कारण तापमान घटने से श्वसन नली संक्रमित होती है जिससे सांस की नली सिकुड़ जाती है। प्रभाव यह पड़ता कि सांस खींचने में असुविधा व सांस फूलने की शिकायत होने लगती है। समस्या सिर्फ खुली हवा में ही नहीं बंद कमरों में भी हो सकती है। इसलिए सर्द व शुष्क हवा से बचने के लिए मास्क लगाएं व आसपास नमी बनाए रखें।
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ऐसे करें बचाव
- ठंडी हवा श्वसन मार्ग मे संक्रमण पैदा करती है। इसलिए पर्याप्त नमी बनी रहे इसका ख्याल रखें।
- गुनगुना पानी, सूप व हर्बल चाय पीने की आदत डालें। इससे कफ पतला होकर निकलता रहता है।
- अस्थमा या सांस के मरीज की अगर दवा चल रही तो सुझाया गया इन्हेलर साथ रखना चाहिए।
- धूल के कणों से बचने के लिए बिस्तर नियमित साफ करें। एयर प्यूरीफायर का उपयोग जरूरत के मुताबिक करें।
- बिना जांच व चिकित्सक सलाह के कोई भी उपचार न प्रारंभ करें।