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Maharajganj News: आत्मनिर्भर बन साकार कर रहीं सपने... निखार रहीं भविष्य
Fri, 20 Sep 2024 05:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 20 Sep 2024 05:27 AM IST
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महराजगंज। आजीविका मिशन से जनपद की युवतियां और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर तरक्की की इबारत लिख रही हैं। वह न सिर्फ अपने परिवार का खर्च वहन कर रहीं हैं, बल्कि अन्य इच्छुक महिलाओं को ब्यूटी पार्लर का ट्रेनिंग देकर उन्हें भी आगे बढ़ा रही हैं।
शहर में करीब 50 ब्यूटी पार्लर चल रहे हैं। इनका संचालन खुद महिलाएं कर रहीं हैं। महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर सेंटर खोल आय अर्जित कर रही हैं। वीर बहादुर नगर की रहने वाली हिना खान ने बताया कि कुछ समय पहले आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण लेने के बाद वह बिस्मिल नगर में ब्यूटी पार्लर संचालित करने लगीं। पहले वह अकेले सेंटर चलाती थीं। आज उनके वहां तीन से चार महिला वर्कर काम करती हैं। बताया कि सामान्य दिनों में 25 से 30 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। शादी विवाह के मौसम में कमाई का ग्राफ बढ़ता है। उनके सेंटर पर कोई भी महिला और लड़की आकर निशुल्क ट्रेनिंग ले सकती है।
इसी प्रकार काजल गुप्ता सदर ब्लाॅक के निकट ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए जिससे घर का खर्च चले। ब्लाॅक मिशन ऑफिस से ट्रेनिंग लेकर ब्यूटीशियन का कार्य चुन लिया। शुरुआत में थोड़ी दिक्कत जरूर हुई, लेकिन अब कोई दिक्कत नहीं होती। ब्यूटी पार्लर की कमाई से बच्चों की बेहतर शिक्षा और घर का खर्च आराम से चल जाता है। सेंटर से वह चार-पांच युवतियों को भी प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
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सरोजनीनगर निवासी किट्टी श्रीवास्तव रोडवेज बस स्टाॅप के निकट ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने लुक के प्रति काफी संजीदा होती हैं। ब्यूटी पार्लर का क्रेज पहले बड़े शहरों में ही था, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी डिमांड बढ़ गई है। वह अपने पार्लर से इतनी आय अर्जित कर लेती हैं कि घर वालों से कुछ मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। इच्छुक महिलाएं उनके सेंटर से निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए आती रहती हैं।
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शहर में करीब 50 ब्यूटी पार्लर चल रहे हैं। इनका संचालन खुद महिलाएं कर रहीं हैं। महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर सेंटर खोल आय अर्जित कर रही हैं। वीर बहादुर नगर की रहने वाली हिना खान ने बताया कि कुछ समय पहले आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण लेने के बाद वह बिस्मिल नगर में ब्यूटी पार्लर संचालित करने लगीं। पहले वह अकेले सेंटर चलाती थीं। आज उनके वहां तीन से चार महिला वर्कर काम करती हैं। बताया कि सामान्य दिनों में 25 से 30 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। शादी विवाह के मौसम में कमाई का ग्राफ बढ़ता है। उनके सेंटर पर कोई भी महिला और लड़की आकर निशुल्क ट्रेनिंग ले सकती है।
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इसी प्रकार काजल गुप्ता सदर ब्लाॅक के निकट ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए जिससे घर का खर्च चले। ब्लाॅक मिशन ऑफिस से ट्रेनिंग लेकर ब्यूटीशियन का कार्य चुन लिया। शुरुआत में थोड़ी दिक्कत जरूर हुई, लेकिन अब कोई दिक्कत नहीं होती। ब्यूटी पार्लर की कमाई से बच्चों की बेहतर शिक्षा और घर का खर्च आराम से चल जाता है। सेंटर से वह चार-पांच युवतियों को भी प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
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सरोजनीनगर निवासी किट्टी श्रीवास्तव रोडवेज बस स्टाॅप के निकट ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाएं अपने लुक के प्रति काफी संजीदा होती हैं। ब्यूटी पार्लर का क्रेज पहले बड़े शहरों में ही था, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी डिमांड बढ़ गई है। वह अपने पार्लर से इतनी आय अर्जित कर लेती हैं कि घर वालों से कुछ मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। इच्छुक महिलाएं उनके सेंटर से निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए आती रहती हैं।