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Maharajganj News: दीवार गिरने से डॉक्टर की मौत, मासूम बेटा गंभीर
Thu, 29 May 2025 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 29 May 2025 12:31 AM IST
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लोहिया नगर वार्ड में हुआ हादसा, पुरानी दीवारों के बीच में पिलर खड़ा करने का चल रहा था काम
निचलौल। थाना क्षेत्र अंतर्गत शहर के लोहिया नगर वार्ड में बुधवार को अचानक दीवार गिरने से आंख के डॉक्टर और उनका मासूम बेटा घायल हो गया। आसपास के लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टर को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया। बेटे का इलाज चल रहा था। वहीं, डॉक्टर के मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के मुताबिक, मृत सूर्य विजय मौर्य (34) मूल रूप से ठूठीबारी कोतवाली अंतर्गत ठूठीबारी गांव के रहने वाले थे। सूर्य विजय मौर्य करीब पांच वर्ष पहले निचलौल के लोहिया नगर वार्ड में परिवार के साथ आ गए। जहां पर वह ठूठीबारी रोड स्थित एक मकान में आंख से संबंधित बीमारियों का इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल संचालित करते थे। सूर्य विजय आवास से सटे मकान निर्माण के लिए काम करा रहे थे। जहां पर चार इंच की बाउंड्रीवाल के दोनों तरफ दीवारों के बीच पिलर खड़ा करने के लिए तोड़कर जगह छोड़ दी गई थी। दीवार तोड़ने के साथ ही नींव तक मिट्टी भी हटा दी गई थी।
बुधवार सुबह काम शुरू होने से पहले करीब साढ़े आठ बजे सूर्य विजय मौर्य बेटे अर्पित (5) को साथ लेकर घर से बाहर निकल रहे थे। अभी वह गेट के पास पहुंचे थे। इसी बीच बायी तरफ की दीवार अचानक उनके ऊपर भर-भराकर गिर गई। इस दौरान सूर्य विजय मौर्य दीवार के नीच दब गए। जबकि मासूम बेटा अर्पित भी मामूली चपेट में आ गया। इस हादसे में डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य की मौत हो गई, जबकि बेटे अर्पित की हालत भी गंभीर बनी हुई है। मृत सूर्य विजय की मौत के बाद छोटी बेटी ट्यूटी तीन वर्ष और पत्नी अनिता देवी, बड़े भाई राम विजय मौर्य के साथ ही बुजुर्ग पिता उधरेज मौर्य और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
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थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार मामले में हादसे की सूचना पाकर मौके पर पुलिस टीम पहुंची थी। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर न्याए। ऐसे में पंचनामा के बाद मृत डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य के शव को सुपुर्द कर दिया गया।
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डॉक्टर के शव से लिपटकर बिलखती रही अनिता
हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मृत डॉक्टर के दोस्तों ने बातचीत में बताया कि डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य काफी मिलनसार थे। कोई भी व्यक्ति नाराज होकर उनके पास पहुंचता था तो वह बातों बात में उसे वह हंसा देते थे। फिर वह व्यक्ति कुछ देर के लिए अपनी गम और गुस्से को भूल जाता था। डॉक्टर सूर्य विजय के पिता उधरेज मौर्य होम्योपैथ डॉक्टर हैं। ठूठीबारी में क्लिनिक चलाते हैं। इतना ही नहीं बड़े भाई राम विजय मौर्य भी आंख के डॉक्टर हैं, जो कुशीनगर जिले के खड्डा में निजी हॉस्पिटल संचालित करते हैं। डॉक्टर का पूरा परिवार काफी संपन्न है। परिवार में सब कुछ अच्छे से चल रहा था, लेकिन पल भर में हुए हादसे ने परिवार पर दुख का पहाड़ खड़ा कर दिया है। डॉक्टर की मौत के बाद पत्नी अनिता उनके शव से लिपट गुजरे दिनों और आने वाले दिनों को याद कर बिलख रही थी। पति के मौत पर वह बदहवास हो चुकी हैं। इतना ही नहीं बुढ़ापे में जवान बेटे को खोने की गम से मां पूरी तरह से टूट चुकी थी। यह तस्वीरें देख मौके पर मौजूद हर कोई व्यक्ति के आंखें नम गई। अब दो मासूम बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी का बोझ भी अनिता के कंधों पर है।
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निचलौल। थाना क्षेत्र अंतर्गत शहर के लोहिया नगर वार्ड में बुधवार को अचानक दीवार गिरने से आंख के डॉक्टर और उनका मासूम बेटा घायल हो गया। आसपास के लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टर को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया। बेटे का इलाज चल रहा था। वहीं, डॉक्टर के मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के मुताबिक, मृत सूर्य विजय मौर्य (34) मूल रूप से ठूठीबारी कोतवाली अंतर्गत ठूठीबारी गांव के रहने वाले थे। सूर्य विजय मौर्य करीब पांच वर्ष पहले निचलौल के लोहिया नगर वार्ड में परिवार के साथ आ गए। जहां पर वह ठूठीबारी रोड स्थित एक मकान में आंख से संबंधित बीमारियों का इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल संचालित करते थे। सूर्य विजय आवास से सटे मकान निर्माण के लिए काम करा रहे थे। जहां पर चार इंच की बाउंड्रीवाल के दोनों तरफ दीवारों के बीच पिलर खड़ा करने के लिए तोड़कर जगह छोड़ दी गई थी। दीवार तोड़ने के साथ ही नींव तक मिट्टी भी हटा दी गई थी।
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बुधवार सुबह काम शुरू होने से पहले करीब साढ़े आठ बजे सूर्य विजय मौर्य बेटे अर्पित (5) को साथ लेकर घर से बाहर निकल रहे थे। अभी वह गेट के पास पहुंचे थे। इसी बीच बायी तरफ की दीवार अचानक उनके ऊपर भर-भराकर गिर गई। इस दौरान सूर्य विजय मौर्य दीवार के नीच दब गए। जबकि मासूम बेटा अर्पित भी मामूली चपेट में आ गया। इस हादसे में डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य की मौत हो गई, जबकि बेटे अर्पित की हालत भी गंभीर बनी हुई है। मृत सूर्य विजय की मौत के बाद छोटी बेटी ट्यूटी तीन वर्ष और पत्नी अनिता देवी, बड़े भाई राम विजय मौर्य के साथ ही बुजुर्ग पिता उधरेज मौर्य और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
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थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार मामले में हादसे की सूचना पाकर मौके पर पुलिस टीम पहुंची थी। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर न्याए। ऐसे में पंचनामा के बाद मृत डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य के शव को सुपुर्द कर दिया गया।
डॉक्टर के शव से लिपटकर बिलखती रही अनिता
हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मृत डॉक्टर के दोस्तों ने बातचीत में बताया कि डॉक्टर सूर्य विजय मौर्य काफी मिलनसार थे। कोई भी व्यक्ति नाराज होकर उनके पास पहुंचता था तो वह बातों बात में उसे वह हंसा देते थे। फिर वह व्यक्ति कुछ देर के लिए अपनी गम और गुस्से को भूल जाता था। डॉक्टर सूर्य विजय के पिता उधरेज मौर्य होम्योपैथ डॉक्टर हैं। ठूठीबारी में क्लिनिक चलाते हैं। इतना ही नहीं बड़े भाई राम विजय मौर्य भी आंख के डॉक्टर हैं, जो कुशीनगर जिले के खड्डा में निजी हॉस्पिटल संचालित करते हैं। डॉक्टर का पूरा परिवार काफी संपन्न है। परिवार में सब कुछ अच्छे से चल रहा था, लेकिन पल भर में हुए हादसे ने परिवार पर दुख का पहाड़ खड़ा कर दिया है। डॉक्टर की मौत के बाद पत्नी अनिता उनके शव से लिपट गुजरे दिनों और आने वाले दिनों को याद कर बिलख रही थी। पति के मौत पर वह बदहवास हो चुकी हैं। इतना ही नहीं बुढ़ापे में जवान बेटे को खोने की गम से मां पूरी तरह से टूट चुकी थी। यह तस्वीरें देख मौके पर मौजूद हर कोई व्यक्ति के आंखें नम गई। अब दो मासूम बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी का बोझ भी अनिता के कंधों पर है।