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Maharajganj News: ग्राम समाज की जमीन पर लगे पेड़ काटने को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने रोका
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कोटकम्हरिया गांव का मामला, जांच में जुटा विभाग
लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोटकम्हरिया गांव में रविवार को कुछ लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर लगे पेड़ों को काटने की कोशिश की तो तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए पेड़ कटान को रुकवा दिया।
ग्रामीण पन्ने लाल चौधरी, अमरदीप चौधरी, अविषेक तिवारी और अंगद सहानी सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि बिना किसी सरकारी अनुमति के ग्राम समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की जमीन और उस पर लगे पेड़ सार्वजनिक संपत्ति होते हैं, जिन्हें बिना नीलामी और प्रशासनिक अनुमति के काटना पूरी तरह अवैध है। जैसे ही इस घटना की सूचना गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।
कुछ समय के लिए गांव में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि यह कटान ग्राम प्रधान की सहमति से कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो ग्राम समाज की संपत्तियों का लगातार दुरुपयोग होता रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।
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इस संबंध में रेंजर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि मामला ग्राम पंचायत के पेड़ों से जुड़ा है और इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोटकम्हरिया गांव में रविवार को कुछ लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर लगे पेड़ों को काटने की कोशिश की तो तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए पेड़ कटान को रुकवा दिया।
ग्रामीण पन्ने लाल चौधरी, अमरदीप चौधरी, अविषेक तिवारी और अंगद सहानी सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि बिना किसी सरकारी अनुमति के ग्राम समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की जमीन और उस पर लगे पेड़ सार्वजनिक संपत्ति होते हैं, जिन्हें बिना नीलामी और प्रशासनिक अनुमति के काटना पूरी तरह अवैध है। जैसे ही इस घटना की सूचना गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।
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कुछ समय के लिए गांव में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि यह कटान ग्राम प्रधान की सहमति से कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो ग्राम समाज की संपत्तियों का लगातार दुरुपयोग होता रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।
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इस संबंध में रेंजर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि मामला ग्राम पंचायत के पेड़ों से जुड़ा है और इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।