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Maharajganj News: सख्ती के बाद भी सरहद पार हो रहा यूरिया, अक्सर होती है बरामदगी
Sat, 17 Aug 2024 04:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:48 AM IST
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महराजगंज। नेपाल सीमा पर इन दिनों सुरक्षा एजेंसियां सख्ती बरत रही हैं। फिर भी तस्कर यूरिया खाद सरहद पार करने में जुटे हैं। शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सरहद से सटे रेहरा के पास से नौ बोरी यूरिया खाद लावारिश हालात में बरामद की। टीम बरामद यूरिया को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय क्षेत्र की तस्करी की यूरिया से नेपाल की फसल हरी भरी हो रही है। इतना ही नहीं तस्करी के जरिए नेपाल पहुंचने वाली यूरिया की बिक्री कर तस्कर मोटी रकम कमा रहे हैं। 84 किमी खुली सीमा की पगडंडियों से तस्कर आसानी से सरहद पार हो जाते हैं। अगर पकड़े जाते हैं, तो कार्रवाई की जाती है, लेकिन इन दिनों सख्ती के बाद भी लगातार हो रही बरामदगी से पता चला रहा है कि तस्करों के लिए खुली सीमा काफी सुरक्षित है। शुक्रवार को परसामलिक पुलिस मुखबिर की सूचना पर रेहरा गांव के पास छापा मारकर नौ बोरी यूरिया खाद बरामद की है। जहां एक तरफ किसान यूरिया के लिए समितियों और निजी दुकानों का चक्कर काट रहे हैं। तस्कर आसानी से यूरिया प्राप्त कर सीमावर्ती क्षेत्रों में इनका भंडारण कर सरहद पार कर दे रहे हैं।
यूरिया बरामदगी बयां कर रही है, कि तस्कर खाद नेपाल पहुंचाने के लिए एक सरहद के पास एकत्र करते हैं। फिर मौका देखकर उसे सरहद पार कर देते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती गांव पथलहवा, कनमिसवा, रेंगहिया, चालीस कड़िया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, रामनगर, हरदीडाली के मुर्दहिया घाट, त्रिलोकपुर घाट, कैथवलिया उर्फ बरगदही घाट, कोमरिया घाट, खनुआ, परसिया घाट, सुंडी घाट, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, नौड़िहवा घाट, बैरिहवा के पोस्ट मास्टर टोला घाट, रजिया घाट, शेख फरेंदा, केवटलिया, फरेंदी तिवारी गांव के तिलहवा घाट, डांडा हेड , भगवानपुर, रेहरा, रधुनाथपुर, श्यामकाट, पिपरहिया, सेवतरी, छपवा, मुड़िला, पिपरहवा घाट,चंडीथान, बैरिया बाजार, कुरहवाखुर्द आदि गांवों के पास पगडंडियों से होकर तस्कर आसानी से खाद लेकर सरहद पार हो जा रहे हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है। सूचना मिलते ही प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
अपने करीबियों के जरिए हासिल करते यूरिया
तस्करों ने यूरिया को सबसे सुरक्षित पैतरा अपनाया है। समितियों पर खाद आते ही अपने लोगों को कतार में खड़ा कर देते हैं। सूत्र बताते हैं कि जुगाड़ से यूरिया खाद हासिल कर सरहद के पास किसी एक स्थान पर एकत्र की जाती है। इसकी एवज में एक आदमी 50 से 100 रुपये प्रति बोरी दिए जाते हैं। फिर मौका मिलते ही कैरियरों के माध्यम से यूरिया को सरहद पार भेज देते हैं। भारतीय क्षेत्र में यूरिया 267.50 रुपये है, लेकिन बेचते 300 रुपये में हैं। तस्कर नेपाल के सीमावर्ती गांवों में यूरिया को 550 से 600 रुपये में बेचते हैं। बताया जाता है कि तस्कर को एक चक्कर में 250 से 300 रुपये का मुनाफा हो जाता है।
सीमावर्ती क्षेत्र में यूरिया बरामदगी एक नजर में
-10 अगस्त को सोनौली पुलिस फरेंदा तिवारी के पास से पांच बोरी यूरिया बरामद की थी।
-17 जून को कोतवाली ठूठीबारी पुलिस जो जगहों पर छापा मारकर दो बाइक पर लदी दो बोरी यूरिया बरामद किया था।
-9 जून को ठूठीबारी पुलिस ने भरवलिया के पास घेराबंदी कर 12 बोरी यूरिया बरामद की थी।
-12 जून को निचलौल पुलिस बहुआर गांव के पास से ई रिक्शा पर लदी पांच बोरी यूरिया बरामद की थी।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय क्षेत्र की तस्करी की यूरिया से नेपाल की फसल हरी भरी हो रही है। इतना ही नहीं तस्करी के जरिए नेपाल पहुंचने वाली यूरिया की बिक्री कर तस्कर मोटी रकम कमा रहे हैं। 84 किमी खुली सीमा की पगडंडियों से तस्कर आसानी से सरहद पार हो जाते हैं। अगर पकड़े जाते हैं, तो कार्रवाई की जाती है, लेकिन इन दिनों सख्ती के बाद भी लगातार हो रही बरामदगी से पता चला रहा है कि तस्करों के लिए खुली सीमा काफी सुरक्षित है। शुक्रवार को परसामलिक पुलिस मुखबिर की सूचना पर रेहरा गांव के पास छापा मारकर नौ बोरी यूरिया खाद बरामद की है। जहां एक तरफ किसान यूरिया के लिए समितियों और निजी दुकानों का चक्कर काट रहे हैं। तस्कर आसानी से यूरिया प्राप्त कर सीमावर्ती क्षेत्रों में इनका भंडारण कर सरहद पार कर दे रहे हैं।
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यूरिया बरामदगी बयां कर रही है, कि तस्कर खाद नेपाल पहुंचाने के लिए एक सरहद के पास एकत्र करते हैं। फिर मौका देखकर उसे सरहद पार कर देते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती गांव पथलहवा, कनमिसवा, रेंगहिया, चालीस कड़िया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, रामनगर, हरदीडाली के मुर्दहिया घाट, त्रिलोकपुर घाट, कैथवलिया उर्फ बरगदही घाट, कोमरिया घाट, खनुआ, परसिया घाट, सुंडी घाट, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, नौड़िहवा घाट, बैरिहवा के पोस्ट मास्टर टोला घाट, रजिया घाट, शेख फरेंदा, केवटलिया, फरेंदी तिवारी गांव के तिलहवा घाट, डांडा हेड , भगवानपुर, रेहरा, रधुनाथपुर, श्यामकाट, पिपरहिया, सेवतरी, छपवा, मुड़िला, पिपरहवा घाट,चंडीथान, बैरिया बाजार, कुरहवाखुर्द आदि गांवों के पास पगडंडियों से होकर तस्कर आसानी से खाद लेकर सरहद पार हो जा रहे हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है। सूचना मिलते ही प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
अपने करीबियों के जरिए हासिल करते यूरिया
तस्करों ने यूरिया को सबसे सुरक्षित पैतरा अपनाया है। समितियों पर खाद आते ही अपने लोगों को कतार में खड़ा कर देते हैं। सूत्र बताते हैं कि जुगाड़ से यूरिया खाद हासिल कर सरहद के पास किसी एक स्थान पर एकत्र की जाती है। इसकी एवज में एक आदमी 50 से 100 रुपये प्रति बोरी दिए जाते हैं। फिर मौका मिलते ही कैरियरों के माध्यम से यूरिया को सरहद पार भेज देते हैं। भारतीय क्षेत्र में यूरिया 267.50 रुपये है, लेकिन बेचते 300 रुपये में हैं। तस्कर नेपाल के सीमावर्ती गांवों में यूरिया को 550 से 600 रुपये में बेचते हैं। बताया जाता है कि तस्कर को एक चक्कर में 250 से 300 रुपये का मुनाफा हो जाता है।
सीमावर्ती क्षेत्र में यूरिया बरामदगी एक नजर में
-10 अगस्त को सोनौली पुलिस फरेंदा तिवारी के पास से पांच बोरी यूरिया बरामद की थी।
-17 जून को कोतवाली ठूठीबारी पुलिस जो जगहों पर छापा मारकर दो बाइक पर लदी दो बोरी यूरिया बरामद किया था।
-9 जून को ठूठीबारी पुलिस ने भरवलिया के पास घेराबंदी कर 12 बोरी यूरिया बरामद की थी।
-12 जून को निचलौल पुलिस बहुआर गांव के पास से ई रिक्शा पर लदी पांच बोरी यूरिया बरामद की थी।