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Maharajganj News: फसल तैयार, खतरा बनकर झूल रहे बिजली के तार

Sun, 30 Mar 2025 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 30 Mar 2025 01:15 AM IST
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Crop is ready, electric wires are hanging as a danger
पिपरा रसूलपुर में किसान के खेत में लटक रहा हाईटेंशन विद्युत तार।
महराजगंज। जिले में आग लगने की घटनाएं शुरू हो चुकी हैं। सीमित संसाधनों में आग पर चुनौती पाना मुश्किल है। खेत से होकर गुजरने वाले तारों से निकली चिंगारी से कभी भी आग लगने की घटना हो सकती है। इसे लेकर अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है। उपलब्ध संसाधनों में आग पर काबू पाने की पूरी तैयारी बनाई गई है।
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जानकारी के अनुसार, तेज हवा से किसान परेशान हैं। खेत में फसल तैयार हो चुकी है। सभी जल्दी से कटाई कराने में जुटे हैं। रसूलपुर, रूधैली भावचक, अनंतपुर मोथई, कमासिन खुर्द, कमासिन बुजुर्ग, बैदा, तेंदुअहिया, सरहिडा, रामनगर आदि स्थानों पर बिजली के तार खेत से गुजरे हैं। तेज हवा के कारण कभी भी चिंगारी से फसल में आग लग सकती है।
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रामनगर के जितेंद्र ने बताया कि तारों के रगड़ खाने से चिंगारी निकली तो फसल पल भर में राख हो जाएगी। इसे लेकर चिंता सता रही है। बैदा रामकेश ने बताया कि किसान पाई-पाई जोड़कर खेती करते हैं। एक झटके में सब कुछ राख हो जाता है। अब आग लगने की घटनाओं से चिंता हो रही है।
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उधर, आग लगने पर बचाव के संसाधनों पर नजर डाले तो धनेवा व सिसवा बाजार में पहले से ही अग्निशमन केंद्र संचालित हैं, जबकि निचलौल व नौतनवा तहसील क्षेत्र में एक-एक केंद्र निर्माण अंतिम चरण में है। फरेंदा में भूमि मिलने के बाद भी अभी तक वहां पर केंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
इसके कारण पूरे जिले में आग से बचाव के लिए प्रबंध धनेवा और सिसवा केंद्र के वाहनों और कर्मियों के भरोसे ही होता है। 12 ब्लॉक वाले इस जिले में यदि किसी वजह से एक समय में कई जगह आग लग गई तो क्षति रोक पाना मुश्किल होगा। आग से बचाव के लिए जिम्मेदारों को संसाधनों की व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा।
महराजगंज अग्निशमन केंद्र पर सीएफओ की तैनाती है। वहीं स्थायी अग्निशमन अधिकारी कोई नहीं है। लीडिंग फायर चार की तैनाती पूरी है। वहीं 27 फायरमैन भी हैं। तीन चालक की जरूरत है, लेकिन दो की तैनाती है। संसाधन की बात तो पांच हजार लीटर क्षमता का एक बड़ा फायर टेंडर है। वहीं दो हजार लीटर क्षमता का मिनी फायर टेंडर दो है। 400 लीटर का दो वाटर मिस्ट दो है।

बुलेट फायर बाइक दो मिली है। पंप के साथ बोलेरो कैंफर एक है। इन संसाधनों में एक-एक की और जरूरत है। वहीं आगे से बचाव के लिए एक फ्लोट पंप मिला है, जिससे कहीं भी पानी भरा जा सकता है, जैसे तालाब, नहर, पोखरा। इस संसाधनों के जरिए जिले में आग लगने की घटना पर नियंत्रण किया जाता है।
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