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बैंक की लाइन में बीमार, अस्पताल में मौत
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:34 AM IST
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बृजमनगंज बैंक में पैसा निकालने गये रिटायर्ड रेलकर्मी के मौत के बाद रोते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज/बृजमनगंज। एसबीआई शाखा बृजमनगंज पर मंगलवार को नकदी निकालने गए रिटायर्ड रेल कर्मी की लाइन में तबीयत खराब हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बृजमनगंज क्षेत्र के बचगंगपुर के नरायनपुर निवासी शब्बीर अली(75) मंगलवार को स्टेट बैंक की शाखा बृजमनगंज में पैसा निकालने के लिए अपने भाई महमूद के साथ गए थे। दो हजार रुपये का विड्राल भर कर सुबह आठ बजे ही लाइन में खड़े हो गए। सुबह 11 बजे के करीब वह जमीन पर गिर गए। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ती देख लोगों ने तत्काल 108 नं की एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देेर में एंबुलेंस पहुंच गई।
शब्बीर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बृजमनगंज ले जाया गया। जहां पर पहुंचते ही थोडी देर में शब्बीर ने दम तोड़ दिया। उनके मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र रईश ने बताया कि वह खेती की जरूरत के लिए पैसा निकालने के लिए एक सप्ताह से बैंक का चक्कर लगा रहे थे। लेकिन पैसा न मिल पाने के कारण परेशान थे। मौत के बाद परिजन शव को घर ले गए।
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नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार, नोट बंदी के बाद से जहां आम उपभोक्ता पैसे निकालने के लिये परेशान है। वहीं बैंक में कैश की कमी से लोगों को उनकी जरूरत भर का पैसा नही मिल पा रहा है। लगभग बीस दिन से ज्यादा समय से बंद पड़ा एसबीआई का एटीएम भी आम लोगों की परेशानी को और भी बढा रहा है। रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एसबीआई का एटीएम नोट बंदी के बाद महज दो से तीन दिन ही खुला उसके बाद से बंद पड़ा हैं।
नगर के बैंक आफ बडौदा, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक के एटीएम हफ्ते से ज्यादा दिनों से बंद पड़े है। वही सेन्ट्रल बैंक और एचडीएफसी बैंक के एटीएम खुलने के बावजूद भी भारी भीड़ के कारण कुछ ही घंटे में कैश खत्म होने के कारण बंद हो जा रहे हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसबीआई नौतनवा शाखा के बैंक मैनेजर कृष्ण प्रसाद का कहना है कि कैश की कमी के कारण एटीएम मशीन बंद है। कैश आने के बाद एटीएम खोल दिया जायेगा।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के सभी बैंकों ने मंगलवार को पेमेंट दिए। साढ़े चार बजे पंजाब नेशनल बैंक से गेट के बाहर लाईन लगे पचास से अधिक लोग निराश लौटे। बावजूद वहां करीब छह बजे तक निकासी होती रही । अड्डा के स्टेट बैंक मे साढ़े छह बजे तक काउंटर पर भुगतान लेते रहे।
चिउटहां प्रतिनिधि के अनुसार, नोट बंदी के लगभग डेढ़ माह बाद भी लोगो की समस्याओं का निदान होता नही दिख रहा है । जिससे लोगों का गुस्सा धीरे -धीरे बढ़ता जा रहा है। भुगतान के लिए बैंको पर लोगो की लम्बी भीड़ खत्म होने का नाम ही नही ले रही है ,ठीक ऐसा ही नजारा दिखा सोमवार को बलुअही धूस स्थित पूर्वांचल बैंक पर जहाँ सुबह होते ही लोग अपने घरों से बैंक का रुख करना शुरू कर दिए और लम्बी कतार लग गयी।
बताते चलें कि क्षेत्र के लिए यही एक बैंक है जहां बरवा कला, चिउटहा,मीरगंज,कमहरियां, मथनियां, लक्ष्मीपुर, एकडंगा, रामपुर, परासिया, रतनपुर, गौनारिया, लक्ष्मीपुर कोर्ट, लक्ष्मीपुर कला आदि गांवों के लोग आते हैं। लोगों का कहना है कि तीन दिनों से लगातार बैंक आने के बाद पता चलता था कि पैसा ही नहीं है, जिससे काफी दिक्कत हुई। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि कैश की कमी के कारण तीन दिनों तक भुगतान प्रभावित रहा। यही स्थिति क्षेत्र के सभी पूर्वाचल बैंकों की रही।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, नोटबंदी के 43 दिन बीतने के बाद भी नकदी की समस्या जस की तस है। फरेंदा क्षेत्र के एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस, केनरा बैंक, एचडीएफसी व बैैक आफ बड़ौदा सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा बैंक है। लेकिन किसी भी बैंक पर पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं है। इसके कारण ग्राहक सुबह पांच बजे से लाइन लगा कर खडे़ हो जा रहे हैं। क्षेत्र के भैया फरेंदा में सोमवार को वृद्ध की तबीयत बिगड़ गई। वह लाइन में बेहोश होकर गिर गया। लोगों के सहयोग उसको होश में लाया गया। एसबीआई कृषि पर भी एक महिला बेहोश हो गई।
रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, नौतनवां थाना क्षेत्र के खोरिया बाजार एसबीआई में मंगलवार को एक सप्ताह बाद कैश आते ही ग्राहकों की भारी भीड़ लग गई। महिला व पुरुष उपभोक्ताओं ने रात्रि से ही लंबी लाईन लगा लिए है। कैश न मिल पाने से परेशान लोग सरकारी व्यवस्था को कोसते रहे। सुधीर, डब्लू पाठक, रामप्यारे यादव, सुक्खू, कमलावती, विंद्रावती, रीता, शांति, अशोक आदि ने बताया कि कैश की समस्या से काम नही हो पा रहा है। शाखा प्रबंधक परमहंस प्रसाद ने लोगों में चाय बंटवाई। बताया कि ऊपर से कैश न आने से परेशानी हो रही है। कई दिनों बाद कैश आया है सभी लोगों को कैश के अनुरुप भुगतान किया जा रहा ह।
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बृजमनगंज क्षेत्र के बचगंगपुर के नरायनपुर निवासी शब्बीर अली(75) मंगलवार को स्टेट बैंक की शाखा बृजमनगंज में पैसा निकालने के लिए अपने भाई महमूद के साथ गए थे। दो हजार रुपये का विड्राल भर कर सुबह आठ बजे ही लाइन में खड़े हो गए। सुबह 11 बजे के करीब वह जमीन पर गिर गए। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ती देख लोगों ने तत्काल 108 नं की एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देेर में एंबुलेंस पहुंच गई।
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शब्बीर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बृजमनगंज ले जाया गया। जहां पर पहुंचते ही थोडी देर में शब्बीर ने दम तोड़ दिया। उनके मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र रईश ने बताया कि वह खेती की जरूरत के लिए पैसा निकालने के लिए एक सप्ताह से बैंक का चक्कर लगा रहे थे। लेकिन पैसा न मिल पाने के कारण परेशान थे। मौत के बाद परिजन शव को घर ले गए।
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नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार, नोट बंदी के बाद से जहां आम उपभोक्ता पैसे निकालने के लिये परेशान है। वहीं बैंक में कैश की कमी से लोगों को उनकी जरूरत भर का पैसा नही मिल पा रहा है। लगभग बीस दिन से ज्यादा समय से बंद पड़ा एसबीआई का एटीएम भी आम लोगों की परेशानी को और भी बढा रहा है। रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एसबीआई का एटीएम नोट बंदी के बाद महज दो से तीन दिन ही खुला उसके बाद से बंद पड़ा हैं।
नगर के बैंक आफ बडौदा, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक के एटीएम हफ्ते से ज्यादा दिनों से बंद पड़े है। वही सेन्ट्रल बैंक और एचडीएफसी बैंक के एटीएम खुलने के बावजूद भी भारी भीड़ के कारण कुछ ही घंटे में कैश खत्म होने के कारण बंद हो जा रहे हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसबीआई नौतनवा शाखा के बैंक मैनेजर कृष्ण प्रसाद का कहना है कि कैश की कमी के कारण एटीएम मशीन बंद है। कैश आने के बाद एटीएम खोल दिया जायेगा।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के सभी बैंकों ने मंगलवार को पेमेंट दिए। साढ़े चार बजे पंजाब नेशनल बैंक से गेट के बाहर लाईन लगे पचास से अधिक लोग निराश लौटे। बावजूद वहां करीब छह बजे तक निकासी होती रही । अड्डा के स्टेट बैंक मे साढ़े छह बजे तक काउंटर पर भुगतान लेते रहे।
चिउटहां प्रतिनिधि के अनुसार, नोट बंदी के लगभग डेढ़ माह बाद भी लोगो की समस्याओं का निदान होता नही दिख रहा है । जिससे लोगों का गुस्सा धीरे -धीरे बढ़ता जा रहा है। भुगतान के लिए बैंको पर लोगो की लम्बी भीड़ खत्म होने का नाम ही नही ले रही है ,ठीक ऐसा ही नजारा दिखा सोमवार को बलुअही धूस स्थित पूर्वांचल बैंक पर जहाँ सुबह होते ही लोग अपने घरों से बैंक का रुख करना शुरू कर दिए और लम्बी कतार लग गयी।
बताते चलें कि क्षेत्र के लिए यही एक बैंक है जहां बरवा कला, चिउटहा,मीरगंज,कमहरियां, मथनियां, लक्ष्मीपुर, एकडंगा, रामपुर, परासिया, रतनपुर, गौनारिया, लक्ष्मीपुर कोर्ट, लक्ष्मीपुर कला आदि गांवों के लोग आते हैं। लोगों का कहना है कि तीन दिनों से लगातार बैंक आने के बाद पता चलता था कि पैसा ही नहीं है, जिससे काफी दिक्कत हुई। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि कैश की कमी के कारण तीन दिनों तक भुगतान प्रभावित रहा। यही स्थिति क्षेत्र के सभी पूर्वाचल बैंकों की रही।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, नोटबंदी के 43 दिन बीतने के बाद भी नकदी की समस्या जस की तस है। फरेंदा क्षेत्र के एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस, केनरा बैंक, एचडीएफसी व बैैक आफ बड़ौदा सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा बैंक है। लेकिन किसी भी बैंक पर पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं है। इसके कारण ग्राहक सुबह पांच बजे से लाइन लगा कर खडे़ हो जा रहे हैं। क्षेत्र के भैया फरेंदा में सोमवार को वृद्ध की तबीयत बिगड़ गई। वह लाइन में बेहोश होकर गिर गया। लोगों के सहयोग उसको होश में लाया गया। एसबीआई कृषि पर भी एक महिला बेहोश हो गई।
रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, नौतनवां थाना क्षेत्र के खोरिया बाजार एसबीआई में मंगलवार को एक सप्ताह बाद कैश आते ही ग्राहकों की भारी भीड़ लग गई। महिला व पुरुष उपभोक्ताओं ने रात्रि से ही लंबी लाईन लगा लिए है। कैश न मिल पाने से परेशान लोग सरकारी व्यवस्था को कोसते रहे। सुधीर, डब्लू पाठक, रामप्यारे यादव, सुक्खू, कमलावती, विंद्रावती, रीता, शांति, अशोक आदि ने बताया कि कैश की समस्या से काम नही हो पा रहा है। शाखा प्रबंधक परमहंस प्रसाद ने लोगों में चाय बंटवाई। बताया कि ऊपर से कैश न आने से परेशानी हो रही है। कई दिनों बाद कैश आया है सभी लोगों को कैश के अनुरुप भुगतान किया जा रहा ह।