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Maharajganj News: रंगों के सहारे कराया जाएगा बच्चों को अक्षर ज्ञान
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-आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे जाएंगे कलर और बुक
- जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्राथमिक शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए उनको रंगों और अक्षरों का ज्ञान कराया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर किताबों और रंगों को पहुंचाने का काम पूरा किया जा रहा है। एक जुलाई से नए माध्यम से बच्चों की पढ़ाई होगी।
आंगनबाड़ी बाल वाटिकाओं में छह साल तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास द्वारा 1200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। बच्चों को शब्द ज्ञान के साथ-साथ रंगों एवं आकार का ज्ञान भी कराया जाएगा। इसके तहत सभी केंद्रों पर रंग, किताबें एवं चटाई भेजी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बच्चों को रंगों की पहचान कराई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को अक्षर ज्ञान कराया जाएगा। केंद्रों की दीवारें बच्चों काे आकर्षित करने के लिए फलों, सब्जियों, फूलों, अक्षरों व गिनती से सजाई गई हैं। बच्चों में खेल के साथ-साथ शिक्षित किया जाएगा।
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प्री प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिकाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें बच्चों को शिक्षा का प्रारंभिक ज्ञान कराया जा रहा है। सभी केंद्रों पर किताबें एवं जरूरी शिक्षण सामग्री भेजी जा रही है। जहां किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। वहां जल्द ही किताबें पहुंचाई जाएंगी।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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- जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्राथमिक शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए उनको रंगों और अक्षरों का ज्ञान कराया जाएगा। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर किताबों और रंगों को पहुंचाने का काम पूरा किया जा रहा है। एक जुलाई से नए माध्यम से बच्चों की पढ़ाई होगी।
आंगनबाड़ी बाल वाटिकाओं में छह साल तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास द्वारा 1200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। बच्चों को शब्द ज्ञान के साथ-साथ रंगों एवं आकार का ज्ञान भी कराया जाएगा। इसके तहत सभी केंद्रों पर रंग, किताबें एवं चटाई भेजी जाएगी।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बच्चों को रंगों की पहचान कराई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को अक्षर ज्ञान कराया जाएगा। केंद्रों की दीवारें बच्चों काे आकर्षित करने के लिए फलों, सब्जियों, फूलों, अक्षरों व गिनती से सजाई गई हैं। बच्चों में खेल के साथ-साथ शिक्षित किया जाएगा।
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प्री प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिकाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें बच्चों को शिक्षा का प्रारंभिक ज्ञान कराया जा रहा है। सभी केंद्रों पर किताबें एवं जरूरी शिक्षण सामग्री भेजी जा रही है। जहां किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। वहां जल्द ही किताबें पहुंचाई जाएंगी।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी