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Maharajganj News: सीसीटीवी से निगरानी, रात्रि गश्त.. तस्करों का सिंडिकेट तोड़ने में मददगार
Fri, 27 Dec 2024 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:58 AM IST
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महराजगंज। भारत नेपाल बार्डर के सीमावर्ती इलाकों से लेकर संदिग्ध स्थान पर पुलिस की निगरानी तेज हो गई है। इन दिनों पुलिस टीम रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही कंट्रोल रूम के जरिए सीसीटीवी कैमरे से निगरानी में जुटी हुई है। पुलिस टीम इस व्यवस्था को अपनाकर तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने में सफल भी हो रही है। खासकर सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष रूप से सतर्कता बरती जा रही है। वही पुलिस के लगातार कार्रवाई से अवैध धंधेबाजों में हड़कंप मच हुआ है।
पिछले कुछ दिनों से भारत नेपाल की 84 किलोमीटर की खुली बार्डर पर अवैध तरीके से खाद्य सामाग्री, कपड़ा, सहित अन्य वस्तुओं की तस्करी पर पुलिस टीम लगाम लगाने में काफी हद तक सफल साबित हो रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले जिले के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से अवैध सामान की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी। इधर कुछ दिनों से पुलिस तस्करों का सिंडिकेट तोड़ने में सफल साबित हो रही है। क्योंकि पुलिस की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। ऐसे में अब पुलिस टीम तस्करी की अवैध सामान को बरामद करने के साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तारी कर ले रही है। इसका असर सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करों के बीच हलचल से देखा जा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद से बार्डर के अधिकांश पगडंडियों पर पुलिस हर वक्त निगरानी रख रही है। माना जाता है कि तस्कर भारत और नेपाल राष्ट्र के बाजारों को तुलना कर सामान की तस्करी करते हैं। इससे उन्हें कम खर्च में मोटा मुनाफा होता है। बार्डर पर दोनों देशों के तस्करों के इस काले करतूत को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं की टोली और महिलाएं मददगार बनती है। यही कारण है कि बार्डर से तमाम सामान की तस्करी के साथ ही घुसपैठ करने की अधिकांश संभावना बनी रहती है। फिलहाल इन दिनों पुलिस भी लगातार तस्करी करने वाले गिरोह और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनकी सिंडिकेट तोड़ने में जुटी हुई है।
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पिछले कुछ दिनों से भारत नेपाल की 84 किलोमीटर की खुली बार्डर पर अवैध तरीके से खाद्य सामाग्री, कपड़ा, सहित अन्य वस्तुओं की तस्करी पर पुलिस टीम लगाम लगाने में काफी हद तक सफल साबित हो रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले जिले के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से अवैध सामान की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी। इधर कुछ दिनों से पुलिस तस्करों का सिंडिकेट तोड़ने में सफल साबित हो रही है। क्योंकि पुलिस की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। ऐसे में अब पुलिस टीम तस्करी की अवैध सामान को बरामद करने के साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तारी कर ले रही है। इसका असर सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करों के बीच हलचल से देखा जा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद से बार्डर के अधिकांश पगडंडियों पर पुलिस हर वक्त निगरानी रख रही है। माना जाता है कि तस्कर भारत और नेपाल राष्ट्र के बाजारों को तुलना कर सामान की तस्करी करते हैं। इससे उन्हें कम खर्च में मोटा मुनाफा होता है। बार्डर पर दोनों देशों के तस्करों के इस काले करतूत को बढ़ावा देने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं की टोली और महिलाएं मददगार बनती है। यही कारण है कि बार्डर से तमाम सामान की तस्करी के साथ ही घुसपैठ करने की अधिकांश संभावना बनी रहती है। फिलहाल इन दिनों पुलिस भी लगातार तस्करी करने वाले गिरोह और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनकी सिंडिकेट तोड़ने में जुटी हुई है।
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