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Maharajganj News: एक्सईएन, एसडीओ और जेई पर केस दर्ज
Sun, 28 Jul 2024 04:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Jul 2024 04:05 AM IST
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निचलौल। शहर स्थित विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर शुक्रवार को तकनीकी दिक्कत ठीक कर रहे दो संविदा लाइनमैन करंट की चपेट में आने से झुलस गए थे। हादसे में एक की मौत हो गई। पुलिस ने मृत लाइनमैन की पत्नी की तहरीर पर एक्सईएन, एसडीओ और जेई ग्रामीण सहित कई अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
चौक थाना क्षेत्र के दुधराई गांव निवासी अराधना सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पति हरिओम उर्फ सोनू सिंह करीब 10 साल से निचलौल विद्युत उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। पति शनिवार को ड्यूटी पर आए थे। करीब 4.30 बजे उपकेंद्र के जेई ग्रामीण व एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और अन्य कर्मी ने पति से कहा कि हाइडिल की लाइन खराब है शटडाउन कर रहा हूं, लाइट ठीक कर दो। पति ट्रांसफॉर्मर हाईडिल पर चढ़कर तकनीकी दिक्कतों को दूर करने लगे।
इसी बीच इन लोगों ने पति को बगैर बताए बिजली की सप्लाई चालू कर दी, जिससे करंट लगने से पति हरिओम उर्फ सोनू सिंह की झुलसकर मौत हो गई। हादसे के बाद जिम्मेदार घायल पति को हाईडिल में छोडकर भाग निकले। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया की मामले में लाइनमैन हरिओम की पत्नी अराधना सिंह की तहरीर पर आरोपी जेई ग्रामीण, एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के अलावा कई अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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मांग पूरा होने के बाद आधी रात को सड़क से हटे ग्रामीण
-केस दर्ज, 20 लाख मुआवजा, बच्चों के लिए आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी के आश्वासन पर बनी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर तकनीकी दिक्कतों को ठीक कर रहे संविदा कर्मी लाइनमैन हरिओम उर्फ सोनू सिंह की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ शव को निचलौल सिंदुरिया मुख्य मार्ग पर रखकर जाम कर दिया था। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। साढ़े छह घंटे बाद 12 बजे रात में जेई ग्रामीण, एसडीओ और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के अलावा अन्य कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज होने और आर्थिक मदद के रुप में 20 लाख रुपये मुआवजा, बेटे पियूष और बेटी राधिका के पालन पोषण के लिए आर्थिक मदद और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के आश्वासन पर लोगों ने जाम खत्म कर दिया। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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18 घंटा ठप रही बिजली आपूर्ति
विद्युत उकपेंद्र के साउथ फीडर, नार्थ फीडर, कोहड़वल फीडर, बसुली फीडर से करीब एक लाख की आबादी जुड़ा हुआ है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर में तकनीकी दिक्कत ठीक करने के दौरान करंट की चपेट में आने से विद्युत कर्मी की मौत के बाद पूरी रात उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पाई। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बिजली आई, लेकिन महज कुछ ही देर बाद कट गई। फिर लगभग 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। लोगों के घरों के इन्वर्टर रात में ही जवाब दे गए। पानी खत्म हो गया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
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चौक थाना क्षेत्र के दुधराई गांव निवासी अराधना सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पति हरिओम उर्फ सोनू सिंह करीब 10 साल से निचलौल विद्युत उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। पति शनिवार को ड्यूटी पर आए थे। करीब 4.30 बजे उपकेंद्र के जेई ग्रामीण व एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और अन्य कर्मी ने पति से कहा कि हाइडिल की लाइन खराब है शटडाउन कर रहा हूं, लाइट ठीक कर दो। पति ट्रांसफॉर्मर हाईडिल पर चढ़कर तकनीकी दिक्कतों को दूर करने लगे।
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इसी बीच इन लोगों ने पति को बगैर बताए बिजली की सप्लाई चालू कर दी, जिससे करंट लगने से पति हरिओम उर्फ सोनू सिंह की झुलसकर मौत हो गई। हादसे के बाद जिम्मेदार घायल पति को हाईडिल में छोडकर भाग निकले। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया की मामले में लाइनमैन हरिओम की पत्नी अराधना सिंह की तहरीर पर आरोपी जेई ग्रामीण, एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के अलावा कई अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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मांग पूरा होने के बाद आधी रात को सड़क से हटे ग्रामीण
-केस दर्ज, 20 लाख मुआवजा, बच्चों के लिए आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी के आश्वासन पर बनी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर तकनीकी दिक्कतों को ठीक कर रहे संविदा कर्मी लाइनमैन हरिओम उर्फ सोनू सिंह की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ शव को निचलौल सिंदुरिया मुख्य मार्ग पर रखकर जाम कर दिया था। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। साढ़े छह घंटे बाद 12 बजे रात में जेई ग्रामीण, एसडीओ और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के अलावा अन्य कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज होने और आर्थिक मदद के रुप में 20 लाख रुपये मुआवजा, बेटे पियूष और बेटी राधिका के पालन पोषण के लिए आर्थिक मदद और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के आश्वासन पर लोगों ने जाम खत्म कर दिया। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
18 घंटा ठप रही बिजली आपूर्ति
विद्युत उकपेंद्र के साउथ फीडर, नार्थ फीडर, कोहड़वल फीडर, बसुली फीडर से करीब एक लाख की आबादी जुड़ा हुआ है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर में तकनीकी दिक्कत ठीक करने के दौरान करंट की चपेट में आने से विद्युत कर्मी की मौत के बाद पूरी रात उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पाई। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बिजली आई, लेकिन महज कुछ ही देर बाद कट गई। फिर लगभग 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। लोगों के घरों के इन्वर्टर रात में ही जवाब दे गए। पानी खत्म हो गया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।