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Maharajganj News: पराली जलाने वाले दस किसानों पर केस दर्ज, 25 हजार का जुर्माना

Sun, 19 Nov 2023 11:58 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Nov 2023 11:58 PM IST
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Case registered against ten farmers for burning stubble, fine of Rs 25 thousand
पनियरा में पराली जलाते लोग ।संवाद
- रोक के बाद भी पराली जला रहे किसान, हवा हुई खराब, एक्यूआई पहुंचा 157
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- एक सप्ताह के अंदर सदर तहसील क 90 किसानों पर लगा ढाई लाख जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। रोक के बाद भी पराली जलाने वाले दस किसानों पर केस दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। लगातार किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली के कारण हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 157 पहुंच गया है। इसके कारण शहर की हवा पूरी तरह से खराब हो गई है। इलाके में पुलिस प्रशासन की टीम कड़ी निगरानी कर रही है।
सदर तहसील में करीब एक सप्ताह के अंदर 90 किसानों पर ढाई लाख जुर्माना लगाया जा चुका है। 13 किसानों पर केस दर्ज कराया जा चुका है। यह तो सिर्फ सदर तहसील क्षेत्र की तस्वीर है। इसी तरह से अन्य तहसीलों में भी केस दर्ज कराने के साथ ही जुर्माना वसूला गया है।
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प्रशासनिक जतन व प्रतिबंध के बाद भी पराली जलाने की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। रविवार को सूचना मिली कि गबडुआ गांव के सिवान में पराली जलाई जा रही है। एसएसबी कैंप के पीछे रामपुर बुजुर्ग और गबडु़अवा गांव के सिवान में कुछ किसान पराली जला रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार घुघुली, कतरारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने पराली में लगी आग को बुझाया और उन किसानों को चिह्नित करने के लिए राजस्व कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। पराली जलाने के मामले में दस किसानों के खिलाफ केस दर्ज कर 25 हजार रुपया की जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। नायब तहसीलदार विवेक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग और गबडु़अवा गांव के 10 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है। 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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फोटो
पराली जलाने से मित्र किट मर जाते हैं। खेत की उर्वरा शक्ति का क्षरण होने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषित होता है। वहीं, पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ जाती है। परंपरागत बुवाई के तरीकों की तुलना में हैप्पी सीडर के उपयोग से 20 प्रतिशत अधिक लाभ हो सकता है। इन तकनीकों के बारे में किसानों में जागरूकता की कमी है।

अमरेंद्र शर्मा, विज्ञान शिक्षक
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पराली जलने से रोकने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूकता दिखानी होगी। इससे होने वाले नुकसान को समझना होगा। केंचुआ को किसानों का दोस्त माना जाता है। वह जमीन को भुरभुरा बनाता है। जिससे उसकी उर्वरा शक्ति बढ़ती है। पराली जलाने से केंचुआ समेत अन्य बैक्टीरिया मर जाते हैं। इससे फसल की पैदावार पर असर पड़ता है, साथ ही पर्यावरण भी दूषित होता है।
अखिलेश पाठक, शिक्षक नेता
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