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Maharajganj News: नहर की नहीं हुई सफाई, पंपिंग सेट से हो रही सिंचाई
Tue, 02 Jan 2024 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 02 Jan 2024 12:46 AM IST
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घुघली। क्षेत्र में खेतों की सिचाई नहरों से करना काफी मुश्किल काम हो गया है। वर्षों से राजवाहों व माइनरों की सफाई नहीं हुई है। अगर सफाई हुई भी तो सिर्फ जेसीबी मशीन से वह भी केवल सिल्ट निकासी हुई है। सिल्ट निकालकर नहरों की पटरियों पर रख दी गई।
जानकारी के अनुसार, 60 किलोमीटर की लंबाई वाले कप्तानगंज रजवाहा जनपद के बरवा कला कोठी से नारायणी शाखा से निकली हुई है। यह रजवाहा जनपद में 24 किलोमीटर तक फैली है। चार दर्जन से अधिक गांवों की सिंचाई व्यवस्था इसी नहर पर टिकी है। रजवाहों की चौड़ाई 12 मीटर तक होनी चाहिए। सफाई न होने से सिंचाई क्षमता 70 फीसदी कम हो गई है। इन नहरों की मानक क्षमता 1.10 क्यूसेक होनी चाहिए, लेकिन सफाई न होने से 50 सेमी भी पानी का दबाव तटबंध नहीं रोक पाता है।
किसान राम ध्यान मल्ल, विद्या सिंह, सुरेंदर, विनोद पाण्डेय, भरत शुक्ल ने चौमुखा माइनर में बिगत तीन वर्षों से पानी ही नहीं आया है। बीच में घास उगी है। यहां तो नहर का वजूद ही समाप्त हो गया है। खेतों की सिंचाई पंपिंग सेट से की जाती है। अवर अभियंता रूपेश वर्मा ने कहा की नहरों की सफाई हुई है। कुछ जगह नहीं हुई है। पानी का दबाव बढ़ने पर पानी पहुंच जाएगा। संवाद
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जानकारी के अनुसार, 60 किलोमीटर की लंबाई वाले कप्तानगंज रजवाहा जनपद के बरवा कला कोठी से नारायणी शाखा से निकली हुई है। यह रजवाहा जनपद में 24 किलोमीटर तक फैली है। चार दर्जन से अधिक गांवों की सिंचाई व्यवस्था इसी नहर पर टिकी है। रजवाहों की चौड़ाई 12 मीटर तक होनी चाहिए। सफाई न होने से सिंचाई क्षमता 70 फीसदी कम हो गई है। इन नहरों की मानक क्षमता 1.10 क्यूसेक होनी चाहिए, लेकिन सफाई न होने से 50 सेमी भी पानी का दबाव तटबंध नहीं रोक पाता है।
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किसान राम ध्यान मल्ल, विद्या सिंह, सुरेंदर, विनोद पाण्डेय, भरत शुक्ल ने चौमुखा माइनर में बिगत तीन वर्षों से पानी ही नहीं आया है। बीच में घास उगी है। यहां तो नहर का वजूद ही समाप्त हो गया है। खेतों की सिंचाई पंपिंग सेट से की जाती है। अवर अभियंता रूपेश वर्मा ने कहा की नहरों की सफाई हुई है। कुछ जगह नहीं हुई है। पानी का दबाव बढ़ने पर पानी पहुंच जाएगा। संवाद
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