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Maharajganj News: फोन किया आत्मदाह करने जा रही हूं.. पुलिस के पहुंचने तक जल चुकी थी
Wed, 09 Oct 2024 04:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 09 Oct 2024 04:26 AM IST
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चारपाई पर महिला को लेकर जाते पुलिस कर्मी।
महराजगंज।
सास, ननद के आए दिन के तानों से तंग आकर 35 साल की कुसुम ने जो फैसला किया उसने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। कुसुम ने आत्मदाह कर लिया। उससे पहले उसने पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी भी दे दी थी, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती वह जल चुकी थी। पुलिसवाले चारपाई पर रखकर भागते हुए उसे गाड़ी तक ले गए, लेकिन जब तक अस्पताल पहुंचते कुसुम की सांसों ने उसका साथ छोड़ दिया था। कुसुम के फैसले से उसका पति और दोनों बच्चे स्तब्ध और सदमे में हैं।
ठूठीबारी क्षेत्र के राजाबारी गांव की कुसुम की शादी नौतनवा के विष्णपुरी मोहल्ले के किशोर से 2014 में हुई थी। दोनों के दो बच्चे अनूप (8) व अनुराग (10) हैं। दोनों एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। मंगलवार को दोनों बच्चे स्कूल गए थे, जबकि पति काम पर चला गया था। घर पर कुसुम अकेली थी। पुलिस की जांच में पता चला की सास, ननद व कुसुम के बीच अनबन रहती थी। छोटी-छोटी बात सास टोकती रहती थी। इससे कुसुम परेशान हो गई थी। इसलिए उसने जान देने का फैसला कर लिया।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उसने नौतनवा थाने पर फोन कर आत्मदाह करने की बात कही और फोन काट दिया। पुलिस ने सविलांस से उसका पता मालूम किया और कुछ ही मिनटों के बाद विष्णपुरी मोहल्ले पहुंच गई। घर तक गाड़ी जाने का रास्ता नहीं था, तो भागते हुए उसके घर पहुंची। खिड़की का पर्दा हटाकर देखा तो कमरे में वह जल रही थी। किसी तरह दरवाजा तोड़ कर पुलिस अंदर पहुंची और आग बुझाकर उसे चारपाई पर लादकर भागते हुए गाड़ी तक पहुंचे। वहां से सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
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कुसुम की मौत के बाद फॉरेंसिक टीम जांच करने घर पहुंची तो उन्हें एक पत्र मिला। पुलिस के अनुसार, पत्र में उसने सास और ननद-ननदोई द्वारा ताना मारने की बात लिखी थी। कुसुम के पत्र लिखने के पीछे माना जा रहा है कि शायद वह नहीं चाहती थी कि पुलिस उसके पति व बच्चों को परेशान करे। इस वजह से उसने मरने के पहले पूरी बात पत्र में लिख दी। पुलिस के अनुसार सास के अनबन होने का कोई बड़ा मामला नहीं था। अगर ऐसा रहता तो विवाद का मामला थाने में आया होता। नौतनवा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, मायके वालों को बुलाया गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
उधर, स्कूल से घर आने के बाद बच्चों को जब मां की मौत का पता चला तो दोनों दहाड़े मार कर रोने लगे। कुसुम का पति घटना से आहत है। उसने बताया कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि यह सब कैसे हो गया। मां से अनबन रहती थी, लेकिन कुसुम ऐसा कदम उठा लेगी, सपने में भी नहीं सोचा था। बस चलाकर किसी तरह से बच्चों को पढढ़ता-लिखाता हूं। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी। यह कहते हुए वह फफक पड़ा।
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सास, ननद के आए दिन के तानों से तंग आकर 35 साल की कुसुम ने जो फैसला किया उसने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। कुसुम ने आत्मदाह कर लिया। उससे पहले उसने पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी भी दे दी थी, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती वह जल चुकी थी। पुलिसवाले चारपाई पर रखकर भागते हुए उसे गाड़ी तक ले गए, लेकिन जब तक अस्पताल पहुंचते कुसुम की सांसों ने उसका साथ छोड़ दिया था। कुसुम के फैसले से उसका पति और दोनों बच्चे स्तब्ध और सदमे में हैं।
ठूठीबारी क्षेत्र के राजाबारी गांव की कुसुम की शादी नौतनवा के विष्णपुरी मोहल्ले के किशोर से 2014 में हुई थी। दोनों के दो बच्चे अनूप (8) व अनुराग (10) हैं। दोनों एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। मंगलवार को दोनों बच्चे स्कूल गए थे, जबकि पति काम पर चला गया था। घर पर कुसुम अकेली थी। पुलिस की जांच में पता चला की सास, ननद व कुसुम के बीच अनबन रहती थी। छोटी-छोटी बात सास टोकती रहती थी। इससे कुसुम परेशान हो गई थी। इसलिए उसने जान देने का फैसला कर लिया।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उसने नौतनवा थाने पर फोन कर आत्मदाह करने की बात कही और फोन काट दिया। पुलिस ने सविलांस से उसका पता मालूम किया और कुछ ही मिनटों के बाद विष्णपुरी मोहल्ले पहुंच गई। घर तक गाड़ी जाने का रास्ता नहीं था, तो भागते हुए उसके घर पहुंची। खिड़की का पर्दा हटाकर देखा तो कमरे में वह जल रही थी। किसी तरह दरवाजा तोड़ कर पुलिस अंदर पहुंची और आग बुझाकर उसे चारपाई पर लादकर भागते हुए गाड़ी तक पहुंचे। वहां से सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
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कुसुम की मौत के बाद फॉरेंसिक टीम जांच करने घर पहुंची तो उन्हें एक पत्र मिला। पुलिस के अनुसार, पत्र में उसने सास और ननद-ननदोई द्वारा ताना मारने की बात लिखी थी। कुसुम के पत्र लिखने के पीछे माना जा रहा है कि शायद वह नहीं चाहती थी कि पुलिस उसके पति व बच्चों को परेशान करे। इस वजह से उसने मरने के पहले पूरी बात पत्र में लिख दी। पुलिस के अनुसार सास के अनबन होने का कोई बड़ा मामला नहीं था। अगर ऐसा रहता तो विवाद का मामला थाने में आया होता। नौतनवा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, मायके वालों को बुलाया गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
उधर, स्कूल से घर आने के बाद बच्चों को जब मां की मौत का पता चला तो दोनों दहाड़े मार कर रोने लगे। कुसुम का पति घटना से आहत है। उसने बताया कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि यह सब कैसे हो गया। मां से अनबन रहती थी, लेकिन कुसुम ऐसा कदम उठा लेगी, सपने में भी नहीं सोचा था। बस चलाकर किसी तरह से बच्चों को पढढ़ता-लिखाता हूं। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी। यह कहते हुए वह फफक पड़ा।