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ठंडल की आग से बागीचे में लगे पेड़ जले
Mon, 06 May 2019 12:35 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 06 May 2019 12:35 AM IST
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ठंडल की आग से बागीचे में लगे पेड़ जले
- फोटो : अमर उजाला
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घुघली (महराजगंज)। क्षेत्र के मेदनीपुर गांव के पास आग लगने से दो एकड़ में फैले आम के बागीचे में लगे पेड़ जलकर राख हो गए। गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
लोगों ने बताया कि मेदनीपुर गांव के दक्षिण बागीचे के समीप एक किसान द्वारा डंठल जलाया जा रहा था। इस बीच चिंगारी बागीचे में पहुंची, जिससे सर्वदेव कृष्ण त्रिपाठी, रामप्रीत एवं दो अन्य लोगों का बागीचा जलकर राख हो गया। आग लगने के दौरान अफरातरफ मच गई। लोगों का यह लगा कि आग तेज हुई तो गांव में पहुंच जाएगी। लेकिन लोगों ने आग को बुझाने के लिए कड़ी मेहनत की। करीब घंटे पर बाद आग पर काबू पाया गया। उधर, ग्राम कतरारी में लगी आग से 60 से 70 ट्राली स्टोर किया हुआ भूसा जलकर राख हो गया। इसकी सूचना साबिर अली ने फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों ने ग्रामीणों के सहयोग से बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। आग बुझने से पहले सारा भूसा जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया। स्थानीय लोगों के अनुसार दो बार पहले भी इसी तरह भूसा में आग लग चुका है। साबिर अली भूसा को स्टोर करके रखते थे और कुछ दिनों के बाद अच्छे दाम पर इसे बेच देते थे। लेकिन इस बार उनका यह सौदा घाटे का हो गया। उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। तार के नीचे उगी हुई बड़ी बड़ी घास जलने लगी। हालांकि थोड़ी देर बाद आग अपने आप बुझ गई। तेज हवा चलने पर आपस में रगड़ खाने पर निकली चिंगारी से आग लगी।
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लोगों ने बताया कि मेदनीपुर गांव के दक्षिण बागीचे के समीप एक किसान द्वारा डंठल जलाया जा रहा था। इस बीच चिंगारी बागीचे में पहुंची, जिससे सर्वदेव कृष्ण त्रिपाठी, रामप्रीत एवं दो अन्य लोगों का बागीचा जलकर राख हो गया। आग लगने के दौरान अफरातरफ मच गई। लोगों का यह लगा कि आग तेज हुई तो गांव में पहुंच जाएगी। लेकिन लोगों ने आग को बुझाने के लिए कड़ी मेहनत की। करीब घंटे पर बाद आग पर काबू पाया गया। उधर, ग्राम कतरारी में लगी आग से 60 से 70 ट्राली स्टोर किया हुआ भूसा जलकर राख हो गया। इसकी सूचना साबिर अली ने फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों ने ग्रामीणों के सहयोग से बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। आग बुझने से पहले सारा भूसा जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया। स्थानीय लोगों के अनुसार दो बार पहले भी इसी तरह भूसा में आग लग चुका है। साबिर अली भूसा को स्टोर करके रखते थे और कुछ दिनों के बाद अच्छे दाम पर इसे बेच देते थे। लेकिन इस बार उनका यह सौदा घाटे का हो गया। उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। तार के नीचे उगी हुई बड़ी बड़ी घास जलने लगी। हालांकि थोड़ी देर बाद आग अपने आप बुझ गई। तेज हवा चलने पर आपस में रगड़ खाने पर निकली चिंगारी से आग लगी।
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