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चार परिवार फिर से घर बसाएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:29 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में फिर एक हुए दंपति
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प्रभारी जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। जिसमें चार परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया। दीवानी न्यायालय, फरेंदा व समस्त तहसील न्यायालयों में 599 वादों का निस्तारण कर 11560 रुपये अर्थदंड वसूला गया।
कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डॉ. बालमुकंद चौरसिया ने चार परिवारों को अलग होने से बचाया। जिसमें सुनीता सतीश ग्राम इलाहाबास, रूपम श्रीवास्तव, धीरेंद्र ग्राम महम्मदा, सुनैना, सुदर्शन चनगाही व मनीषा दीनदयाल ग्राम अहिरौली शामिल हैं। इनके बीच काफी दिनों से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। जिन्हें समझा बुझाकर एक किया गया।
लोक अदालत में कुल 505546 उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। 274592 प्रतिकर दिलवाया गया। जिला जज गोविन्द बल्लभ शर्मा ने 32 विद्युत वादों का निस्तारण किया। डॉ. बालमुकंद ने तीन वैवाहिक वाद व 13 भरण पोषण वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज चतुर्थ संजय डे ने दो एमएसीपी प्रकीर्ण वाद का निस्तारण किया जिसमें 274592 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने 34 फौजदारी वाद, सिविल जज वरिष्ठ खंड सर्वजीत कुमार सिंह सात फौजदारी वाद और चार उत्तराधिकार के मामले निपटाए। 505546 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया तथा एक सिविल वाद का निस्तारण हुआ।
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सिविल जज अवर खंड कुलदीप सिंह 137 फौजदारी और 18 सिविल वादों का निस्तारण किया। सिविल जज अवर खंड फरेंदा शीलवंत 34 आपराधिक वादों का निस्तारण किया। 3600 रुपये बतौर अर्थदंड की वसूली की गई। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व न्यायालयों में 314 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान जिनके केस निपटाए गए उन लोगों ने कहा कि अदालतों के चक्कर से मुक्ति मिल गई है।
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कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डॉ. बालमुकंद चौरसिया ने चार परिवारों को अलग होने से बचाया। जिसमें सुनीता सतीश ग्राम इलाहाबास, रूपम श्रीवास्तव, धीरेंद्र ग्राम महम्मदा, सुनैना, सुदर्शन चनगाही व मनीषा दीनदयाल ग्राम अहिरौली शामिल हैं। इनके बीच काफी दिनों से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। जिन्हें समझा बुझाकर एक किया गया।
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लोक अदालत में कुल 505546 उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। 274592 प्रतिकर दिलवाया गया। जिला जज गोविन्द बल्लभ शर्मा ने 32 विद्युत वादों का निस्तारण किया। डॉ. बालमुकंद ने तीन वैवाहिक वाद व 13 भरण पोषण वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज चतुर्थ संजय डे ने दो एमएसीपी प्रकीर्ण वाद का निस्तारण किया जिसमें 274592 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने 34 फौजदारी वाद, सिविल जज वरिष्ठ खंड सर्वजीत कुमार सिंह सात फौजदारी वाद और चार उत्तराधिकार के मामले निपटाए। 505546 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया तथा एक सिविल वाद का निस्तारण हुआ।
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सिविल जज अवर खंड कुलदीप सिंह 137 फौजदारी और 18 सिविल वादों का निस्तारण किया। सिविल जज अवर खंड फरेंदा शीलवंत 34 आपराधिक वादों का निस्तारण किया। 3600 रुपये बतौर अर्थदंड की वसूली की गई। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व न्यायालयों में 314 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान जिनके केस निपटाए गए उन लोगों ने कहा कि अदालतों के चक्कर से मुक्ति मिल गई है।