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Maharajganj News: सरकार की मदद में दलालों की सेंधमारी

Fri, 04 Jul 2025 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 04 Jul 2025 01:03 AM IST
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Brokers infiltrate in government's aid
महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव की सना ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने की सोची तो जालसाजी के भंवर में फंस गई। एजेंट के चक्कर में फंसकर वह जालसाजी का शिकार हो गई।
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सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जगह-जगह जालसाज सक्रिय हैं। उनकी विभागों से लेकर बैंकों पर सेटिंग होती है। सामान्य व्यक्ति को काम कराने में जहां कई दिन गुजर जाते हैं, वहीं धंधेबाज एक झटके में काम करा देते हैं। हर काम की रकम तय होती है। वे कहां, कैसे रकम खर्च कर काम कराते हैं, यह आवेदक को पता नहीं होता है। पीड़ित सना के पिता शमसुद्दीन ने बताया कि फरवरी में बेटी का साथ बैंक पर गया था तो वहां एक एजेंट से मुलाकात हुई थी। उसने योजना के तहत पांच लाख कर्ज दिलाने की बात कही। 14 फरवरी 2025 को ही सना के नाम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपये का लोन हो गया था। सूत्रों की मानें तो कर्ज की रकम भेजने के लिए चार कोटेशन लगाई गई थी।
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इसमें मेहंदी इलेक्ट्रॉनिक, अंसारी फर्नीचर, भोला किराना स्टोर और श्रेया ब्यूटी पार्लर के नाम शामिल हैं। अंसारी फर्नीचर के खाते में 1.15 लाख रुपये, श्रेया ब्यूटी पार्लर के खाते में 95 हजार, भोला किराना के खाते में 90 हजार व मेहंदी इलेक्ट्रॉनिक के खाते में 95 हजार रुपये भेज कर रकम का बंदरबांट कर लिया गया। रकम कोटेशन दाता के खाते में जाते ही दूसरे के खाते में ट्रांसफर करा दी गई।
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सूत्रों की मानें तो कोटेशन जिस फर्म का लगा है, उनको इस बारे में जानकारी नहीं है। हैरानी की बात है कि फर्म के खाते में रकम भेजकर निकल जाने के बाद भी संबंधित फर्म के मालिक की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इसे लेकर हर कोई सोचने को विवश है।

भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि उसके बारे में जानकारी से लोग सन्न हैं। इनमें शामिल दो फर्म के मालिक ने तो कोटेशन भी नहीं देने की बात कही। इस पूरे प्रकरण में रिकवरी एजेंट की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। वैसे इन तथ्यों के बारे में बैंक की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच की जा रही है। चर्चा है कि कई फर्मों का लेटर हेड एजेंट से छपवा कर रखा है। उसका उपयोग इसी तरह से जिम्मेदारों ने मिलकर वह करता है।
एजेंट का नाम कहीं लिखित तौर पर नहीं है। सूत्रों के मुताबिक उसकी भूमिका की जांच होने के बाद मामले की हकीकत की जानकारी हो सकेगी।
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