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Maharajganj News: दलाल पहले बनाते नशेड़ी फिर औने-पौने दाम पर लिखवाते जमीन

Sun, 17 Sep 2023 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 17 Sep 2023 02:18 AM IST
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Brokers first make drug addicts and then get land sold at throwaway prices.
महराजगंज। जमीन के दलालों के मकड़जाल में कोई फंसा तो निकलना मुश्किल हो जाता है, पहले यह अपना खर्च कर व्यक्ति को नशेड़ी बनाते हैं, फिर उसकी जमीन को औने पौने दाम पर लिखवा लेते हैं। अपने जाल में फंसाने के लिए ऐसे लोगों को चुनते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हों। रकम देकर उनकी जरूरत को पूरा करते हैं, उनको नशेड़ी बनाते हैं। रकम ज्यादा होने पर मांगने लगते हैं इनकी जाल में फंसने वाले व्यक्ति के पास जमीन देने के सिवाय कोई चारा नहीं रहता है।
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कोठीभार थाना क्षेत्र के सबया गांव शिवगोविंद के पास जाने पर उनका दर्द छलका। वह एक एक पूरी कहानी बयां किए। वह दो भाई हैं। उन्होंने बताया कि पिता रामदरश को नशेड़ी बनाकर कुछ लोगों ने जमीन लिखवा लिया। हमलोग हाथ मलते ही रह गए। पिता के नाम से 35 डिस्मिल जमीन थी। उनको धीरे धीरे नशे का आदी बनाया गया। जब वह नशे की गिरफ्त में फंस गए तो जिन लोगों ने रकम खर्च किया था, वे रकम की मांग करने लगे। पिता के पास जमीन के सिवाय कुछ नहीं था, तो उन्होंने गुरली गांव के एक व्यक्ति को 15 डिस्मिल जमीन 12 अक्तूबर 2020 को बैनामा कर दिया। जानकारी होने पर तहसील पहुंचा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमेशा नशे में रहने वाले पिता के आगे कुछ भी नहीं चला। अब परिवार गरीबी में जीवन गुजर बसर करने को विवश है। मजदूरी करके किसी तरह से परिवार का खर्च चलाया जाता है। इस तरह का दूसरा मामला कोठीभार थाना क्षेत्र के गौरी बढ़ैपुरवा गांव के रहने वाले जयराम के साथ भी हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका एक छोटा भाई संतोष है। पिता लालमन की मौत होने के बाद पैतृक जायदाद दोनों भाईयों के नाम से वरासत हो गई। छोटे भाई संतोष को कुछ लोगों ने नशेड़ी बना दिया। भाई नशे की लत में गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति के नाम अपनी 60 डिस्मिल भूमि को बैनामा करने के लिए 23 फरवरी 2023 को निचलौल तहसील पहुंच गया। लेकिन गनीमत रहा की मामले की भनक लगते ही तहसील पहुंच उक्त भूमि को बचा लिया गया। समय रहते तहसील पहुंचने पर जमीन बच गई नहीं तो पूरी जमीन हाथ से निकल गई तो उसके बच्चे दर दर ठोकर खाने को विवश हो जाते। उन्होंने बताया कि जमीन के दलालों का मकड़जाल ऐसा है कि उसे समझ पाना मुश्किल हो गया है। जागरूक रहकर ही अपना बचाव किया जा सकता है।
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निचलौल क्षेत्र के बरवा कृपाल गांव के रहने वाली प्रियंका ने बताया कि पति महेश को नशे की लत है। पति के नाम गांव से सटे सरकारी स्कूल के बगल में करीब 38 डिस्मिल जमीन पैतृक बचा था। जिस पर फसल लगाकर बच्चे माया (9) सत्यम (5) मोहिनी (3) शिवम (2) और अपनी जीविका चलाते थे। बीते दिनों रक्षाबंधन के पर्व पर वह चारों बच्चों को लेकर मायके पकड़ियार विशुनपुर गांव गई थी। इसी बीच गांव पति महेश ने नशे की हालत में एक व्यक्ति के झांसे में आकर जमीन को बैनामा कर दी। प्रियंका ने बताया कि अब तो जमीन बची नहीं है। बच्चों के भविष्य का क्या होगा। पति को नशेड़ी बनाकर जमीन लिखवा लिया गया। बैनामा होने के बाद पहुंची तो कुछ नहीं हुआ। घर गृहस्थी चलाना मुश्किल हो गया है।
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