{"_id":"692f512c7a475db6c80f8a6b","slug":"becoming-self-reliant-by-training-in-candle-making-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-165730-2025-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण देकर बना रहे आत्मनिर्भर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण देकर बना रहे आत्मनिर्भर
विज्ञापन
बाजार की मांग, पैकेजिंग और मार्केटिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रहीं
पिपरा काजी गांव में महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा
महराजगंज। भारतीय स्टेट बैंक की संस्था ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महराजगंज की ओर से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास जारी है। संस्था की ओर से पिपरा काजी गांव में मोमबत्ती निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को मोमबत्ती बनाने की सभी तकनीकी विधियों, बाजार की मांग, पैकेजिंग और मार्केटिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।
आरसेटी निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि मोमबत्ती निर्माण एक ऐसा रोजगार है, जिसे कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है। मोमबत्ती की बिक्री हमेशा होती रहती है। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, समारोहों और घरेलू उपयोग में इसकी मांग बनी रहती है। इसी को देखते हुए ग्रामीण स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से स्वयं को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कच्चे माल की पहचान, मोम पिघलाने की प्रक्रिया, ढलाई, रंग और सुगंध मिलाने की विधि, डिजाइनिंग, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग जैसे पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों और अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सकें। कई महिलाएं पहले भी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर छोटे उद्योग संचालित कर रही हैं और अब नई प्रतिभागियों को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिपरा काजी गांव में महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा
महराजगंज। भारतीय स्टेट बैंक की संस्था ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महराजगंज की ओर से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास जारी है। संस्था की ओर से पिपरा काजी गांव में मोमबत्ती निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को मोमबत्ती बनाने की सभी तकनीकी विधियों, बाजार की मांग, पैकेजिंग और मार्केटिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।
आरसेटी निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि मोमबत्ती निर्माण एक ऐसा रोजगार है, जिसे कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है। मोमबत्ती की बिक्री हमेशा होती रहती है। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, समारोहों और घरेलू उपयोग में इसकी मांग बनी रहती है। इसी को देखते हुए ग्रामीण स्वरोजगार एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से स्वयं को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कच्चे माल की पहचान, मोम पिघलाने की प्रक्रिया, ढलाई, रंग और सुगंध मिलाने की विधि, डिजाइनिंग, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग जैसे पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों और अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सकें। कई महिलाएं पहले भी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर छोटे उद्योग संचालित कर रही हैं और अब नई प्रतिभागियों को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन