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Maharajganj News: सड़क की भूमि हड़पने की कोशिश, राजस्व कर्मियों समेत छह पर केस
Mon, 10 Feb 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 10 Feb 2025 12:44 AM IST
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महराजगंज। फरेंदा थाना क्षेत्र के भैसहिया गांव स्थित एक सड़क की भूचित्र में फर्जीवाड़ा कर कुछ लोगों ने राजस्व अभिलेखागार से नकल ले लिया। फिर उसी भूचित्र की मदद से सड़क की भूमि हड़पने की कोशिश की।
जानकारी होने पर पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपी धमकी देने लगे। मामले में पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दाखिल किया। इस मामले में पुलिस ने रविवार को कोर्ट के आदेश पर आरोपी राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारियों के साथ ही छह अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फरेंदा थाना क्षेत्र के भैसहिया निवासी देवनंदन त्रिपाठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि गांव स्थित गाटा संख्या 1126 से 1129 के संबंध में कुछ लोगों ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में 24 दिसंबर 2023 को धारा 24 के तहत पत्थर नसब करने के लिए आवेदन किया था।
इस दौरान उन्हें और भाई सत्येंद्र एवं माता ज्ञानमती के साथ ही अन्य कई लोगों को विपक्षी बनाया गया था। ऐसे में उन लोगों की ओर से नोटिस दिया गया।
फिर 17 मई 2024 को उक्त गाटा संख्या भूमि की पैमाइश के लिए लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। जहां पर टीम भूमि की पैमाइश कर चिह्नित करने लगी।
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इस दौरान उन लोगों ने फर्जी तरीके से पहले ही चिह्नित भूमि की भूचित्र की सत्यापित प्रतिलिपि राजस्व अभिलेखागार से जारी करवाकर फाइल में लगा दिया था। ऐसे में गाटा संख्या 1129 में से रकबा 0.027 हेक्टेयर चकमार्ग के लिए बगल की जमीन से सुरक्षित कर दिया गया। हालांकि संबंधित चकमार्ग का चकबंद लगभग आठ वर्ष पूर्व ही मनरेगा योजना के तहत राजस्व टीम ने पैमाइश किया था।
इतना ही नहीं उक्त चकबंदी को करीब 6 माह पूर्व ही इंटरलाकिंग भी करा दिया गया था। फिर भी उन लोगों ने गाटा संख्या 1129 में रकबा 0.027 हेक्टेयर सड़क की जमीन हड़पने के लिए 26 अक्तूबर 2023 को राजस्व अभिलेखागार के भू-चित्रकार एवं तुलनकर्ता तथा नकल जारी करने वाले लिपिक को झांसे में लेकर फर्जी भू-चित्र जारी करवा पत्थर नसब की कार्यवाही पत्रावली में लगा दी गई थी। ताकि भूमि की पैमाइश के वक्त सड़क की भूमि को चिह्नित कर हड़पा जा सके।
जिम्मेदारों की करतूत की जानकारी होने पर विरोध किया गया तो वह लोग इंटरलॉकिंग सड़क को ध्वस्त कर धमकी देने लगे। फरेंदा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत पाठक के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर आरोपी जितेंद्र, बाल्मीकि, हरिराम, प्रेमनारायन, महेश और राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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जानकारी होने पर पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपी धमकी देने लगे। मामले में पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दाखिल किया। इस मामले में पुलिस ने रविवार को कोर्ट के आदेश पर आरोपी राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारियों के साथ ही छह अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फरेंदा थाना क्षेत्र के भैसहिया निवासी देवनंदन त्रिपाठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि गांव स्थित गाटा संख्या 1126 से 1129 के संबंध में कुछ लोगों ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में 24 दिसंबर 2023 को धारा 24 के तहत पत्थर नसब करने के लिए आवेदन किया था।
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इस दौरान उन्हें और भाई सत्येंद्र एवं माता ज्ञानमती के साथ ही अन्य कई लोगों को विपक्षी बनाया गया था। ऐसे में उन लोगों की ओर से नोटिस दिया गया।
फिर 17 मई 2024 को उक्त गाटा संख्या भूमि की पैमाइश के लिए लेखपाल, राजस्व निरीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। जहां पर टीम भूमि की पैमाइश कर चिह्नित करने लगी।
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इस दौरान उन लोगों ने फर्जी तरीके से पहले ही चिह्नित भूमि की भूचित्र की सत्यापित प्रतिलिपि राजस्व अभिलेखागार से जारी करवाकर फाइल में लगा दिया था। ऐसे में गाटा संख्या 1129 में से रकबा 0.027 हेक्टेयर चकमार्ग के लिए बगल की जमीन से सुरक्षित कर दिया गया। हालांकि संबंधित चकमार्ग का चकबंद लगभग आठ वर्ष पूर्व ही मनरेगा योजना के तहत राजस्व टीम ने पैमाइश किया था।
इतना ही नहीं उक्त चकबंदी को करीब 6 माह पूर्व ही इंटरलाकिंग भी करा दिया गया था। फिर भी उन लोगों ने गाटा संख्या 1129 में रकबा 0.027 हेक्टेयर सड़क की जमीन हड़पने के लिए 26 अक्तूबर 2023 को राजस्व अभिलेखागार के भू-चित्रकार एवं तुलनकर्ता तथा नकल जारी करने वाले लिपिक को झांसे में लेकर फर्जी भू-चित्र जारी करवा पत्थर नसब की कार्यवाही पत्रावली में लगा दी गई थी। ताकि भूमि की पैमाइश के वक्त सड़क की भूमि को चिह्नित कर हड़पा जा सके।
जिम्मेदारों की करतूत की जानकारी होने पर विरोध किया गया तो वह लोग इंटरलॉकिंग सड़क को ध्वस्त कर धमकी देने लगे। फरेंदा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत पाठक के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर आरोपी जितेंद्र, बाल्मीकि, हरिराम, प्रेमनारायन, महेश और राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।