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Maharajganj News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली पोषण परामर्श के बारे में जानकारी
Thu, 07 Mar 2024 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 07 Mar 2024 01:03 AM IST
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महराजगंज। बुधवार को विकास भवन सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पोषण परामर्श को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण परामर्श पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।जिससे वह अति कुपोषित (सैम) बच्चों के माता पिता को एवं गर्भवती माता को पोषण संबंधी उचित परामर्श दे सकें।
यूनिसेफ मंडलीय समन्वयक पोषण मिशन सुरेश तिवारी ने बताया कि इस पोषण के माध्यम से गर्भवती/ पांच वर्ष से छोटे बच्चों के माता-पिता से उनके पिछले 24 घंटे के आहार के बारे में पूछते हैं। उन्होंने क्या, कब और कितनी बार खाया। जिसे पत्थर या गिट्टी वे माध्यम से इस पोषण तश्तरी में दर्शाते हुए पिछले 24 घंटे के भोजन का आकलन किया जाता है, तब उन्हें भोजन की बारंबारता, खाद्य समूहों, पोषण तत्वों व समय के बारे में उचित परामर्श दिया जाता है। ट्रेनर अनुराग सिंह ने बताया कि मातृ व शिशु दर अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक है। इसका मुख्य कारण महिलाओं में गर्भ व्यवस्था व प्रसव के बाद नवजात शिशु को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार का उचित ज्ञान नहीं होना है। महिलाएं इस दौरान खान पीन का उचित ध्यान रखें, तो मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी की जा सकती है। संवाद
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यूनिसेफ मंडलीय समन्वयक पोषण मिशन सुरेश तिवारी ने बताया कि इस पोषण के माध्यम से गर्भवती/ पांच वर्ष से छोटे बच्चों के माता-पिता से उनके पिछले 24 घंटे के आहार के बारे में पूछते हैं। उन्होंने क्या, कब और कितनी बार खाया। जिसे पत्थर या गिट्टी वे माध्यम से इस पोषण तश्तरी में दर्शाते हुए पिछले 24 घंटे के भोजन का आकलन किया जाता है, तब उन्हें भोजन की बारंबारता, खाद्य समूहों, पोषण तत्वों व समय के बारे में उचित परामर्श दिया जाता है। ट्रेनर अनुराग सिंह ने बताया कि मातृ व शिशु दर अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक है। इसका मुख्य कारण महिलाओं में गर्भ व्यवस्था व प्रसव के बाद नवजात शिशु को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार का उचित ज्ञान नहीं होना है। महिलाएं इस दौरान खान पीन का उचित ध्यान रखें, तो मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी की जा सकती है। संवाद
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