फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Agreement has been done three times,

सोनबरसा कांड : तीन बार हो चुका है समझौता, अब खूनखराबे की नौबत

Fri, 03 Mar 2023 12:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Mar 2023 12:47 AM IST
विज्ञापन
Agreement has been done three times,
दस वर्षों से चल रही थी दोनों पक्षों में तनातनी, गांव में पुलिस तैनात,
विज्ञापन

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा/कोल्हुई। थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में दो पक्षों के बीच हुए मारपीट की नींव दस वर्ष पहले पड़ गई थी। पोखरी के पट्टा व ग्राम प्रधान के चुनाव के बाद विवाद और बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच पुलिस तीन बार समझौता भी करा चुकी थी। इसके बाद भी तनातनी कम नहीं हुई। मंगलवार की घटना इसी का परिणाम है। उस दिन पोखरी से मिट्टी निकालने पर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और धारदार हथियार से दो युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए गांव में लगातार गश्त कर रही है।
कोल्हुई थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में मंगलवार की रात में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों से सात लोग घायल हुए थे। मामला दो समुदाय के बीच का होने के कारण पुलिस ने भी घटना को गंभीरता से लिया। दूसरे पक्ष के 26 लोगों पर बलबा समेत सात गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
विज्ञापन

शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 14 लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान किया गया है। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के लोगों की ग्राम प्रधान के चुनाव में विशेष भूमिका रहती है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्र ने बताया कि गांव का माहौल अब पूरी तरह से शांत है। होली का त्योहार नजदीक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की तैनाती की गई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। शीघ्र सभी आरोपी गिरफ्त में होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

...
पोखरी के पट्टे के बाद बढ़ा विवाद
सोनबरसा गांव में राजाराम व जावेद, तौफिक व आसिफ के बीच दस वर्षों से तनाव है। वर्ष 2014 में पोखरी के पट्टा के बाद विवाद और बढ़ गया। वर्ष 2015 के ग्राम प्रधान के चुनाव ने आग में घी डालने का काम किया। राजाराम एकसड़वा के पूर्व प्रधान रहे हैं। दूसरे पक्ष के हैदर भी गांव की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इससे दोनों में हमेशा तनाव बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed