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Maharajganj News: अपहरण व छेड़छाड़ का अभियुक्त दोषमुक्त
Sat, 22 Mar 2025 09:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 22 Mar 2025 09:17 PM IST
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महराजगंज। विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम महराजगंज) द्वितीय, विनय कुमार ने किशोरी के अपहरण और छेड़छाड़ के मामले की सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त गोलू उर्फ अकबर आंबेडकर नगर वार्ड नंबर 5 थाना नौतनवा जनपद महराजगंज को मामले में दोषमुक्त करार दिया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से गोलू उर्फ अकबर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 7/8 के तहत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त को दोषमुक्त घोषित कर दिया। जबकि अभियुक्त गोलू उर्फ अकबर वर्तमान में उड़ीसा के चौद्वार सर्किल जेल, कटक में निरुद्ध है। न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में निरुद्ध न हो, तो उसे तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाए। इसके साथ ही, विशेष न्यायालय ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वे धारा 437 ए दंड प्रक्रिया संहिता का अनुपालन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें। यह मामला वर्ष 2016 से लंबित था। इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों को न्यायालय ने अपर्याप्त पाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसके आधार पर उसे दोषमुक्त किया गया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष की ओर से गोलू उर्फ अकबर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 7/8 के तहत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त को दोषमुक्त घोषित कर दिया। जबकि अभियुक्त गोलू उर्फ अकबर वर्तमान में उड़ीसा के चौद्वार सर्किल जेल, कटक में निरुद्ध है। न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में निरुद्ध न हो, तो उसे तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाए। इसके साथ ही, विशेष न्यायालय ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वे धारा 437 ए दंड प्रक्रिया संहिता का अनुपालन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें। यह मामला वर्ष 2016 से लंबित था। इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों को न्यायालय ने अपर्याप्त पाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसके आधार पर उसे दोषमुक्त किया गया है। संवाद
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