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Maharajganj News: नवजात की मौत मामले में तीन सदस्यीय समिति गठित
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सीएचसी रतनपुर में प्रसव के दौरान हो गई थी नवजात की मौत, परिजनों ने किया था हंगामा
जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने किया समिति का गठन
महराजगंज। सीएचसी रतनपुर में संस्थागत प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पतालकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सोमवार को अमर उजाला में यह खबर “नवजात की मौत पर सीएचसी परिसर में परिजनों ने किया हंगामा” शीर्षक से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति गठित कर दी गई है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला को तत्काल जांच के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी। सीएमओ कार्यालय की से जारी किए गए पत्र के अनुसार, जांच समिति में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज कुमार कन्नौजिया और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करे। साथ ही नवजात के परिजनों के बयान दर्ज कर यह पता लगाए कि घटना के दौरान क्या-क्या परिस्थितियां बनीं।
सीएमओ कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक, जांच समिति शीघ्र ही सीएचसी रतनपुर का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान अस्पताल के अभिलेख, प्रसव कक्ष से जुड़े रजिस्टर और मेडिकल रिपोर्टों की भी जांच की जाएगी। समिति यह देखेगी कि नवजात की मौत में चिकित्सकीय लापरवाही की क्या भूमिका रही और यदि लापरवाही पाई जाती है तो वह किस स्तर की थी।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने किया समिति का गठन
महराजगंज। सीएचसी रतनपुर में संस्थागत प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पतालकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सोमवार को अमर उजाला में यह खबर “नवजात की मौत पर सीएचसी परिसर में परिजनों ने किया हंगामा” शीर्षक से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति गठित कर दी गई है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला को तत्काल जांच के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी। सीएमओ कार्यालय की से जारी किए गए पत्र के अनुसार, जांच समिति में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज कुमार कन्नौजिया और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करे। साथ ही नवजात के परिजनों के बयान दर्ज कर यह पता लगाए कि घटना के दौरान क्या-क्या परिस्थितियां बनीं।
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सीएमओ कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक, जांच समिति शीघ्र ही सीएचसी रतनपुर का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान अस्पताल के अभिलेख, प्रसव कक्ष से जुड़े रजिस्टर और मेडिकल रिपोर्टों की भी जांच की जाएगी। समिति यह देखेगी कि नवजात की मौत में चिकित्सकीय लापरवाही की क्या भूमिका रही और यदि लापरवाही पाई जाती है तो वह किस स्तर की थी।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।