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बालिका की हत्या का खुलासा, एक गिरफ्तार
Maharajganj
Updated Mon, 02 Dec 2013 05:42 AM IST
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महराजगंज/बृजमनगंज। मैनहिया में 15 दिन पहले हुई बालिका की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। वह उसी के गांव का रहने वाला है। हत्या से पहले उसने बालिका के साथ बलात्कार किया था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
बृजमनगंज पुलिस को रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि बालिका की हत्या में शामिल आरोपी गांव के बाहर ट्रांसफार्मर के पास खड़ा है। वह कहीं भागने की फिराक में है। इस सूचना पर विश्वास कर थानाध्यक्ष नीतीश श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मायाराम यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के दिन सीता यादव अपने दरवाजे पर खेल रही थी। वह उसे बहला-फुसलाकर गांव के बाहर एक झोपड़ी में ले गया। वहां उसके साथ बलात्कार किया। जब वह बेहोश हो गई तो मरा समझकर छिपा दिया। रात में गांव के बाहर पानी भरे गड्ढे में ले गया। उस समय तक सीता बेहोश थी। उसे पानी में डालकर भारी चीज से दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। चार दिन बाद लाश बाहर पानी में उतराती दिखाई दी।
क्या था मामला
बृजमनगंज क्षेत्र के करमहा के टोला मैनहिया निवासी सीता यादव 17 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन दोपहर घर वालों से यह कहकर निकली कि वह कुछ देर बाद वापस आ जाएगी लेकिन नहीं लौटी। 22 नवंबर को उसकी अर्धनग्न लाश गांव के बाहर पानी भरे गड्ढे में मिली। पुलिस ने दो दिन बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बाद रेप की धारा बढ़ा दी गई ।
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पट्टीदारों को फंसाने के लिए रचा कुचक्र
सीता के पिता प्रेमचंद्र व मायाराम अच्छे दोस्त थे। मायाराम का उसके पट्टीदार संतबली से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। संतबली को फंसाने के लिए वह यह कुचक्र रचा। घटना के बाद से ही मायाराम प्रेमचंद्र पर दबाव बनाने लगा कि वह पुलिस को संतबली का नाम बताए और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका।
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बृजमनगंज पुलिस को रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि बालिका की हत्या में शामिल आरोपी गांव के बाहर ट्रांसफार्मर के पास खड़ा है। वह कहीं भागने की फिराक में है। इस सूचना पर विश्वास कर थानाध्यक्ष नीतीश श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मायाराम यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के दिन सीता यादव अपने दरवाजे पर खेल रही थी। वह उसे बहला-फुसलाकर गांव के बाहर एक झोपड़ी में ले गया। वहां उसके साथ बलात्कार किया। जब वह बेहोश हो गई तो मरा समझकर छिपा दिया। रात में गांव के बाहर पानी भरे गड्ढे में ले गया। उस समय तक सीता बेहोश थी। उसे पानी में डालकर भारी चीज से दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। चार दिन बाद लाश बाहर पानी में उतराती दिखाई दी।
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क्या था मामला
बृजमनगंज क्षेत्र के करमहा के टोला मैनहिया निवासी सीता यादव 17 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन दोपहर घर वालों से यह कहकर निकली कि वह कुछ देर बाद वापस आ जाएगी लेकिन नहीं लौटी। 22 नवंबर को उसकी अर्धनग्न लाश गांव के बाहर पानी भरे गड्ढे में मिली। पुलिस ने दो दिन बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बाद रेप की धारा बढ़ा दी गई ।
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पट्टीदारों को फंसाने के लिए रचा कुचक्र
सीता के पिता प्रेमचंद्र व मायाराम अच्छे दोस्त थे। मायाराम का उसके पट्टीदार संतबली से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। संतबली को फंसाने के लिए वह यह कुचक्र रचा। घटना के बाद से ही मायाराम प्रेमचंद्र पर दबाव बनाने लगा कि वह पुलिस को संतबली का नाम बताए और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका।