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कनेक्शन गांव का, सप्लाई शहर से
Maharajganj
Updated Sun, 01 Dec 2013 05:41 AM IST
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महराजगंज। होम डिलीवरी के नाम पर गैस एजेंसी उपभोक्ताओं को चूना लगा रही है। होम डिलीवरी का शुल्क जमा करने के बाद भी गांव के उपभोक्तओं को शहर में आकर गैस सिलिंडर ले जाना पड़ रहा है।
शहर एक इंडेन गैस एजेंसी के करीब 13 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब पांच हजार गांव के उपभोक्ता हैं। होम डिलीवरी के साथ एक सिलेंडर का मूल्य 428 रुपये है। नियम है कि एजेंसी अपने वाहन से उपभोक्ताओं तक गैस सिलिंडर पहुंचाएंगे लेकिन गांव के उपभोक्ताओं को शहर आकर गैस ले जानी पड़ती है। इससे एजेंसी का होम डिलीवरी का खर्च बच जाता है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को समय से गैस भी नहीं मिलती।
पकड़ी सिसवा निवासी विजय कुमार का कहना है कि गैस सिलिंडर की आस में सात दिन से गोदाम का चक्कर लगा रहा हूं। 22 अक्टूबर को गैस बुक कराया था। अब तक नहीं मिला है। 428 रुपये की जगह 440 रुपये वसूला जा रहा है।
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महदेवा निवासी रामाज्ञा वर्मा का कहना है कि तीन दिन से गैस के लिए शहर आता हूं। गांव तक सिलिंडर नहीं पहुंचाया जाता। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। एक सिलिंडर पाने में दो माह लग जाते हैं। गैस एजेंसी निधारित मूल्य से 12 रुपये अधिक वसूलती है।
पकड़ी सिसवा निवासी मनोज कुमार चौरसिया का कहना है कि हर बार शहर में आकर गैस लेनी पड़ती है। जानकारी नहीं होने का फायदा गैस एजेंसी वाले उठाते हैं। प्रशासन के लोगों को ध्यान देने की जरूरत है।
गोपी गांव निवासी सुरेंद्र का कहना है कि गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ किसी अधिकारी ने कोई कदम नहीं उठाया। अधिकारियों की मिलीभगत से गांव के उपभोक्ताओं को शहर में आकर गैस ले जानी पड़ती है। समय से सिलिंडर भी नहीं मिलता है।
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शहर एक इंडेन गैस एजेंसी के करीब 13 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब पांच हजार गांव के उपभोक्ता हैं। होम डिलीवरी के साथ एक सिलेंडर का मूल्य 428 रुपये है। नियम है कि एजेंसी अपने वाहन से उपभोक्ताओं तक गैस सिलिंडर पहुंचाएंगे लेकिन गांव के उपभोक्ताओं को शहर आकर गैस ले जानी पड़ती है। इससे एजेंसी का होम डिलीवरी का खर्च बच जाता है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को समय से गैस भी नहीं मिलती।
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पकड़ी सिसवा निवासी विजय कुमार का कहना है कि गैस सिलिंडर की आस में सात दिन से गोदाम का चक्कर लगा रहा हूं। 22 अक्टूबर को गैस बुक कराया था। अब तक नहीं मिला है। 428 रुपये की जगह 440 रुपये वसूला जा रहा है।
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महदेवा निवासी रामाज्ञा वर्मा का कहना है कि तीन दिन से गैस के लिए शहर आता हूं। गांव तक सिलिंडर नहीं पहुंचाया जाता। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। एक सिलिंडर पाने में दो माह लग जाते हैं। गैस एजेंसी निधारित मूल्य से 12 रुपये अधिक वसूलती है।
पकड़ी सिसवा निवासी मनोज कुमार चौरसिया का कहना है कि हर बार शहर में आकर गैस लेनी पड़ती है। जानकारी नहीं होने का फायदा गैस एजेंसी वाले उठाते हैं। प्रशासन के लोगों को ध्यान देने की जरूरत है।
गोपी गांव निवासी सुरेंद्र का कहना है कि गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ किसी अधिकारी ने कोई कदम नहीं उठाया। अधिकारियों की मिलीभगत से गांव के उपभोक्ताओं को शहर में आकर गैस ले जानी पड़ती है। समय से सिलिंडर भी नहीं मिलता है।