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मिट्टी का ताजिया बना आकर्षण का केन्द्र
Maharajganj
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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पुरन्दरपुर। मोहर्रम के मौके पर परसोहिया गांव में मिट्टी का ताजिया बनाया गया है। उसकी कारीगरी पूरे जिले में आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। देखने के लिए दूरदराज के लोग आ रहे हैं।
गांव के नियामत अली ने मिट्टी का ताजिया बनवाया है। कारीगरों ने 21 फुट ऊंचा और 15 फुट वृत्ताकार ताजिया तैयार किया है। उसे बनाने में 22 दिन का समय लगा है। लागत 20 हजार रुपये आई है। नियामत अली ने बताया कि उनके पूर्वज पहले से ही ऐसे ताजिए का निर्माण करते चले आ रहे हैं। पिता का साया उठने के बाद उसकी जिम्मेदारी वह निभा रहे हैं। उसे मदीना शरीफ के नक्शे पर बनाया गया है। उनका कहना है कि पूर्वांचल में ऐसा ताजिया नहीं बना है। जो भी इस ताजिए के बारे में सुन रहा है, देखने के लिए पहुंच रहा है। लोग मिट्टी से बनी इस कला की सराहना कर रहे हैं।
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गांव के नियामत अली ने मिट्टी का ताजिया बनवाया है। कारीगरों ने 21 फुट ऊंचा और 15 फुट वृत्ताकार ताजिया तैयार किया है। उसे बनाने में 22 दिन का समय लगा है। लागत 20 हजार रुपये आई है। नियामत अली ने बताया कि उनके पूर्वज पहले से ही ऐसे ताजिए का निर्माण करते चले आ रहे हैं। पिता का साया उठने के बाद उसकी जिम्मेदारी वह निभा रहे हैं। उसे मदीना शरीफ के नक्शे पर बनाया गया है। उनका कहना है कि पूर्वांचल में ऐसा ताजिया नहीं बना है। जो भी इस ताजिए के बारे में सुन रहा है, देखने के लिए पहुंच रहा है। लोग मिट्टी से बनी इस कला की सराहना कर रहे हैं।
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