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3164 केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी 2412 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर
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जनपद में 752 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं
महराजगंज। जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित किया जाएगा। बच्चों को केंद्र पर प्राथमिक दौर की शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में पंजीकृत बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा शासन से मिलने वाली सुविधाओं को बच्चों को दी जा रही है। जिले में 3164 केंद्रों की जिम्मेदारी 2412 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर है। वर्तमान में 752 कार्यकर्ताओं की जरूरत है।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 2344 सहायिका की तैनाती है। जबकि 409 पद रिक्त हैं। वहीं, सुपरवाइजर वर्तमान में 45 तैनात हैं। 66 पद रिक्त हैं। सीडीपीओ पांच तैनात हैं। जबकि 8 पद रिक्त हैं। वहीं, केंद्रों पर 33,0964 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 0-3 वर्ष तक 145227 बच्चे हैं। 3-6 वर्ष तक के 96321 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर 26, 6109 बच्चों का वजन कराया जा चुका है। मानक से कम वजन 34351 बच्चों का है। उनकी देखरेख करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा शासन से मिलने वाली सुविधा उनको दी जा रही है। जांच के दौरान 1952 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित मिले हैं। उनकी केंद्र पर मिलने वाली जरूरी सुविधा को दी जा रही है। जरूरत के अनुसार गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाता है। जहां सुपोषित बनाने के लिए नियमित पौष्टिक आहार समेत जरूरी दवाएं भी दी जाती हैं। जिले में संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर शासन की ओर से मिलने वाली जरूरी सुविधा दी जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को जरूरी सुविधा देने की हर संभव कोशिश की जा रही है। प्री- प्राइमरी कक्षा संचालन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से समन्वय बनाकर जरूरी कार्य किया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के अनुपालन में सभी जरूरी सुविधाएं देने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
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महराजगंज। जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित किया जाएगा। बच्चों को केंद्र पर प्राथमिक दौर की शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में पंजीकृत बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा शासन से मिलने वाली सुविधाओं को बच्चों को दी जा रही है। जिले में 3164 केंद्रों की जिम्मेदारी 2412 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर है। वर्तमान में 752 कार्यकर्ताओं की जरूरत है।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 2344 सहायिका की तैनाती है। जबकि 409 पद रिक्त हैं। वहीं, सुपरवाइजर वर्तमान में 45 तैनात हैं। 66 पद रिक्त हैं। सीडीपीओ पांच तैनात हैं। जबकि 8 पद रिक्त हैं। वहीं, केंद्रों पर 33,0964 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 0-3 वर्ष तक 145227 बच्चे हैं। 3-6 वर्ष तक के 96321 बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर 26, 6109 बच्चों का वजन कराया जा चुका है। मानक से कम वजन 34351 बच्चों का है। उनकी देखरेख करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा शासन से मिलने वाली सुविधा उनको दी जा रही है। जांच के दौरान 1952 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित मिले हैं। उनकी केंद्र पर मिलने वाली जरूरी सुविधा को दी जा रही है। जरूरत के अनुसार गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाता है। जहां सुपोषित बनाने के लिए नियमित पौष्टिक आहार समेत जरूरी दवाएं भी दी जाती हैं। जिले में संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर शासन की ओर से मिलने वाली जरूरी सुविधा दी जा रही है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को जरूरी सुविधा देने की हर संभव कोशिश की जा रही है। प्री- प्राइमरी कक्षा संचालन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से समन्वय बनाकर जरूरी कार्य किया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के अनुपालन में सभी जरूरी सुविधाएं देने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
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