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जिले में स्वास्थ्य केंद्र हैं, सुविधाएं नहीं
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:52 PM IST
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महराजगंज। जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं बीमार हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि शासन की ओर से कराई गई रैकिंग रिपोर्ट कह रही है, जिसमे स्वास्थ्य सुविधाओं में जिले को 38 वां स्थान मिला है।
जिले की सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी पर डॉक्टरों की कमी होने के साथ ही जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल पाना बेहद मुश्किल लग रहा है। जनपद पर 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, न्यू पीएचसी 35 हैं। साथ ही एक जिला अस्पताल है। जिले की पीएचसी, सीएचसी न्यूपीएचसी पर 175 के सापेक्ष 126 डॉक्टर तैनात है। जबकि जिला अस्पताल में 36 डॉक्टर के सापेक्ष महज 20 डॉक्टर की तैनाती है। जिला अस्पताल में समस्त स्टाफ की बात करें तो 184 के सापेक्ष 118 की तैनाती है। शासन की ओर से प्रत्येक तिमाही प्रत्ेयक जिले के अस्पतालों , स्वास्थ्य सेवाओं और साफ सफाई समेत सरकारी योजनाओं के हाल की लेकर रैंकिंग की जाती है। यह रिपोर्ट दिसंबर 2017 की है। अभी शासन की ओर से तकाल हुई रैकिंग की रिपोर्ट नहीं आई है। पिछले रैंकिग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास करना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार जिले को प्रदेश में 38 वें स्थान पर संतोष करना पड़ा। जिले में अस्पतालों की बात करें तो ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। न्यू पीएचसी में तो दवाएं भी पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है। कई बार तो मरीजों को बाहर से दवाईयां लेनी पड़ती हैं। यही नहीं, अस्पतालों में साफ सफाई व्यव्स्था भी बदहाल है। ऐसे में रैंकिग में पिछड़ना कोई हैरत की बात नहीं है।
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ऐसे बनती है प्रदेश में रैंकिंग
प्रदेश स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की रैंकिंग टीकाकरण, अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, मरीजों की संख्या, मरीजों को दी जाने वाली सुविधा और केंद्र प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के जरिए की जाती है। इसमें हर तीन महीने तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंकड़ों को ऑनलाइन फीड किया जाता है। जिसके आधार पर प्रदेश स्तरीय समिति हर तीन महीने में रैंकिंग तय करती है।
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