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Maharajganj News: तालाब के किनारे हरी सब्जी उगाएंगे 50 किसान
Tue, 14 May 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 14 May 2024 12:00 AM IST
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महराजगंज। 1500 निजी पोखरों के मत्स्य पालकों को विभाग ने तालाब के भीटे पर हरी सब्जियां उगाने के लिए जागरूक किया। इसका नतीजा रहा कि करीब 50 से अधिक किसानों ने इसमें रुचि दिखाई और विभाग से निशुल्क बीज लिया। अन्य किसान भी इस विषय में जागरूक हों इसके लिए पूरे महीने अभियान चलेगा और निशुल्क बीज भी वितरित किए जाएंगे।
जिले का मत्स्य विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहफसली पर जोर दे रहा है। सहायक मत्स्य निदेशक ने अप्रैल माह में पट्टा धारक पोखरों के मालिक तथा निजी भूमि पर तालाब की खोदाई करवाकर मछली पालने वालों को इससे जोड़ा है। जिले में कुल 3400 ताल-पोखरे हैं, जिसमें से 1500 निजी भूमि पर खोदाई करवा कर मछली पालन करने वाले और इतनी ही संख्या में पट्टे पर पोखरा लेकर मछली पालने वाले पालक भी हैं।
विभाग इन्हें जागरूक कर रहा था कि तालाब के भीटे पर मौसमी हरी सब्जियों की बोआई कर अतिरिक्त मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। मत्स्य विभाग की टीम किसानों को परवल, तरोई, नेनुआ, लौकी, भिंडी की खेती करने के लिए इच्छुक किसानों से सहमति पत्र लेकर निशुल्क बीज देकर पैदावार कराना चाह रहा है। 1500 निजी तालाबों के 47 किसानों ने बोआई के लिए तरोई, लौकी, नेनुआ आदि के बीज प्राप्त किए हैं। विभाग किसानों को टपका विधि से सिंचाई का उपाय भी सुझा रहे हैं।
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मछली पालने वाले किसानों को पोखरी के भीटे पर हरी सब्जी उगाने के लिए विभाग की ओर से बीज दिए जा रहे हैं। सिंचाई का तरीका भी बताया जा रहा है। किसान इसके प्रति आगे बढ़ रहे हैं यह विभाग के लिए अच्छा संकेत है।
-संजय कुमार, सहायक मत्स्य निदेशक
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जिले का मत्स्य विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहफसली पर जोर दे रहा है। सहायक मत्स्य निदेशक ने अप्रैल माह में पट्टा धारक पोखरों के मालिक तथा निजी भूमि पर तालाब की खोदाई करवाकर मछली पालने वालों को इससे जोड़ा है। जिले में कुल 3400 ताल-पोखरे हैं, जिसमें से 1500 निजी भूमि पर खोदाई करवा कर मछली पालन करने वाले और इतनी ही संख्या में पट्टे पर पोखरा लेकर मछली पालने वाले पालक भी हैं।
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विभाग इन्हें जागरूक कर रहा था कि तालाब के भीटे पर मौसमी हरी सब्जियों की बोआई कर अतिरिक्त मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। मत्स्य विभाग की टीम किसानों को परवल, तरोई, नेनुआ, लौकी, भिंडी की खेती करने के लिए इच्छुक किसानों से सहमति पत्र लेकर निशुल्क बीज देकर पैदावार कराना चाह रहा है। 1500 निजी तालाबों के 47 किसानों ने बोआई के लिए तरोई, लौकी, नेनुआ आदि के बीज प्राप्त किए हैं। विभाग किसानों को टपका विधि से सिंचाई का उपाय भी सुझा रहे हैं।
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मछली पालने वाले किसानों को पोखरी के भीटे पर हरी सब्जी उगाने के लिए विभाग की ओर से बीज दिए जा रहे हैं। सिंचाई का तरीका भी बताया जा रहा है। किसान इसके प्रति आगे बढ़ रहे हैं यह विभाग के लिए अच्छा संकेत है।
-संजय कुमार, सहायक मत्स्य निदेशक