{"_id":"5c549468bdec22108404bec2","slug":"41549046888-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानो ने हंगामा किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानो ने हंगामा किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहकारी गन्ना समिति की बैठक में किसानों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यालय में शुक्रवार को किसानों की बैठक हुई। इसमें गन्ना पर्ची न मिलने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने तथा गड़ौरा क्षेत्र में गन्ने की उठान न होने के मसले पर चर्चा के दौरान किसानों ने हंगामा किया।
किसानों का कहना था कि रामकोला सहित अन्य चीनी मिलों को गन्ना आयुक्त की तरफ से निर्देश दिए जाने के बाद भी क्षेत्र के 25 हजार क्विंटल गन्ने का उठान नहीं किया गया है। किसानों ने गड़ौरा चीनी मिल द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न किए जाने पर नाराजगी हंगामा किया। जितेंद्र बहादुर सिंह का आरोप था कि गन्ना पर्ची के अभाव में किसानों से चीनी मिल के आसपास कुछ लोग औने पौने दाम पर गन्ना खरीद ले रहे हैं। इसकी शिकायत के बावजूद गन्ना विभाग व मिल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। क्षेत्र के गन्ना किसान राजेश, रामदास, विमला सहित अन्य किसानों एक भी गन्ना पर्ची न मिलने की शिकायत की। किसानों ने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक व गन्ना सचिव पर मनमानी करने और किसानों की समस्याएं न सुनने का आरोप लगाया। मुन्ना सिंह का कहना था कि उनके पास दस एकड़ गन्ना है लेकिन अभी तक उन्हें एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिली है। बैठक में सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी त्रिपाठी, उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर उर्फ लल्ले सिंह, राजदेव कपिल, प्रेमचन्द्र चौरसिया, ओंकार तिवारी, विश्राम तिवारी, बैजनाथ सिंह, राकेश मिश्र, भोरिक यादव, शिव शंकर मणि, शिवशरण मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यालय में शुक्रवार को किसानों की बैठक हुई। इसमें गन्ना पर्ची न मिलने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने तथा गड़ौरा क्षेत्र में गन्ने की उठान न होने के मसले पर चर्चा के दौरान किसानों ने हंगामा किया।
किसानों का कहना था कि रामकोला सहित अन्य चीनी मिलों को गन्ना आयुक्त की तरफ से निर्देश दिए जाने के बाद भी क्षेत्र के 25 हजार क्विंटल गन्ने का उठान नहीं किया गया है। किसानों ने गड़ौरा चीनी मिल द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न किए जाने पर नाराजगी हंगामा किया। जितेंद्र बहादुर सिंह का आरोप था कि गन्ना पर्ची के अभाव में किसानों से चीनी मिल के आसपास कुछ लोग औने पौने दाम पर गन्ना खरीद ले रहे हैं। इसकी शिकायत के बावजूद गन्ना विभाग व मिल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। क्षेत्र के गन्ना किसान राजेश, रामदास, विमला सहित अन्य किसानों एक भी गन्ना पर्ची न मिलने की शिकायत की। किसानों ने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक व गन्ना सचिव पर मनमानी करने और किसानों की समस्याएं न सुनने का आरोप लगाया। मुन्ना सिंह का कहना था कि उनके पास दस एकड़ गन्ना है लेकिन अभी तक उन्हें एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिली है। बैठक में सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी त्रिपाठी, उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर उर्फ लल्ले सिंह, राजदेव कपिल, प्रेमचन्द्र चौरसिया, ओंकार तिवारी, विश्राम तिवारी, बैजनाथ सिंह, राकेश मिश्र, भोरिक यादव, शिव शंकर मणि, शिवशरण मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन