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Maharajganj News: नवजात शिशु देखभाल यूनिट में 34 तो संक्रामक रोग वार्ड में 14 बच्चे भर्ती
Fri, 05 Jul 2024 04:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 05 Jul 2024 04:58 AM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में 34 बच्चे भर्ती हैं। वहीं संक्रामक रोग वार्ड में 14 बच्चे भर्ती हैं। इसमें बुखार व डायरिया समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। डॉक्टरों की टीम बच्चों की देखरेख में जुटी है। जन्म के बाद बीमार होने वाले बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस समय वार्ड में क्षमता से अधिक बच्चे भर्ती हैं।
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 26 बेड हैं, वर्तमान में लगातार नवजात मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, जांडिस, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इनमें कई ऐसे नवजात होते हैं, जिन्हें जन्म के बाद से लगभग आठ से 10 दिनों के लिए इसमें रखना पड़ता है। आए-दिन कम से कम आठ से दस नवजात इस तरह के आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को यहां 34 नवजात भर्ती मिले। एक बेड पर दो-दो नवजातों को भर्ती कर इलाज करने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर ढंग से इलाज करने की कोशिश जारी है। सावधानी पूर्वक इलाज किया जा रहा है।
सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। भर्ती मरीजों की देखरेख बेहतर ढंग से की जा रही है।
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जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 26 बेड हैं, वर्तमान में लगातार नवजात मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, जांडिस, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इनमें कई ऐसे नवजात होते हैं, जिन्हें जन्म के बाद से लगभग आठ से 10 दिनों के लिए इसमें रखना पड़ता है। आए-दिन कम से कम आठ से दस नवजात इस तरह के आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को यहां 34 नवजात भर्ती मिले। एक बेड पर दो-दो नवजातों को भर्ती कर इलाज करने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर ढंग से इलाज करने की कोशिश जारी है। सावधानी पूर्वक इलाज किया जा रहा है।
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सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। भर्ती मरीजों की देखरेख बेहतर ढंग से की जा रही है।