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Maharajganj News: लंपी की रोकथाम के लिए 30 हजार डोज वैक्सीन मिली
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बस्ती। लंपी बीमारी की चपेट में 50 और पशु आ गए हैं। पशुपालन विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर-1962 जारी कर मोबाइल वेटनरी यूनिट की सेवा शुरू कर दी है। पशुपालकों के फोन करने पर तुरंत पशुओं के इलाज की सुविधा दी जा रही है। वहीं, 30 हजार डोज एंटरोटॉक्सिमिया वैक्सीन लंपी से बचाव के टीके मंगाए गए हैं। इससे इस बीमारी पर काबू पाया जा सकेगा।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी गंभीर नहीं है, इससे प्रभावित पशु दो-तीन दिन में ठीक हो रहे हैं। इसमें घरेलू उपचार भी काफी प्रभावी है। बिहार में लंपी बीमारी फैलने के बाद इसके सीमावर्ती और आसपास के जिलों में यह बीमारी फैली है। हालांकि, जिले में रोज पशुओं में इसके लक्षण मिलने से पशु पालक परेशान हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि कुछ और पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। जिन गांवों में इसके लक्षण मिले हैं, वहां उन पशुओं को दवा के साथ-साथ टीकाकरण भी कराया जा रहा है। 30 हजार और टीके आ चुके हैं, और टीके मंगाए जा रहे हैं। इससे पहले 15 हजार टीके आए थे, जो लग चुके हैं। बिहार से यह बीमारी फैली है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है।
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72 हजार गोवंश चिह्नित
जिले में 72 हजार गोवंश चिह्नित किए गए हैं। इसमें गाय अधिक हैं। गाय में ही लंपी बीमारी फैलती है, ऐसे में विभाग इन सभी गोवंश पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया है। सीवीओ ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए 33 पशुधन प्रसार अधिकारी, 24 पशु चिकित्सक और 82 पैरावेट कर्मचारी लगे हैं।
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पशु चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी गंभीर नहीं है, इससे प्रभावित पशु दो-तीन दिन में ठीक हो रहे हैं। इसमें घरेलू उपचार भी काफी प्रभावी है। बिहार में लंपी बीमारी फैलने के बाद इसके सीमावर्ती और आसपास के जिलों में यह बीमारी फैली है। हालांकि, जिले में रोज पशुओं में इसके लक्षण मिलने से पशु पालक परेशान हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि कुछ और पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। जिन गांवों में इसके लक्षण मिले हैं, वहां उन पशुओं को दवा के साथ-साथ टीकाकरण भी कराया जा रहा है। 30 हजार और टीके आ चुके हैं, और टीके मंगाए जा रहे हैं। इससे पहले 15 हजार टीके आए थे, जो लग चुके हैं। बिहार से यह बीमारी फैली है। जिले में स्थिति नियंत्रण में है।
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72 हजार गोवंश चिह्नित
जिले में 72 हजार गोवंश चिह्नित किए गए हैं। इसमें गाय अधिक हैं। गाय में ही लंपी बीमारी फैलती है, ऐसे में विभाग इन सभी गोवंश पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया है। सीवीओ ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए 33 पशुधन प्रसार अधिकारी, 24 पशु चिकित्सक और 82 पैरावेट कर्मचारी लगे हैं।