{"_id":"5bb65e84867a55295452cfc3","slug":"21538678404-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी गंडक नहर में पंद्रह घड़िवालों को छोडा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी गंडक नहर में पंद्रह घड़िवालों को छोडा गया
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ी गंडक नहर में पंद्रह घड़ियाल छोडे़ गए
फोटो:-
गंडक घड़ियालों के लिए सुरक्षित स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। वन विभाग ने बृहस्पतिवार को वन्य प्राणी सप्ताह के तहत सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के बड़ी गंडक के नारायणी नदी में लखनऊ के कुकरैल से लाये गये बारह मादा व तीन नर घड़ियालों को छोडा गया। वन विभाग इस समय वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। दर्जिनिया ताल के पास मुख्य वन संरक्षक पूर्वी गोंडा रामकुमार व प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन रेंजर निचलौल एके चंद्रा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेंगहिया की छात्रा सिंगला व करीना ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य वन संरक्षक रामकुमार ने कहा कि देश में एक से आठ अक्तुबर तक वन्य जीव प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने नारायणी नदी को घड़ियालों के लिए सुरक्षित स्थान बताया। साथ ही वन्य जीवों के प्रति लोगों में प्रेम और संरक्षण के प्रति रुचि लेने की अपील भी की। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने कहा कि घड़ियाल आक्रामक नहीं होते हैं। इनसे डरने की जरुरत नहीं है किन्तु वह अपनी सुरक्षा के लिए हमला कर सकते हैं। नदी में छोड़ने के लिए लखनऊ के कुकरैल से पन्द्रह घड़ियालों को लेकर पहुंची टीम में आशीष सिंह, आदित्य सिंह, अपूर्वा व बृजमोहन शामिल रहे। इस दौरान एसडीओ घनश्याम राव, रेंजर एके चंद्रा, जगरनाथ प्रसाद, ओपी मिश्रा, वन दारोगा अभिषेक सिंह, कासिम अली, रामफेर, अशोक पासवान, परामहंश, भोरिक यादव, वीरेंद्र व दिनेश गिरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो:-
गंडक घड़ियालों के लिए सुरक्षित स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। वन विभाग ने बृहस्पतिवार को वन्य प्राणी सप्ताह के तहत सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के बड़ी गंडक के नारायणी नदी में लखनऊ के कुकरैल से लाये गये बारह मादा व तीन नर घड़ियालों को छोडा गया। वन विभाग इस समय वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। दर्जिनिया ताल के पास मुख्य वन संरक्षक पूर्वी गोंडा रामकुमार व प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन रेंजर निचलौल एके चंद्रा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेंगहिया की छात्रा सिंगला व करीना ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य वन संरक्षक रामकुमार ने कहा कि देश में एक से आठ अक्तुबर तक वन्य जीव प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने नारायणी नदी को घड़ियालों के लिए सुरक्षित स्थान बताया। साथ ही वन्य जीवों के प्रति लोगों में प्रेम और संरक्षण के प्रति रुचि लेने की अपील भी की। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने कहा कि घड़ियाल आक्रामक नहीं होते हैं। इनसे डरने की जरुरत नहीं है किन्तु वह अपनी सुरक्षा के लिए हमला कर सकते हैं। नदी में छोड़ने के लिए लखनऊ के कुकरैल से पन्द्रह घड़ियालों को लेकर पहुंची टीम में आशीष सिंह, आदित्य सिंह, अपूर्वा व बृजमोहन शामिल रहे। इस दौरान एसडीओ घनश्याम राव, रेंजर एके चंद्रा, जगरनाथ प्रसाद, ओपी मिश्रा, वन दारोगा अभिषेक सिंह, कासिम अली, रामफेर, अशोक पासवान, परामहंश, भोरिक यादव, वीरेंद्र व दिनेश गिरी आदि मौजूद रहे।