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कृष0कों ने गन्ना पर्ची लेने के लिए जमकर किया हंगामा
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गन्ना पर्ची के लिए किसानों ने किया हंगामा
कलेंडर कोड के आधार पर किसानों की बनेगी सूची
अमर उजाला ब्यूरो
सिसवा बाजार। गन्ना आपूर्ति पर्ची वितरण में गड़बड़ी से नाराज किसानों ने सिसवा केन यूनियन कार्यालय में सोमवार को हंगामा किया। कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए एक कर्मचारी की पिटाई भी की। किसानों के आक्रोश को देखते हुए कर्मचारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। मौके पर पहुंचे एसओ कोठीभार सर्वेश कुमार सिंह व नगर चौकी इंचार्ज महेंद्र यादव ने किसानों को जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद यादव से बात कराने का आश्वासन देकर हंगामा बंद कराया।
लाल बहादुर, इंद्रासन, जलालुद्दीन, शंकर, कमलावती, संतोष मल्ल आदि का आरोप था कि विभाग कम जोत वाले किसानों के साथ ज्यादती कर रहा है। यह आरोप भी लगाया कि बड़ी जोत वाले किसानों से रकम लेकर कर्मचारी उनको पर्ची दे रहे हैं। जबकि बहुत सारे किसानों का गन्ना खेतों में सूख रहा है। किसान बैजनाथ सिंह ने कहना था कि तमाम लोगों का गन्ना खेतों में पड़ा है। जिसके सहारे गरीब किसानों ने भाई, बहन, बेटियों की शादी तय कर रखी है। उनके समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। ऐसे में किसानों का नाराज होना स्वाभाविक है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उधर, हंगामा की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे सीओ निचलौल रणविजय सिंह ने दस किसानों को थाने पर बुलवाया। जहां किसानों व जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद यादव, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी, सिसवा केन यूनियन के सचिव प्रेमचंद चौरसिया व आईपीएल चीनी मिल के यूनिट हेड अनिल पवार के मध्य वार्ता हुई। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि बातचीत में निर्णय लिया गया कि सभी किसानों का कलेंडर कोड के आधार पर सूची बना कर उन्हें पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि किसान जल्द से जल्द अपना गन्ना चीनी मिल में गिरवा सकें।
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कलेंडर कोड के आधार पर किसानों की बनेगी सूची
अमर उजाला ब्यूरो
सिसवा बाजार। गन्ना आपूर्ति पर्ची वितरण में गड़बड़ी से नाराज किसानों ने सिसवा केन यूनियन कार्यालय में सोमवार को हंगामा किया। कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए एक कर्मचारी की पिटाई भी की। किसानों के आक्रोश को देखते हुए कर्मचारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। मौके पर पहुंचे एसओ कोठीभार सर्वेश कुमार सिंह व नगर चौकी इंचार्ज महेंद्र यादव ने किसानों को जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद यादव से बात कराने का आश्वासन देकर हंगामा बंद कराया।
लाल बहादुर, इंद्रासन, जलालुद्दीन, शंकर, कमलावती, संतोष मल्ल आदि का आरोप था कि विभाग कम जोत वाले किसानों के साथ ज्यादती कर रहा है। यह आरोप भी लगाया कि बड़ी जोत वाले किसानों से रकम लेकर कर्मचारी उनको पर्ची दे रहे हैं। जबकि बहुत सारे किसानों का गन्ना खेतों में सूख रहा है। किसान बैजनाथ सिंह ने कहना था कि तमाम लोगों का गन्ना खेतों में पड़ा है। जिसके सहारे गरीब किसानों ने भाई, बहन, बेटियों की शादी तय कर रखी है। उनके समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। ऐसे में किसानों का नाराज होना स्वाभाविक है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उधर, हंगामा की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे सीओ निचलौल रणविजय सिंह ने दस किसानों को थाने पर बुलवाया। जहां किसानों व जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद यादव, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी, सिसवा केन यूनियन के सचिव प्रेमचंद चौरसिया व आईपीएल चीनी मिल के यूनिट हेड अनिल पवार के मध्य वार्ता हुई। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि बातचीत में निर्णय लिया गया कि सभी किसानों का कलेंडर कोड के आधार पर सूची बना कर उन्हें पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि किसान जल्द से जल्द अपना गन्ना चीनी मिल में गिरवा सकें।
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