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जिले में बाढ से भिषण तबाही, बचाव राहत में प्रशासन को छूट रहा पसीना
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:08 AM IST
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जिले में बाढ़ से भीषण तबाही, बचाव राहत में प्रशासन को छूट रहा पसीना
जर्जर जर्दी डोमरा बांध बघौना के पास टूटा, 24 से अधिक गांव पानी से घिरे
पनियरा ब्लाक मुख्यालय से दो दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग टूटे
रोहिन के तटबंध का कटान मचाया मंझार में तबाही
चेरही तटबंध टूटा, 16 गांव समेत टोले पानी से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में बाढ़ से भीषण तबाही मची है। जिला मुख्यालय से ठूठीबारी, फरेंदा, नौतनवां का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा इन क्षेत्र में आने वाले तमाम गांवों का संपर्क भी जिला मुुख्यालय से टूट चुका है। प्रशासन की सहायता के भरोसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर है। चंदन, झरही, प्यास, त्रिमुहानी, महाव, रोहीन, राप्ती नदियों में पहाड़ों से आए पानी से खस्ताहाल बंधे दरक गए और तबाही मच गई। निचलौल, नौतनवां, सदर और फरेंदा क्षेत्र के तमाम गांव बाढ प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से जैसे तैसे बाढ बचाव राहत कार्य किया जा रहा है। ठूठीबारी का चंदन नदी का पुल एप्रोच ध्वस्त होने से आवागमन ठप हो चुका है। बाढ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं संचार व्यवस्था भी अब ठप होने लगी है। बिजली के अभाव में लोगों के मोबाइल डिस्चार्ज हो रहे हैं।
सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी के पास चेहरी बंधा टूट गया। जिससे आईटीएम में पूरा पानी भर गया। पुलिस ने महलगंज चौराहे पर बैरिकेटिग कर दिया है। फरेन्दा रोड पर आवागमन ठप कर दिया गया है। पुलिस निगरानी में जुटी है। बांध टूटने के कारण कोल्हुआ जजोत, रामनगर, बासपट्टी, चेहरी खास, धोविनियहवां, तीन टोलियां, सेखपुर, लक्ष्मीपुर, करीमपुर, ठढवरियां, कोठी टोला, भइसहियां के अलावा टोले बाढ से घिरे है। प्रशासन की ओर से वोट के जरिए लोगो को सुरक्षित निकाला गया। मौके पर एसडीमए देवेश गुप्ता, सीओ एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। बाढ से घिरे लोगो को काफी देर तक बचाव राहत दल की ओर से निकाला गया। कुछ लोग बंधे पर शरण लिए हुए है। वहीं तमाम लोग अपने रिश्तेदारो के घर शरण लेने पहुंचे।
पनियरा-गांगी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार रोहिन नदी का जर्जर जर्दी डोमरा बांध को मंगलवार की शाम पनियरा थाना क्षेत्र के बघौना तेन्दुअहिया डोमरा, रानीपुर में आधा दर्जन जगहों पर बांध को तोड़ दिया जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांव के लोग बंधा टूटने के बाद से ही गांव छोड़ कर मवेशियों के साथ ऊचें स्थान पर शरण लिए है। बाढ़ पीडितो को राहत सामग्री नहीं मिलने से नाराज शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जता रहे है।
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बड़हरलाला गांव के दोनों तरफ लगभग 100 मिटर बाढ़ कट जाने से गांव के चारो तरफ पानी से घिर गया है। जिन्हें गांव से निकलना भारी असुविधा हो रहा। वही एन.डी.आर.की टीम द्वारा लगभग बाढ़ में फंसे 300 लोगो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बीती रात ग्राम सभा रानीपुर में बांध कटने से अफरा- तफरी मच गई। लोग जान बचा कर सुरक्षित जगह भागने लगे। वहीं चार मकान नदी पानी के वेग में ध्वस्त हो गए। बाढ़ में फंसे कुछ लोगो को अब तक प्रशासन द्वारा निकाला नहीं जा सका। कुछ लोग छत पर नाव के इंतजार में बैठै है। दर्जनों गांव पानी से घिर गए है। मुजुरी से कैम्पियरगंज-गोरखपुर मार्ग पानी भर जाने से बंद हो चुका हैं। वहीं बाढ़ से धान, मकई मूंगफली, अरहर केला हजारों एकड़ फसल बर्वाद हो गई है।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार नेपाल की पहाडियों पर हो रही लगातार बारिस के चलते उफनाई नदी नालों से निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ का कहर लोगों की जिन्दगियों पर भारी पड रहा है। क्षेत्र के लगभग प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप है। गांव पानी में घिरे है, लोग बंधो और ऊंचे स्थानों पर शरण हुये है। तो वहीं जलनिकासी की समस्या से जुझते नगर की स्थिति भी नरकीय हो गई हैजिसे लेकर शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान है और मद्द के नाम पर शासन प्रशासन के हाथ अभी भी बाढ पीढितों से काफी दूर है।
नारायणी, चंदन, झरही, महाव व छोटी गंडक आदि नदियों के जलस्तर में इसबार जिसतरह का उतार चढाव बना हुआ है उसे लेकर लोग खासे हैरान परेशान है।बाढ की मार से सबसे ज्यादा निचलौल ब्लाक प्रभावित है यहां दो दर्जन से अधिक गांव मैरुण्ड होने के कगार पर खडे है।सीमावर्ती गांव गेडहवां, कनमिसवां, औरहवां, कलनहीं खुर्द, सोहगी बरवा, शिकारपुर, भोतहा, चंदा, गुलभार, बलुआ टोला, बोदना, मैरी, गडौरा, बकुलडीहा, किशुनपुर, भरवलिया, लक्ष्मीपुर खुर्द, चटियां, नउआबारी, माधवनगर तुर्कहिया, करदह, लालपुर, शितलापुर, बढया मुस्तकील, रामनगर आदि गांव बाढ से घिरे है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिये सांसद पंकज चौधरी की पहल पर ब्लाक प्रमुख द्वारा चार नाव की व्यवस्था कराई गयी है जिसकी मद्द से बुधवार को सैकडों लोगों को गांव से बाहर सुरक्षित स्थानों पर लाया गया।
धानी प्रतिनिधि के अनुसार विकास क्षेत्र बेलसर -रिगौली बाध में महराजगंज जिले की सीमा में पड़ने वाले बेलसर और धानी ग़ांव में रैटहोल और रेनकट के कारण जल रिसाव हो रहा है जिसके कारण ग्रामीणों में दहशत है। उक्त रिसाव को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा बालू और मिटटी डाला जा रहा है। बीती रात से सैकड़ों की संख्या में लोग रातजगा कर बंधे की रखवाली कर रहे है। राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों द्वारा बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपने-अपने घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे है। यही हाल क्षेत्र के परगापुर ताल पर बने बनदेइया बांध की है। यहां की स्थिति बहुत ही नाजुक है। यह बांध वन विभाग के अंतर्गत आता है। बनदेइया , केवतालिया , पुरन्दरपुर , काशीपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि आठ -दस साल से इस बंधे की मरम्मत नहीं हुई। बनदेइया बांध काशीपुर और केवटलिया के बीच आधा कट चुका है। ग्रामीणों द्वारा बालू और पटरा रखकर रोकथाम किया जा रहा है।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को लक्ष्मीपुर ब्लाक के ग्राम अमहवा मरचहवा ,मघिरिहवा, गीधा ,करिछवा , धनहवा, काशीपुर ,रघुनाथपुर, मठिअहवा, विभुअवा गावं के लोग बाढ़ मे फंसे रहे। बाढ़ में फंसे होने की सूचना एस एस बी को मिली। सूचना मिलते ही एस एस बी के प्रथम वाहािनी के कमांडेट शिव दयाल ने राहत एवं बचाव दल चंडीथान को कमांडर राजेश कुशवाहा के अगुआई में मौके पर भेज दिया । मौके पर पहुंचने के बाद बाढ़ में करीब तीन सौ लोगों की जान बचा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पुरदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के मंझार क्षेत्र के रोहिन नदी के तटबंध के कटान ने सोमवार को रात में तबाही मचा दिया जिससें मंझार के ग्रामीण बाढ के संकट से जूझ रहे हैं। तहसील प्रशासन के देखरेख में बाढ से प्रभावित लोगो को समरधीरा में शिविर बनाकर एकत्र कर सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। रोहिन नदी के तटबंध करमटीकर , अमहवा, कुड़ीया, अराजीसुबाइन में कटाव हो जाने के कारण पुरा मंझार क्षेत्र रोहिन के बाढ के चपेट में आ गया । चार स्थान पर कटान रात्रि में होने कारण शासन द्वारा कोई सुबिधा भी नहीं मुहैया हो पाया । जिसके कारण समरधीरा, रानीपुर ,मछरिहवा, करीमदादपुर, रजापुर, खालिकगढ, नबाबी, खालिकगढ, गीदहा, दनदनहवा, रधुनाथपुर, नवाडीह, बिनहा, तेरहो छावनी में पानी भर गया। मंगलवार को दिन में तहसीलदार नौतनवां राजेश जायसवाल एसएसबी टीम का मोटरबोट व फैजाबाद से किराए पर दो मोटर बोट मंगा कर बाढ में फंसे लोगो को निकलवा कर समरधीरा में बनाए गए शिविर में पहुंचाया गया। लेकिन मोटरबोट कम होने के कारण छतो , पेड़ो ,व बधो पर रहकर छत्तीस धंटा गुजारा किया। बुधवार से बाढ़ का पानी त्रिमुहानी में कटान हो जाने के काऱण कम हो गया है। मवेशियो के लिए अभी तक शासन द्वारा चारा का प्रबंध नहीं किया गया । इसी थाना क्षेत्र के टेढी, दशरथपुर, कानपुर, बेलौहा , सेमरहवा सहित जगंल के सटे गांव में रोहिन ने मंगलवार रात से तबाही मचा दिया है।
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नौतनवा - ठूठीबारी मार्ग बाढ़ के पानी से कटा ,
बरगदवां। बघेला नाला के बाढ़ के पानी से नौतनवा- ठूठीबारी मार्ग तरैनी गांव के पास करीब दस मीटर मंगलवार की दोपहर कटकर बह गया । जिससे इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया । मौके पर परसामालिक पुलिस पहुंच मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया ।बीते क्ई दिनों से हो रही लगातार बारिश से बीते शुक्रवार से उफनाई बघेला नदीं का पानी लगातार कई दिनों से नौतनवां ठूठीबारी मार्ग पर जगह जगह सड़क के उपर बह रहा था। इस मार्ग को कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त कर दिया है । लेकिन पानी का दबाव झेल रहा मार्ग आखिरकार मंगलवार की दोपहर मार्ग को काट दिया जिससे इस मार्ग से होकर ब्लॉक मुख्यालय ,नौतनवा , ठूठीबारी , बरगदवा , व नेपाल आने जाने वाले लोगों के काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है । मौके पर परसामलिक पुलिस पहुंच मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है ।
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समय रहते चेता होता प्रशासन तो नहीं कटता बंधा
गांगी बाजार। पनियरा क्षेत्र मे बहने वाली लगभग 21 किलो मीटर लम्बी जर्दी-डोमरा बांध सन 2007 मे हरखपुरा के पास कट गया। पूरा क्षेत्र मैरुण्ड हो गया था। बंधे पर जा रहे हरखपुरा के ग्रामीणों की नाव पलट गयी थी जिसमें 27 मौतें हो गई थीं। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती व लोक निर्माण व सिचाइ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्की भी मौके पर आये थे औऱ कई आला अधिकारियों पर कर्यवाही भी हुई थी
उसी समय मुख्य मंत्री ने स्त्रत्त्बंधा मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए देने का एलान भी किया औऱ कहा था कि बंधे को कम से कम डेढ़ मीटर उंचा व पांच मीटर चौडा कर दिया जाए तो इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगा औऱ इसके लिए धन भी आया औऱ बंधे को उचाँ व चौडा करने के लिए हर पांच सौ मीटर की दूरी पर बंधा उचां करने का प्रोफाइल(नमूना)भी बना दिया गया परन्तु उसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका औऱ मानक के अनुसार कार्य नहीं हुआ। जैसे तैसे काम पूरा कराया गया उसके बाद से आज दस वर्षों तक मरम्मत के नाम पर एक रोडी मिट्टी नहीं पडी।
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पूरी रात दहशत व दुस्वारियों में बंधे पर गुजरी रातें
क्षेत्र के 22 टोले बाढ़ से घिर गए
रतनपुर। भारी बरसात से आयी भीषण बाढ़ से तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। लोग छतों व सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन के तरफ से लंच पैक के अलावा अभी तक कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं करायी गयी। पूरी रात लोग दहशत और दुश्वारियां के बीच रात गुजारे। अलबत्ता एक प्लाटून पीएसी तथा नौतनवां पुलिस कैम्प कर रही है।
रोहिन तथा बघेला नदी के उफान से नौतनवां ब्लाक के गाँव चकदह गांव के महुलैना, घरोही, जवहवा, शाहपुर, बेलहिया, बेलभार, मनिकापुर, आजादनगर ,मरचहवा, लालपुर समेत सभी 22 टोले बाढ़ से घिर गए हैं। सम्पर्क मार्ग कट गया है। बुधवार को लोगों को मोटर वोट से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। चौथे दिन राजस्व टीम द्वारा लंच पैक व चिकित्सा टीम द्वारा दवाइयां वितरित की गई। नौतनवां पुलिस सुरक्षा के लिए कैम्प कर रही है। लोगों का आरोप है कि अभी तक रहने के लिए न तो पल्ली उपलब्ध कराया गया और न ही पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाया गया है। इससे लोगों में आक्रोश है।
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बाढ में फंसे लोगो ने सुनाई पीडा, छत पर गुजरी रात
रतनपुर। बुधवार को चकदह गांव में आयी भीषण बाढ़ का जायजा लेने जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो पीड़ितों ने आप बीती सुनायी। प्रशासन द्वारा कोई ठोस व्यवस्था न करने से लोगों ने आक्रोश जताया। वही समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से सहायता त्वरित दिए जाने की मांग की। लोगो ने एकएक कर समस्या को बयां किया।
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फोटो:-
--घरोही टोले की पूनम देवी ने बताया कि मेरा पूरा परिवार मकान के छत पर रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान के द्वारा भोजन के लिए लंच पैक की व्यवस्था दी गयी है। पूरी रात व दिन खुले आसमान में समय काट रहे हैं।
फोटो:-
-- घरोही टोले के केशा देवी ने बताया कि हम लोगों को पल्ली, रछाता आदि कोई भी जरुरत की वस्तुएं उपलब्ध नहीं हुआ खुले आसमान में परिवार के बैठ कर रातें बिता रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है।
फोटो:-
---पलिहरवा टोले के सितारुननिशा ने बताया कि मकान गिर गया है। कई दिनों से चुल्हे नहीं जले दूसरे स्थान पर शरण लिए है। प्रधान द्वारा उपलब्ध कराए गए लंच पैक से भोजन हो रहा है। परेशानी के बीच जीवन काट रहा है लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं है।
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तबारक हुसैन ने बताया कि प्रशासन से चार मोटर वोट आयी है जिसमें से एक खराब है। वोट के सहारे लोगों को लंच पैक वितरित किया जा रहा है। वह भी सभी लोगो तक नहीं पहुंच पा रहा है। समस्याओं से निजात के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। जिससे बेहद परेशानी हो रही है।
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जायजा लेने पहुंचे सांसद, विधायक, एसडीएम
रतनपुर। बुधवार को सांसद पंकज चौधरी, विधायक अमन मणि त्रिपाठी, पूर्व सांसद कुँवर अखिलेश सिंह भी बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचे। उपजिलाधिकारी नौतनवां प्रेम प्रकाश अंजोर तथा साए नौतनवां सुरेश कुमार रवि ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। थानाध्यक्ष नौतनवां श्रीधर पाठक मयफोर्स कैम्प कर रहे हैं। 26वीं वाहिनी गोरखपुर से एक प्लाटून पीएसी चार मोटर वोट से लोगों को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं। समाजसेवी रामसहाय लोहिया तथा अशोक मोदनवाल ने चकदह गाँव के महुलैना टोले क बाढ़ पीड़ित लोगों में भूजा व विस्किट बांटा। उनके इस पुनीत कार्य की लोगों ने सराहना किया।
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जर्जर जर्दी डोमरा बांध बघौना के पास टूटा, 24 से अधिक गांव पानी से घिरे
पनियरा ब्लाक मुख्यालय से दो दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग टूटे
रोहिन के तटबंध का कटान मचाया मंझार में तबाही
चेरही तटबंध टूटा, 16 गांव समेत टोले पानी से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में बाढ़ से भीषण तबाही मची है। जिला मुख्यालय से ठूठीबारी, फरेंदा, नौतनवां का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा इन क्षेत्र में आने वाले तमाम गांवों का संपर्क भी जिला मुुख्यालय से टूट चुका है। प्रशासन की सहायता के भरोसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग दुश्वारियों भरा जीवन जीने को मजबूर है। चंदन, झरही, प्यास, त्रिमुहानी, महाव, रोहीन, राप्ती नदियों में पहाड़ों से आए पानी से खस्ताहाल बंधे दरक गए और तबाही मच गई। निचलौल, नौतनवां, सदर और फरेंदा क्षेत्र के तमाम गांव बाढ प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से जैसे तैसे बाढ बचाव राहत कार्य किया जा रहा है। ठूठीबारी का चंदन नदी का पुल एप्रोच ध्वस्त होने से आवागमन ठप हो चुका है। बाढ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं संचार व्यवस्था भी अब ठप होने लगी है। बिजली के अभाव में लोगों के मोबाइल डिस्चार्ज हो रहे हैं।
सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी के पास चेहरी बंधा टूट गया। जिससे आईटीएम में पूरा पानी भर गया। पुलिस ने महलगंज चौराहे पर बैरिकेटिग कर दिया है। फरेन्दा रोड पर आवागमन ठप कर दिया गया है। पुलिस निगरानी में जुटी है। बांध टूटने के कारण कोल्हुआ जजोत, रामनगर, बासपट्टी, चेहरी खास, धोविनियहवां, तीन टोलियां, सेखपुर, लक्ष्मीपुर, करीमपुर, ठढवरियां, कोठी टोला, भइसहियां के अलावा टोले बाढ से घिरे है। प्रशासन की ओर से वोट के जरिए लोगो को सुरक्षित निकाला गया। मौके पर एसडीमए देवेश गुप्ता, सीओ एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। बाढ से घिरे लोगो को काफी देर तक बचाव राहत दल की ओर से निकाला गया। कुछ लोग बंधे पर शरण लिए हुए है। वहीं तमाम लोग अपने रिश्तेदारो के घर शरण लेने पहुंचे।
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पनियरा-गांगी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार रोहिन नदी का जर्जर जर्दी डोमरा बांध को मंगलवार की शाम पनियरा थाना क्षेत्र के बघौना तेन्दुअहिया डोमरा, रानीपुर में आधा दर्जन जगहों पर बांध को तोड़ दिया जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांव के लोग बंधा टूटने के बाद से ही गांव छोड़ कर मवेशियों के साथ ऊचें स्थान पर शरण लिए है। बाढ़ पीडितो को राहत सामग्री नहीं मिलने से नाराज शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जता रहे है।
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बड़हरलाला गांव के दोनों तरफ लगभग 100 मिटर बाढ़ कट जाने से गांव के चारो तरफ पानी से घिर गया है। जिन्हें गांव से निकलना भारी असुविधा हो रहा। वही एन.डी.आर.की टीम द्वारा लगभग बाढ़ में फंसे 300 लोगो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बीती रात ग्राम सभा रानीपुर में बांध कटने से अफरा- तफरी मच गई। लोग जान बचा कर सुरक्षित जगह भागने लगे। वहीं चार मकान नदी पानी के वेग में ध्वस्त हो गए। बाढ़ में फंसे कुछ लोगो को अब तक प्रशासन द्वारा निकाला नहीं जा सका। कुछ लोग छत पर नाव के इंतजार में बैठै है। दर्जनों गांव पानी से घिर गए है। मुजुरी से कैम्पियरगंज-गोरखपुर मार्ग पानी भर जाने से बंद हो चुका हैं। वहीं बाढ़ से धान, मकई मूंगफली, अरहर केला हजारों एकड़ फसल बर्वाद हो गई है।
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार नेपाल की पहाडियों पर हो रही लगातार बारिस के चलते उफनाई नदी नालों से निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ का कहर लोगों की जिन्दगियों पर भारी पड रहा है। क्षेत्र के लगभग प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप है। गांव पानी में घिरे है, लोग बंधो और ऊंचे स्थानों पर शरण हुये है। तो वहीं जलनिकासी की समस्या से जुझते नगर की स्थिति भी नरकीय हो गई हैजिसे लेकर शहर से लेकर गांव तक लोग परेशान है और मद्द के नाम पर शासन प्रशासन के हाथ अभी भी बाढ पीढितों से काफी दूर है।
नारायणी, चंदन, झरही, महाव व छोटी गंडक आदि नदियों के जलस्तर में इसबार जिसतरह का उतार चढाव बना हुआ है उसे लेकर लोग खासे हैरान परेशान है।बाढ की मार से सबसे ज्यादा निचलौल ब्लाक प्रभावित है यहां दो दर्जन से अधिक गांव मैरुण्ड होने के कगार पर खडे है।सीमावर्ती गांव गेडहवां, कनमिसवां, औरहवां, कलनहीं खुर्द, सोहगी बरवा, शिकारपुर, भोतहा, चंदा, गुलभार, बलुआ टोला, बोदना, मैरी, गडौरा, बकुलडीहा, किशुनपुर, भरवलिया, लक्ष्मीपुर खुर्द, चटियां, नउआबारी, माधवनगर तुर्कहिया, करदह, लालपुर, शितलापुर, बढया मुस्तकील, रामनगर आदि गांव बाढ से घिरे है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिये सांसद पंकज चौधरी की पहल पर ब्लाक प्रमुख द्वारा चार नाव की व्यवस्था कराई गयी है जिसकी मद्द से बुधवार को सैकडों लोगों को गांव से बाहर सुरक्षित स्थानों पर लाया गया।
धानी प्रतिनिधि के अनुसार विकास क्षेत्र बेलसर -रिगौली बाध में महराजगंज जिले की सीमा में पड़ने वाले बेलसर और धानी ग़ांव में रैटहोल और रेनकट के कारण जल रिसाव हो रहा है जिसके कारण ग्रामीणों में दहशत है। उक्त रिसाव को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा बालू और मिटटी डाला जा रहा है। बीती रात से सैकड़ों की संख्या में लोग रातजगा कर बंधे की रखवाली कर रहे है। राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों द्वारा बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपने-अपने घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे है। यही हाल क्षेत्र के परगापुर ताल पर बने बनदेइया बांध की है। यहां की स्थिति बहुत ही नाजुक है। यह बांध वन विभाग के अंतर्गत आता है। बनदेइया , केवतालिया , पुरन्दरपुर , काशीपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि आठ -दस साल से इस बंधे की मरम्मत नहीं हुई। बनदेइया बांध काशीपुर और केवटलिया के बीच आधा कट चुका है। ग्रामीणों द्वारा बालू और पटरा रखकर रोकथाम किया जा रहा है।
खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को लक्ष्मीपुर ब्लाक के ग्राम अमहवा मरचहवा ,मघिरिहवा, गीधा ,करिछवा , धनहवा, काशीपुर ,रघुनाथपुर, मठिअहवा, विभुअवा गावं के लोग बाढ़ मे फंसे रहे। बाढ़ में फंसे होने की सूचना एस एस बी को मिली। सूचना मिलते ही एस एस बी के प्रथम वाहािनी के कमांडेट शिव दयाल ने राहत एवं बचाव दल चंडीथान को कमांडर राजेश कुशवाहा के अगुआई में मौके पर भेज दिया । मौके पर पहुंचने के बाद बाढ़ में करीब तीन सौ लोगों की जान बचा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पुरदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के मंझार क्षेत्र के रोहिन नदी के तटबंध के कटान ने सोमवार को रात में तबाही मचा दिया जिससें मंझार के ग्रामीण बाढ के संकट से जूझ रहे हैं। तहसील प्रशासन के देखरेख में बाढ से प्रभावित लोगो को समरधीरा में शिविर बनाकर एकत्र कर सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। रोहिन नदी के तटबंध करमटीकर , अमहवा, कुड़ीया, अराजीसुबाइन में कटाव हो जाने के कारण पुरा मंझार क्षेत्र रोहिन के बाढ के चपेट में आ गया । चार स्थान पर कटान रात्रि में होने कारण शासन द्वारा कोई सुबिधा भी नहीं मुहैया हो पाया । जिसके कारण समरधीरा, रानीपुर ,मछरिहवा, करीमदादपुर, रजापुर, खालिकगढ, नबाबी, खालिकगढ, गीदहा, दनदनहवा, रधुनाथपुर, नवाडीह, बिनहा, तेरहो छावनी में पानी भर गया। मंगलवार को दिन में तहसीलदार नौतनवां राजेश जायसवाल एसएसबी टीम का मोटरबोट व फैजाबाद से किराए पर दो मोटर बोट मंगा कर बाढ में फंसे लोगो को निकलवा कर समरधीरा में बनाए गए शिविर में पहुंचाया गया। लेकिन मोटरबोट कम होने के कारण छतो , पेड़ो ,व बधो पर रहकर छत्तीस धंटा गुजारा किया। बुधवार से बाढ़ का पानी त्रिमुहानी में कटान हो जाने के काऱण कम हो गया है। मवेशियो के लिए अभी तक शासन द्वारा चारा का प्रबंध नहीं किया गया । इसी थाना क्षेत्र के टेढी, दशरथपुर, कानपुर, बेलौहा , सेमरहवा सहित जगंल के सटे गांव में रोहिन ने मंगलवार रात से तबाही मचा दिया है।
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नौतनवा - ठूठीबारी मार्ग बाढ़ के पानी से कटा ,
बरगदवां। बघेला नाला के बाढ़ के पानी से नौतनवा- ठूठीबारी मार्ग तरैनी गांव के पास करीब दस मीटर मंगलवार की दोपहर कटकर बह गया । जिससे इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया । मौके पर परसामालिक पुलिस पहुंच मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया ।बीते क्ई दिनों से हो रही लगातार बारिश से बीते शुक्रवार से उफनाई बघेला नदीं का पानी लगातार कई दिनों से नौतनवां ठूठीबारी मार्ग पर जगह जगह सड़क के उपर बह रहा था। इस मार्ग को कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त कर दिया है । लेकिन पानी का दबाव झेल रहा मार्ग आखिरकार मंगलवार की दोपहर मार्ग को काट दिया जिससे इस मार्ग से होकर ब्लॉक मुख्यालय ,नौतनवा , ठूठीबारी , बरगदवा , व नेपाल आने जाने वाले लोगों के काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है । मौके पर परसामलिक पुलिस पहुंच मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है ।
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समय रहते चेता होता प्रशासन तो नहीं कटता बंधा
गांगी बाजार। पनियरा क्षेत्र मे बहने वाली लगभग 21 किलो मीटर लम्बी जर्दी-डोमरा बांध सन 2007 मे हरखपुरा के पास कट गया। पूरा क्षेत्र मैरुण्ड हो गया था। बंधे पर जा रहे हरखपुरा के ग्रामीणों की नाव पलट गयी थी जिसमें 27 मौतें हो गई थीं। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती व लोक निर्माण व सिचाइ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्की भी मौके पर आये थे औऱ कई आला अधिकारियों पर कर्यवाही भी हुई थी
उसी समय मुख्य मंत्री ने स्त्रत्त्बंधा मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए देने का एलान भी किया औऱ कहा था कि बंधे को कम से कम डेढ़ मीटर उंचा व पांच मीटर चौडा कर दिया जाए तो इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगा औऱ इसके लिए धन भी आया औऱ बंधे को उचाँ व चौडा करने के लिए हर पांच सौ मीटर की दूरी पर बंधा उचां करने का प्रोफाइल(नमूना)भी बना दिया गया परन्तु उसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका औऱ मानक के अनुसार कार्य नहीं हुआ। जैसे तैसे काम पूरा कराया गया उसके बाद से आज दस वर्षों तक मरम्मत के नाम पर एक रोडी मिट्टी नहीं पडी।
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पूरी रात दहशत व दुस्वारियों में बंधे पर गुजरी रातें
क्षेत्र के 22 टोले बाढ़ से घिर गए
रतनपुर। भारी बरसात से आयी भीषण बाढ़ से तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। लोग छतों व सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन के तरफ से लंच पैक के अलावा अभी तक कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं करायी गयी। पूरी रात लोग दहशत और दुश्वारियां के बीच रात गुजारे। अलबत्ता एक प्लाटून पीएसी तथा नौतनवां पुलिस कैम्प कर रही है।
रोहिन तथा बघेला नदी के उफान से नौतनवां ब्लाक के गाँव चकदह गांव के महुलैना, घरोही, जवहवा, शाहपुर, बेलहिया, बेलभार, मनिकापुर, आजादनगर ,मरचहवा, लालपुर समेत सभी 22 टोले बाढ़ से घिर गए हैं। सम्पर्क मार्ग कट गया है। बुधवार को लोगों को मोटर वोट से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। चौथे दिन राजस्व टीम द्वारा लंच पैक व चिकित्सा टीम द्वारा दवाइयां वितरित की गई। नौतनवां पुलिस सुरक्षा के लिए कैम्प कर रही है। लोगों का आरोप है कि अभी तक रहने के लिए न तो पल्ली उपलब्ध कराया गया और न ही पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाया गया है। इससे लोगों में आक्रोश है।
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बाढ में फंसे लोगो ने सुनाई पीडा, छत पर गुजरी रात
रतनपुर। बुधवार को चकदह गांव में आयी भीषण बाढ़ का जायजा लेने जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो पीड़ितों ने आप बीती सुनायी। प्रशासन द्वारा कोई ठोस व्यवस्था न करने से लोगों ने आक्रोश जताया। वही समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से सहायता त्वरित दिए जाने की मांग की। लोगो ने एकएक कर समस्या को बयां किया।
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फोटो:-
--घरोही टोले की पूनम देवी ने बताया कि मेरा पूरा परिवार मकान के छत पर रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान के द्वारा भोजन के लिए लंच पैक की व्यवस्था दी गयी है। पूरी रात व दिन खुले आसमान में समय काट रहे हैं।
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-- घरोही टोले के केशा देवी ने बताया कि हम लोगों को पल्ली, रछाता आदि कोई भी जरुरत की वस्तुएं उपलब्ध नहीं हुआ खुले आसमान में परिवार के बैठ कर रातें बिता रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है।
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---पलिहरवा टोले के सितारुननिशा ने बताया कि मकान गिर गया है। कई दिनों से चुल्हे नहीं जले दूसरे स्थान पर शरण लिए है। प्रधान द्वारा उपलब्ध कराए गए लंच पैक से भोजन हो रहा है। परेशानी के बीच जीवन काट रहा है लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं है।
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तबारक हुसैन ने बताया कि प्रशासन से चार मोटर वोट आयी है जिसमें से एक खराब है। वोट के सहारे लोगों को लंच पैक वितरित किया जा रहा है। वह भी सभी लोगो तक नहीं पहुंच पा रहा है। समस्याओं से निजात के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। जिससे बेहद परेशानी हो रही है।
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जायजा लेने पहुंचे सांसद, विधायक, एसडीएम
रतनपुर। बुधवार को सांसद पंकज चौधरी, विधायक अमन मणि त्रिपाठी, पूर्व सांसद कुँवर अखिलेश सिंह भी बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचे। उपजिलाधिकारी नौतनवां प्रेम प्रकाश अंजोर तथा साए नौतनवां सुरेश कुमार रवि ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। थानाध्यक्ष नौतनवां श्रीधर पाठक मयफोर्स कैम्प कर रहे हैं। 26वीं वाहिनी गोरखपुर से एक प्लाटून पीएसी चार मोटर वोट से लोगों को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं। समाजसेवी रामसहाय लोहिया तथा अशोक मोदनवाल ने चकदह गाँव के महुलैना टोले क बाढ़ पीड़ित लोगों में भूजा व विस्किट बांटा। उनके इस पुनीत कार्य की लोगों ने सराहना किया।