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वैदिक काल में महिलाओं का समाज में था उच्च स्थान : डॉ शास्त्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्रोदय कुमार के निर्देश पर नेहरू महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना चतुर्थ इकाई के तत्वावधान में लैंगिक समानता पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
संस्कृत के विभागाध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति समाज में काफी ऊंची थी, उन्हें अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता थी। वे धार्मिक क्रियाओं में भाग ही नहीं लेती थीं, बल्कि क्रियाएं संपन्न कराने वाले पुरोहितों और ऋषियों का दर्जा भी उन्हें प्राप्त था। उस समय महिलाएं धर्म शास्त्रार्थ इत्यादि में पुरुषों की तरह ही भाग लेती थीं। लैंगिक असमानता जैसा कोई विषय नहीं था लेकिन आज लैंगिक असमानता का मुख्य कारण शिक्षा की कमी है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल ने महिला सशक्तीकरण की योजनाओं के बारे में व्याख्यान दिया। पैनल अधिवक्ता शेर सिंह यादव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से महिलाओं को सदैव निशुल्क सहायता मिलती है, किसी भी विधिक सलाह और जानकारी के लिए 15100 पर कॉल करें। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवकों ने नर और नारी एक समान विषय पर नाट्य मंचन कर लैंगिक असमानता की पोल खोली। छात्रा जान्हवी साहू ने अपने भाषण से लैंगिक असमानता पर प्रहार किया। इस दौरान पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पालक, प्रिंसी, रवीना, संजना आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्रोदय कुमार के निर्देश पर नेहरू महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना चतुर्थ इकाई के तत्वावधान में लैंगिक समानता पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
संस्कृत के विभागाध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति समाज में काफी ऊंची थी, उन्हें अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता थी। वे धार्मिक क्रियाओं में भाग ही नहीं लेती थीं, बल्कि क्रियाएं संपन्न कराने वाले पुरोहितों और ऋषियों का दर्जा भी उन्हें प्राप्त था। उस समय महिलाएं धर्म शास्त्रार्थ इत्यादि में पुरुषों की तरह ही भाग लेती थीं। लैंगिक असमानता जैसा कोई विषय नहीं था लेकिन आज लैंगिक असमानता का मुख्य कारण शिक्षा की कमी है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल ने महिला सशक्तीकरण की योजनाओं के बारे में व्याख्यान दिया। पैनल अधिवक्ता शेर सिंह यादव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से महिलाओं को सदैव निशुल्क सहायता मिलती है, किसी भी विधिक सलाह और जानकारी के लिए 15100 पर कॉल करें। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवकों ने नर और नारी एक समान विषय पर नाट्य मंचन कर लैंगिक असमानता की पोल खोली। छात्रा जान्हवी साहू ने अपने भाषण से लैंगिक असमानता पर प्रहार किया। इस दौरान पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पालक, प्रिंसी, रवीना, संजना आदि मौजूद रहे।
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