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Lalitpur News: विशेष सचिव जब स्वास्थ्य सेवाओं का कर रहे थे निरीक्षण, तब बस में हुआ गर्भवती महिला का प्रसव
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- उप स्वास्थ्य केंद्र पिसनारी से भगाए जाने के बाद सास गर्भवती बहू को लेकर बस में बैठाकर ला रही थी मड़ावरा सीएचसी
- स्वास्थ्य स्टाफ ने विशेष सचिव के दौरे का हवाला देकर प्रसव कराने से कर दिया था मना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासन के विशेष सचिव राजेश कुमार प्रजापति जब जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उप स्वास्थ्य केंद्र से भगाई एक आदिवासी प्रसूता का चलती हुई बस में प्रसव हुआ। चालक बस को सीधे मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। यहां प्रसूता को भर्ती कराया गया।
ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम सकरा निवासी ललिता आदिवासी जो कि नौ माह की गर्भवती थी और उसे शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई। ललिता की सास कुसुम उसे नजदीकी उपस्वास्थ्य केंद्र पिसनारी ले गई। सास कुसुम के मुताबिक जब वह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को पुत्र वधु ललिता को प्रसव पीड़ा होने की बात बताई। तब यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया और उसे यहां भगा दिया। यहां तक की उसने बहू को दर्द का कोई इंजेक्शन लगाने तक को कहा था। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोई इलाज नहीं किया और न ही एंबुलेंस आदि को फोन किया। इस पर उसने दर्द से कराह रही अपनी बहू ललिता को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए बैठ गई। अभी बस ग्राम गोराकलां के पास ही पहुंची थी कि ललिता का प्रसव हो गया। प्रसव में ललिता ने एक बच्ची को जन्म दिया था। बस में सवार महिलाओं ने प्रसव कराने में मदद की। वहीं, बस में महिला का प्रसव होने पर चालक सीधे बस को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। यहां स्वास्थ्य कर्मियों ने जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया। बस में महिला के प्रसव होने को लेकर कस्बा सहित क्षेत्र के लोग तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
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विशेष सचिव के आने का हवाला देकर भगाया गया प्रसूता को
कुसुम के मुताबिक पिसनारी में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने प्रसूता ललिता का प्रसव कराने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि वहां पर शासन के विशेष सचिव का दौरा है। कुछ देर बाद वह इस क्षेत्र में आने वाले हैं।
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अशिक्षित होने पर नहीं कर सकी एंबुलेंस काे कॉल
ललिता की सास कुसुम ने बताया कि वह आदिवासी समाज से है और अशिक्षित है। इस कारण से वह अपनी बहू को प्रसव कराने के लिए एंबुलेंस सेवा की मदद लेने के लिए काॅल नहीं लगा पाई। पिसनारी के उप स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने भी एंबुलेंस की मदद मिलने को लेकर कोई मदद नहीं की।
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- स्वास्थ्य स्टाफ ने विशेष सचिव के दौरे का हवाला देकर प्रसव कराने से कर दिया था मना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासन के विशेष सचिव राजेश कुमार प्रजापति जब जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उप स्वास्थ्य केंद्र से भगाई एक आदिवासी प्रसूता का चलती हुई बस में प्रसव हुआ। चालक बस को सीधे मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। यहां प्रसूता को भर्ती कराया गया।
ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम सकरा निवासी ललिता आदिवासी जो कि नौ माह की गर्भवती थी और उसे शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई। ललिता की सास कुसुम उसे नजदीकी उपस्वास्थ्य केंद्र पिसनारी ले गई। सास कुसुम के मुताबिक जब वह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को पुत्र वधु ललिता को प्रसव पीड़ा होने की बात बताई। तब यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराने से इन्कार कर दिया और उसे यहां भगा दिया। यहां तक की उसने बहू को दर्द का कोई इंजेक्शन लगाने तक को कहा था। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोई इलाज नहीं किया और न ही एंबुलेंस आदि को फोन किया। इस पर उसने दर्द से कराह रही अपनी बहू ललिता को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए बैठ गई। अभी बस ग्राम गोराकलां के पास ही पहुंची थी कि ललिता का प्रसव हो गया। प्रसव में ललिता ने एक बच्ची को जन्म दिया था। बस में सवार महिलाओं ने प्रसव कराने में मदद की। वहीं, बस में महिला का प्रसव होने पर चालक सीधे बस को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। यहां स्वास्थ्य कर्मियों ने जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया। बस में महिला के प्रसव होने को लेकर कस्बा सहित क्षेत्र के लोग तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
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विशेष सचिव के आने का हवाला देकर भगाया गया प्रसूता को
कुसुम के मुताबिक पिसनारी में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने प्रसूता ललिता का प्रसव कराने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि वहां पर शासन के विशेष सचिव का दौरा है। कुछ देर बाद वह इस क्षेत्र में आने वाले हैं।
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अशिक्षित होने पर नहीं कर सकी एंबुलेंस काे कॉल
ललिता की सास कुसुम ने बताया कि वह आदिवासी समाज से है और अशिक्षित है। इस कारण से वह अपनी बहू को प्रसव कराने के लिए एंबुलेंस सेवा की मदद लेने के लिए काॅल नहीं लगा पाई। पिसनारी के उप स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने भी एंबुलेंस की मदद मिलने को लेकर कोई मदद नहीं की।