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नीलामी चबूतरों व गोदामों में होगा भंडारण
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Sat, 02 Apr 2016 01:37 AM IST
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गेंहू किसान
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा गेहूं खरीद विभिन्न सेंटरों के माध्यम से की जाएगी। अधिक खरीद होने की संभावना को देखते हुए नीलामी चबूतरों के साथ ही विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के गोदामों पर भंडारण किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम बुढ़वार में नवनिर्माणाधीन गोदाम में भी भंडारण किए जाने की योजना है, ताकि अधिक खरीद होने पर भंडारण में परेशानी न हो।
जनपद में एफसीआई को इस वर्ष शासन द्वारा स्पष्ट रूप से कोई निर्धारित लक्ष्य तो नहीं दिया है, लेकिन वर्ष 2012 के सापेक्ष साढ़े छह लाख क्विंटल गेहूं खरीद करने को कहा गया है, जो गत वर्ष दिए गए 5.63 लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अधिक है। हालांकि, गत वर्ष साढ़े चार लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 5.63 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी, जिससे उपलब्ध गोदामों में भंडारण क्षमता से अधिक गेहूं आ जाने से भंडारण की दिक्कत हो गई थी। गनीमत रही थी कि तीन रैक गेहूं (75 हजार क्विंटल) अन्य प्रदेश भेज दिए जाने के कारण राहत मिल गई थी।
एफसीआई के डिप्टी आरएमओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं भंडारण के लिए नवीन गल्ला मंडी में स्थित गोदाम के अलावा आठ नीलामी चबूतरों पर भी गेहूं खरीद कर भंडारण किया जाता है, जहां दस हजार क्विंटल तक भंडारण की क्षमता है। ग्राम ककरुआ में 15 हजार क्विंटल गेहूं भंडारण केे लिए गोदाम उपलब्ध है। अमरपुर मंडी में आठ चबूतरों पर सात से आठ हजार क्विंटल गेहूं भंडारण की क्षमता है। वहीं, ग्राम बुुढ़वार में निर्माणाधीन वेयर हाउस में भी गेहूं भंडारण किया जाएगा, जिसमें 25 हजार क्विंटल गेहूं भंडारण की क्षमता है।
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चार अप्रैल से गल्ला मंडी खुलने के कारण गेहूं आने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए एफसीआई द्वारा पीसीएफ, अन्य समितियों व सोसायटियों द्वारा गेहूं खरीद कराई जा रही है, जिसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है, अब किसानों के गेहूं का इंतजार किया जा रहा है, जिसकी खरीद शासन द्वारा समर्थित मूल्य 1,525 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से एफसीआई द्वारा की जाएगी।
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जनपद में एफसीआई को इस वर्ष शासन द्वारा स्पष्ट रूप से कोई निर्धारित लक्ष्य तो नहीं दिया है, लेकिन वर्ष 2012 के सापेक्ष साढ़े छह लाख क्विंटल गेहूं खरीद करने को कहा गया है, जो गत वर्ष दिए गए 5.63 लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अधिक है। हालांकि, गत वर्ष साढ़े चार लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 5.63 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी, जिससे उपलब्ध गोदामों में भंडारण क्षमता से अधिक गेहूं आ जाने से भंडारण की दिक्कत हो गई थी। गनीमत रही थी कि तीन रैक गेहूं (75 हजार क्विंटल) अन्य प्रदेश भेज दिए जाने के कारण राहत मिल गई थी।
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एफसीआई के डिप्टी आरएमओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं भंडारण के लिए नवीन गल्ला मंडी में स्थित गोदाम के अलावा आठ नीलामी चबूतरों पर भी गेहूं खरीद कर भंडारण किया जाता है, जहां दस हजार क्विंटल तक भंडारण की क्षमता है। ग्राम ककरुआ में 15 हजार क्विंटल गेहूं भंडारण केे लिए गोदाम उपलब्ध है। अमरपुर मंडी में आठ चबूतरों पर सात से आठ हजार क्विंटल गेहूं भंडारण की क्षमता है। वहीं, ग्राम बुुढ़वार में निर्माणाधीन वेयर हाउस में भी गेहूं भंडारण किया जाएगा, जिसमें 25 हजार क्विंटल गेहूं भंडारण की क्षमता है।
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चार अप्रैल से गल्ला मंडी खुलने के कारण गेहूं आने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए एफसीआई द्वारा पीसीएफ, अन्य समितियों व सोसायटियों द्वारा गेहूं खरीद कराई जा रही है, जिसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है, अब किसानों के गेहूं का इंतजार किया जा रहा है, जिसकी खरीद शासन द्वारा समर्थित मूल्य 1,525 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से एफसीआई द्वारा की जाएगी।