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नीलामी चबूतरा पर गल्ला व्यापारियों का कब्जा
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Sat, 02 Apr 2016 01:41 AM IST
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गेहूं
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। गल्ला मंडी परिसर में स्थापित नीलामी चबूतरों पर किसानों का अनाज आने से पूर्व ही व्यापारियों ने बोरे रखकर अपना कब्जा जमा लिया है। इससे अब किसानों को गल्ला रखने के लिए परेशान होना पड़ेगा।
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। गल्ला मंडी में गेहूं की खरीद के लिए एक केंद्र बनाया गया है। मंडी में सात बड़े और एक छोटा नीलामी चबूतरा है। एक नीलामी चबूतरा पर सात से आठ हजार क्विंटल गल्ला रखने की क्षमता है। फसल आने के बाद किसान गल्ला लेकर मंडी पहुंचना शुरू होने वाले हैं। किसानों द्वारा लाया गया गल्ला नीलामी चबूतरों पर रखवाया जाता है। लेकिन, किसानों द्वारा गल्ला लाकर नीलामी चबूतरों पर रखा जाए, इससे पूर्व ही गल्ला मंडी व्यापारियों द्वारा नीलामी चबूतरों पर गल्ला से भरे बोरे रखकर अपना कब्जा जमा लिया है। नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों द्वारा कब्जा जमाया जा रहा है, लेकिन मंडी समिति प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यदि मंडी समिति प्रशासन द्वारा शीघ्र ही नीलामी चबूतरों से कब्जा नहीं हटवाया जाता है, तो पांच अप्रैल से मंडी के खुलने पर जनपद के किसानों को नीलामी चबूतरों पर गल्ला रखने को जगह तक नहीं मिलेगी । बता दें कि व्यापारियों द्वारा बिना मंडी समिति के अधिकारियों की सहमति से नीलामी चबूतरों पर कब्जा जमाना आसान नहीं है। ऐसे में मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठना लाजमी है।
चार को खुलेगी गल्ला मंडी
गल्ला मंडी चार अप्रैल को खुलेगी। गल्ला मंडी होली और मार्च क्लोजिंग के कारण बंद चल रही है। इस कारण गल्ला मंडी चार अप्रैल को खुलेगी।
इनका कहना है
नीलामी चबूतरों का निरीक्षण कर अवैध रूप से गल्ला रखकर कब्जा जमाने वाले व्यापारियों को नोटिस दिया गया है। यदि फिर भी गल्ला नहीं हटाया जाता है तो जबरन गल्ला हटवाया जाएगा।
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अनिल कुमार, सचिव, मंडी समित ललितपुर।
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एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। गल्ला मंडी में गेहूं की खरीद के लिए एक केंद्र बनाया गया है। मंडी में सात बड़े और एक छोटा नीलामी चबूतरा है। एक नीलामी चबूतरा पर सात से आठ हजार क्विंटल गल्ला रखने की क्षमता है। फसल आने के बाद किसान गल्ला लेकर मंडी पहुंचना शुरू होने वाले हैं। किसानों द्वारा लाया गया गल्ला नीलामी चबूतरों पर रखवाया जाता है। लेकिन, किसानों द्वारा गल्ला लाकर नीलामी चबूतरों पर रखा जाए, इससे पूर्व ही गल्ला मंडी व्यापारियों द्वारा नीलामी चबूतरों पर गल्ला से भरे बोरे रखकर अपना कब्जा जमा लिया है। नीलामी चबूतरों पर व्यापारियों द्वारा कब्जा जमाया जा रहा है, लेकिन मंडी समिति प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यदि मंडी समिति प्रशासन द्वारा शीघ्र ही नीलामी चबूतरों से कब्जा नहीं हटवाया जाता है, तो पांच अप्रैल से मंडी के खुलने पर जनपद के किसानों को नीलामी चबूतरों पर गल्ला रखने को जगह तक नहीं मिलेगी । बता दें कि व्यापारियों द्वारा बिना मंडी समिति के अधिकारियों की सहमति से नीलामी चबूतरों पर कब्जा जमाना आसान नहीं है। ऐसे में मंडी समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठना लाजमी है।
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चार को खुलेगी गल्ला मंडी
गल्ला मंडी चार अप्रैल को खुलेगी। गल्ला मंडी होली और मार्च क्लोजिंग के कारण बंद चल रही है। इस कारण गल्ला मंडी चार अप्रैल को खुलेगी।
इनका कहना है
नीलामी चबूतरों का निरीक्षण कर अवैध रूप से गल्ला रखकर कब्जा जमाने वाले व्यापारियों को नोटिस दिया गया है। यदि फिर भी गल्ला नहीं हटाया जाता है तो जबरन गल्ला हटवाया जाएगा।
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अनिल कुमार, सचिव, मंडी समित ललितपुर।