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Lalitpur News: जखौरा में पांच हेक्टयर भूमि पर बनेगा वेटलैंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जखौरा क्षेत्र के ग्राम बुड़ेरा में वेटलैंड विकसित होने जा रहा है। यहां तालाब के किनारे फलदार व ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पक्षियों को पर्याप्त भोजन मिल सके। जनपद का यह पहला पक्षी विहार होगा।
वन विभाग जखौरा क्षेत्र में वेटलैंड विकसित करेगा। अभी तक यहां एक भी वेटलैंड नहीं है। वैसे बांधों के जलाशयों में प्राकृतिक वेटलैंड हैं। हाल में वन एवं पर्यावरण विभाग की टीम ने सर्वे कर कई जगहों का आकलन किया, जिसमें उन्हें जखौरा क्षेत्र की भूमि उपयुक्त लगी। बुड़ेरा में जहां वेटलैंड विकसित करने की योजना है, वहां तालाब होने के कारण नमी रहती है। कुछ ही दूरी पर बेतवा नदी होने के कारण यहां का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। यहां से आबादी भी दूर है, साथ ही समीप में जंगल है। यहां पक्षी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे। फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे पक्षियों को आहार मिल सके। उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ शिरीन सिद्दकी ने बताया कि बरसात प्रारंभ होते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास होगा। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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ललितपुर। जखौरा क्षेत्र के ग्राम बुड़ेरा में वेटलैंड विकसित होने जा रहा है। यहां तालाब के किनारे फलदार व ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पक्षियों को पर्याप्त भोजन मिल सके। जनपद का यह पहला पक्षी विहार होगा।
वन विभाग जखौरा क्षेत्र में वेटलैंड विकसित करेगा। अभी तक यहां एक भी वेटलैंड नहीं है। वैसे बांधों के जलाशयों में प्राकृतिक वेटलैंड हैं। हाल में वन एवं पर्यावरण विभाग की टीम ने सर्वे कर कई जगहों का आकलन किया, जिसमें उन्हें जखौरा क्षेत्र की भूमि उपयुक्त लगी। बुड़ेरा में जहां वेटलैंड विकसित करने की योजना है, वहां तालाब होने के कारण नमी रहती है। कुछ ही दूरी पर बेतवा नदी होने के कारण यहां का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। यहां से आबादी भी दूर है, साथ ही समीप में जंगल है। यहां पक्षी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे। फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे पक्षियों को आहार मिल सके। उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ शिरीन सिद्दकी ने बताया कि बरसात प्रारंभ होते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास होगा। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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