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भोर भई पहुंचे बैंक, लाइन में लग पाए नोट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2016 01:07 AM IST
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- फोटो : demo
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पांच सौ व एक हजार के नोट बदलने के लिए बृहस्पतिवार सुबह से ही लोगों की भीड़ बैंकों के बाहर जमा हो गई। लाइन पहले लग गई, जबकि बैंक के शटर बाद में खुले। हंगामे की संभावना के मद्देनजर बैंकों में पुलिस तैनात रही। दो बैंकों में पर्याप्त नोट नहीं थे। दोपहर में ही नकदी खत्म हो गई, जिस कारण लोगों को दूसरी बैंक का सहारा लेना पड़ा। पुलिस अधीक्षक डी प्रदीप कुमार ने बैंकों का निरीक्षण किया।
पांच सौ के बदले दे रहे थे चार सौ रुपये
बृहस्पतिवार को बैंक खुलने से पहले ही जिला मुख्यालय पर श्रीतुवन मंदिर चौराहे पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर लोगों की लंबी कतार लग गई थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस-दस लोगों केे समूह में बैंक में प्रवेश दिया जा रहा था। वहीं बैंक के बाहर कुछ लोग कतार में लगे लोगों को पांच सौ रुपए के बदले में चार सौ रुपए दे रहे थे। खाताधारकों को अपने खाते में रुपए जमा करने के लिए चार काउंटर लगाए गए थे और चार हजार रुपए तक एक्सचेंज करने के लिए दो काउंटर लगाए गए थे। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए बैंक परिसर में एक रिजर्वेशन कांउटर खोला गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपनिरीक्षक समेत सिपाही प्रवेश द्वार व परिसर में तैनात रहे। प्रवेश द्वार पर ही लोगों को खाते में रुपए जमा करने व एक्सचेंज करने के लिए अधिकृत फार्म उपलब्ध कराए जा रहे थे। मुख्य शाखा प्रबंधक पवन मट्टा ने बताया कि इसी तरह की विशेष सुविधा आगामी दिनों में भी रहेगी।
चाक चौबंद रहीं व्यवस्थाएं
स्थानीय घंटाघर के पास स्थित पंजाब बैंक की शाखा पर भी बैंक खुलने से पहले लोगों की लंबी कतार लग गई थी। दोपहर करीब एक बजे बैंक का कार्य काफी व्यवस्थित तरीके से चल रहा था। बैंक की ओर से ही फार्म दिए जा रहे थे। बैंक के भीतर खाते में रुपए जमा करने व चार हजार रुपए एक्सचेंज कराने के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए थे। इस शाखा में सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद रहीं, क्योंकि इसी शाखा परिसर में जनपद के सभी बैंकों के अधिकारी मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक(एलडीएम) बैठते हैं।
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दोपहर में ही जवाब दे गए बैंक
आईडीबीडीआई व देना बैंक में तो दोपहर एक बजे तक ही सौ के नोट खत्म होने पर लोगों को मना कर दिया गया। यहां लंच के बाद दोबारा रकम पहुंचाई गई, लेकिन तब तक लोग वहां से जाकर दूसरे बैंकों की लाइन में लग चुके थे। जनपद में नए नोट न पहुंचने से केवल सौ, पचास, बीस व दस रुपए के नोट ही बैंकों से बांटे गए।
शाम तक चला काम
सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में सुबह 09 बजे तक एक दर्जन से लोग कतार में खड़े हो गए थे। बैंक खुलने तक लोगों की लंबी कतार लग गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था बनाई। पुलिस अधीक्षक डि प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। बीस-बीस लोगों के समूह को अंदर जाने दिया गया। रुपए एक्सचेंज करने के लिए तीन विशेष काउंटर लगाए गए थे, लेकिन बैंक कर्मियों की कमी के चलते बैंक से रिटायर हुए कर्मियों का सहयोग लिया गया। वहीं बैंक का अन्य कार्य बाधित न हो इसके लिए रोज की तहर अन्य काउंटर भी नियमित रुप से चलते रहे। शाम को साढ़े पांच बजे तक बैंक के बाहर लगी लंबी कतार सिमट चुकी थी। शाम सात बजे तक काम चलता रहा।
यहां नहीं बदले नोट
श्रीवर्णी जैन इंटर कॉलेज चौराहा पर स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में जमकर मनमानी हुई। बैंक के बाहर करीब साढ़े नौ बजे तक खातेदारों की कतार लग गई थी। अधिकारियों ने रुपए एक्सचेंज करने से मना कर दिया, घंटों लाइन में लगे लोगों को उदास मन से वापस जाना पड़ा। वहीं धाताधारकों को भी अपने खातों में रुपए जमा करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ी। शाम चार बजे से ही बैंक में लेन-देन का कार्य खत्म कर दिया गया और प्रवेश द्वार पर अंदर से ताला भी डाल दिया। बाहर लाइन में खड़े लोग करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे इसके बाद उन्हें उदास होकर घर वापस लौटना पड़ा।
बैंक खाताधारक लखन ने बताया कि वह सुबह 11 बजे से कतार में खडे़ हुए हैं, पांच बजे तक वह अपने खाते मेें रुपए जमा नहीं कर सके। दोपहर चार बजे के बाद से बैंक में किसी भी उपभोक्ता को अंदर नहीं जाने दिया। वहीं लाइन में बाहर खड़े राजेंद्र पाल सिंह बुंदेला ने बताया कि वह भी पिछले कुछ घंटों से खड़े हुए हैं बैंक में न तो खुल्ले रुपए एक्सचेंज किए जा रहे और न ही अब चार बजे के बाद से लेन-देन किया जा रहा है। बैंक वालों की मनमानी से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैै।
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अव्यवस्थाओं का केंद्र रहा डाकघर
घंटाघर के पास स्थित प्रधान डाकघर के बाहर लोगों की सुबह से भीड़ लग गई थी। पुलिस बल ने भीड़ को काबू में किया। लोगों को पांच लाइनों में खड़ा किया गया। प्रधान डाक घर में पांच काउंटर लगाए गए थे। यहां लोगों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना दस और बीस के फटे-पुराने नोटों के करण करना पड़ा। इस कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस के दबाव के कारण लोगों को शांत रहना पड़ा। खुल्ले नोटों के एक्सचेंज में लोगों को अधिकतर दस और बीस रुपए के नोट ही मिले, जान-पहचान या फिर विशेष दबाव के बाद ही लोगों को सौ-सौ रुपए के नोट दिए जा रहे थे।
डाकघर में लोकेंद्र बाजपेई को एक्सचेंज में मिली बीस रुपए की गिड्डी में अधिक सख्या में कटे-फटे पुराने नोट थे, जब वह उन्हें वापस करने गया तो उसमें रुपए भी कम निकले। इससे विवाद की स्थिति बनी। पुलिस बल ने मामले को शांत कर दिया। इसके अलावा प्रधान डाकघर में रुपए एक्सचेंज के लिए भरने वाला फार्म दलालों द्वारा पांच से दस रुपए में दिया गया। फार्म बेचने वाला एक दलाल पुलिस कर्मियों के सामने ही पांच से दस रुपए में फार्म बेच रहा था, लेकिन पुलिस द्वारा उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में सहायक अधीक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि डाकघर में जो रुपए उपलब्ध हैं, वही नोट वितरित किए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि फार्म लोगों को बाहर बांट दिए गए हैं, कम पड़ने पर लोग फोटो कॉपी कराकर काम चला रहे हैं। दलालों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में सामान्य रही स्थिति
सिविल लाइन क्षेत्र में कलेक्ट्रेट मार्ग पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में लोगों को बीस-बीस की संख्या में अंदर जाने दिया गया। यहां पर शुरुआत में भीड़ देखने को मिली लेकिन बाद में सामान्य स्थिति बन गई। इस संबंध में शाखा प्रबंधक लक्खो सिंह ने बताया कि बैंक में रुपए एक्सचेंज करने व खातों में रुपए जमा करने के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए थे, पुलिस व जनता के कॉपरेट से सामन्य स्थिति बनी रही।
जनपद के बैंकों में उपलब्ध नहीं हो सकी नई करेंसी
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक प्रभारी गिरीश कुमार खरे ने बताया कि बृहस्पतिवार तक जनपद में नई करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई है, लेकिन सभी बैंक शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में खुल्ले रुपए उपलब्ध करा दिए गए हैं, कुछ बैंकों में दोपहर खुल्ले नोटों की कमी पड़ी थी, लेकिन सूचना मिलने पर सभी बैंकों में पर्याप्त खुल्ले नोट भिजवा दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अभी तक नई करेंसी बैंकों में नही आई है, जिससे एटीएम में भी नई करेंसी अभी तक नहीं डाली जा सकती है। संभवना है कि शुक्रवार को एटीएम की सेवाओं में विलंब हो सकता है।
एलडीएम बोले जनता को हड़बड़ाने की जरुरत नहीं
एलडीएम एके मित्तल ने बताया कि जनता को परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है, अभी डेढ़ माह से अधिक समय है खातों में रुपए जमा कराने के लिए, वर्तमान में स्थानीय बैंकों में नई करेंसी नहीं आई है। जब बैंकों में पांच सौ रुपए और दो हजार रुपए की नई करेंसी आ जाएगी इसके बाद चार हजार रुपए एक्सचेंज कराने के काम में तेजीआ जाएगी, फिर लोगों को लंबी कतार लगातर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
साठ हजार तोला बिका सोना
बड़े नोटों के बंद होने की खबर के साथ ही जनपद में सोने की खपत कई गुना बढ़ गई। बुधवार व बृहस्पतिवार को सर्राफा बाजार में सोने के अधिकृत दाम नहीं खोले गए, जिसकी जैसी मर्जी रही, उस हिसाब से सोना बेचा गया। सूत्रों की मानें तो केवल बुधवार रात में ही जनपद में आधा क्विंटल सोने की खरीदारी हो गई। शहर में बृहस्पतिवार को सोने के दाम पचपन से साठ हजार रुपये प्रति तोले तक पहुंच गए। बहुत से लोगों ने गुपचुप तरीके से सोना खरीदा और अपने रुपये को सुरक्षित किया।
एटीएम के संचालन पर संशय
केंद्र के निर्देशों के मुताबिक एटीएम का संचालन 9 व 10 नवंबर को ही बंद रहना था। लेकिन जनपद में शुक्रवार को भी एटीएम बंद रह सकते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नई करेंसी का जनपद में न पहुंचना है। इसके साथ ही अभी तक एटीएम में दो हजार के नोट का विकल्प सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं किया गया है। इसलिए एटीएम के संचालन पर संशय बना हुआ है।
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पांच सौ के बदले दे रहे थे चार सौ रुपये
बृहस्पतिवार को बैंक खुलने से पहले ही जिला मुख्यालय पर श्रीतुवन मंदिर चौराहे पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर लोगों की लंबी कतार लग गई थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस-दस लोगों केे समूह में बैंक में प्रवेश दिया जा रहा था। वहीं बैंक के बाहर कुछ लोग कतार में लगे लोगों को पांच सौ रुपए के बदले में चार सौ रुपए दे रहे थे। खाताधारकों को अपने खाते में रुपए जमा करने के लिए चार काउंटर लगाए गए थे और चार हजार रुपए तक एक्सचेंज करने के लिए दो काउंटर लगाए गए थे। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए बैंक परिसर में एक रिजर्वेशन कांउटर खोला गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपनिरीक्षक समेत सिपाही प्रवेश द्वार व परिसर में तैनात रहे। प्रवेश द्वार पर ही लोगों को खाते में रुपए जमा करने व एक्सचेंज करने के लिए अधिकृत फार्म उपलब्ध कराए जा रहे थे। मुख्य शाखा प्रबंधक पवन मट्टा ने बताया कि इसी तरह की विशेष सुविधा आगामी दिनों में भी रहेगी।
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चाक चौबंद रहीं व्यवस्थाएं
स्थानीय घंटाघर के पास स्थित पंजाब बैंक की शाखा पर भी बैंक खुलने से पहले लोगों की लंबी कतार लग गई थी। दोपहर करीब एक बजे बैंक का कार्य काफी व्यवस्थित तरीके से चल रहा था। बैंक की ओर से ही फार्म दिए जा रहे थे। बैंक के भीतर खाते में रुपए जमा करने व चार हजार रुपए एक्सचेंज कराने के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए थे। इस शाखा में सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद रहीं, क्योंकि इसी शाखा परिसर में जनपद के सभी बैंकों के अधिकारी मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक(एलडीएम) बैठते हैं।
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दोपहर में ही जवाब दे गए बैंक
आईडीबीडीआई व देना बैंक में तो दोपहर एक बजे तक ही सौ के नोट खत्म होने पर लोगों को मना कर दिया गया। यहां लंच के बाद दोबारा रकम पहुंचाई गई, लेकिन तब तक लोग वहां से जाकर दूसरे बैंकों की लाइन में लग चुके थे। जनपद में नए नोट न पहुंचने से केवल सौ, पचास, बीस व दस रुपए के नोट ही बैंकों से बांटे गए।
शाम तक चला काम
सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में सुबह 09 बजे तक एक दर्जन से लोग कतार में खड़े हो गए थे। बैंक खुलने तक लोगों की लंबी कतार लग गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था बनाई। पुलिस अधीक्षक डि प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। बीस-बीस लोगों के समूह को अंदर जाने दिया गया। रुपए एक्सचेंज करने के लिए तीन विशेष काउंटर लगाए गए थे, लेकिन बैंक कर्मियों की कमी के चलते बैंक से रिटायर हुए कर्मियों का सहयोग लिया गया। वहीं बैंक का अन्य कार्य बाधित न हो इसके लिए रोज की तहर अन्य काउंटर भी नियमित रुप से चलते रहे। शाम को साढ़े पांच बजे तक बैंक के बाहर लगी लंबी कतार सिमट चुकी थी। शाम सात बजे तक काम चलता रहा।
यहां नहीं बदले नोट
श्रीवर्णी जैन इंटर कॉलेज चौराहा पर स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में जमकर मनमानी हुई। बैंक के बाहर करीब साढ़े नौ बजे तक खातेदारों की कतार लग गई थी। अधिकारियों ने रुपए एक्सचेंज करने से मना कर दिया, घंटों लाइन में लगे लोगों को उदास मन से वापस जाना पड़ा। वहीं धाताधारकों को भी अपने खातों में रुपए जमा करने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ी। शाम चार बजे से ही बैंक में लेन-देन का कार्य खत्म कर दिया गया और प्रवेश द्वार पर अंदर से ताला भी डाल दिया। बाहर लाइन में खड़े लोग करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे इसके बाद उन्हें उदास होकर घर वापस लौटना पड़ा।
बैंक खाताधारक लखन ने बताया कि वह सुबह 11 बजे से कतार में खडे़ हुए हैं, पांच बजे तक वह अपने खाते मेें रुपए जमा नहीं कर सके। दोपहर चार बजे के बाद से बैंक में किसी भी उपभोक्ता को अंदर नहीं जाने दिया। वहीं लाइन में बाहर खड़े राजेंद्र पाल सिंह बुंदेला ने बताया कि वह भी पिछले कुछ घंटों से खड़े हुए हैं बैंक में न तो खुल्ले रुपए एक्सचेंज किए जा रहे और न ही अब चार बजे के बाद से लेन-देन किया जा रहा है। बैंक वालों की मनमानी से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैै।
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अव्यवस्थाओं का केंद्र रहा डाकघर
घंटाघर के पास स्थित प्रधान डाकघर के बाहर लोगों की सुबह से भीड़ लग गई थी। पुलिस बल ने भीड़ को काबू में किया। लोगों को पांच लाइनों में खड़ा किया गया। प्रधान डाक घर में पांच काउंटर लगाए गए थे। यहां लोगों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना दस और बीस के फटे-पुराने नोटों के करण करना पड़ा। इस कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस के दबाव के कारण लोगों को शांत रहना पड़ा। खुल्ले नोटों के एक्सचेंज में लोगों को अधिकतर दस और बीस रुपए के नोट ही मिले, जान-पहचान या फिर विशेष दबाव के बाद ही लोगों को सौ-सौ रुपए के नोट दिए जा रहे थे।
डाकघर में लोकेंद्र बाजपेई को एक्सचेंज में मिली बीस रुपए की गिड्डी में अधिक सख्या में कटे-फटे पुराने नोट थे, जब वह उन्हें वापस करने गया तो उसमें रुपए भी कम निकले। इससे विवाद की स्थिति बनी। पुलिस बल ने मामले को शांत कर दिया। इसके अलावा प्रधान डाकघर में रुपए एक्सचेंज के लिए भरने वाला फार्म दलालों द्वारा पांच से दस रुपए में दिया गया। फार्म बेचने वाला एक दलाल पुलिस कर्मियों के सामने ही पांच से दस रुपए में फार्म बेच रहा था, लेकिन पुलिस द्वारा उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में सहायक अधीक्षक संजय गुप्ता ने बताया कि डाकघर में जो रुपए उपलब्ध हैं, वही नोट वितरित किए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि फार्म लोगों को बाहर बांट दिए गए हैं, कम पड़ने पर लोग फोटो कॉपी कराकर काम चला रहे हैं। दलालों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में सामान्य रही स्थिति
सिविल लाइन क्षेत्र में कलेक्ट्रेट मार्ग पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में लोगों को बीस-बीस की संख्या में अंदर जाने दिया गया। यहां पर शुरुआत में भीड़ देखने को मिली लेकिन बाद में सामान्य स्थिति बन गई। इस संबंध में शाखा प्रबंधक लक्खो सिंह ने बताया कि बैंक में रुपए एक्सचेंज करने व खातों में रुपए जमा करने के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए गए थे, पुलिस व जनता के कॉपरेट से सामन्य स्थिति बनी रही।
जनपद के बैंकों में उपलब्ध नहीं हो सकी नई करेंसी
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक प्रभारी गिरीश कुमार खरे ने बताया कि बृहस्पतिवार तक जनपद में नई करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई है, लेकिन सभी बैंक शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में खुल्ले रुपए उपलब्ध करा दिए गए हैं, कुछ बैंकों में दोपहर खुल्ले नोटों की कमी पड़ी थी, लेकिन सूचना मिलने पर सभी बैंकों में पर्याप्त खुल्ले नोट भिजवा दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अभी तक नई करेंसी बैंकों में नही आई है, जिससे एटीएम में भी नई करेंसी अभी तक नहीं डाली जा सकती है। संभवना है कि शुक्रवार को एटीएम की सेवाओं में विलंब हो सकता है।
एलडीएम बोले जनता को हड़बड़ाने की जरुरत नहीं
एलडीएम एके मित्तल ने बताया कि जनता को परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है, अभी डेढ़ माह से अधिक समय है खातों में रुपए जमा कराने के लिए, वर्तमान में स्थानीय बैंकों में नई करेंसी नहीं आई है। जब बैंकों में पांच सौ रुपए और दो हजार रुपए की नई करेंसी आ जाएगी इसके बाद चार हजार रुपए एक्सचेंज कराने के काम में तेजीआ जाएगी, फिर लोगों को लंबी कतार लगातर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
साठ हजार तोला बिका सोना
बड़े नोटों के बंद होने की खबर के साथ ही जनपद में सोने की खपत कई गुना बढ़ गई। बुधवार व बृहस्पतिवार को सर्राफा बाजार में सोने के अधिकृत दाम नहीं खोले गए, जिसकी जैसी मर्जी रही, उस हिसाब से सोना बेचा गया। सूत्रों की मानें तो केवल बुधवार रात में ही जनपद में आधा क्विंटल सोने की खरीदारी हो गई। शहर में बृहस्पतिवार को सोने के दाम पचपन से साठ हजार रुपये प्रति तोले तक पहुंच गए। बहुत से लोगों ने गुपचुप तरीके से सोना खरीदा और अपने रुपये को सुरक्षित किया।
एटीएम के संचालन पर संशय
केंद्र के निर्देशों के मुताबिक एटीएम का संचालन 9 व 10 नवंबर को ही बंद रहना था। लेकिन जनपद में शुक्रवार को भी एटीएम बंद रह सकते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नई करेंसी का जनपद में न पहुंचना है। इसके साथ ही अभी तक एटीएम में दो हजार के नोट का विकल्प सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं किया गया है। इसलिए एटीएम के संचालन पर संशय बना हुआ है।