{"_id":"6816677153e7bd0213083d56","slug":"two-cyber-criminals-caught-by-the-police-they-used-to-open-peoples-bank-accounts-by-deceiving-them-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-134532-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: पुलिस के हत्थे चढ़े दो साइबर अपराधी, झांसा देकर खुलवाते थे लोगों का बैंक खाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: पुलिस के हत्थे चढ़े दो साइबर अपराधी, झांसा देकर खुलवाते थे लोगों का बैंक खाता
विज्ञापन
खाते में अपना मोबाइल नंबर अंकित कराकर बैंक खातों का प्रयोग करते थे धोखाधड़ी में
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आम लोगों को झांसा देकर डेयरी फार्म, लोन दिलाने के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उक्त खातों में गड़बड़ी कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार को चंद्रपाल घोष निवासी ग्राम रीछपुरा थाना नाराहट और रामनरेश तिवारी निवासी वसंत विहार कालोनी इलाइट चौराहा ललितपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन लोगों का एक गिरोह है, जिसमें वह लोग सीधे-साधे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर, गुमराह करके उनका खाता बैंकों में खुलवाते हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के तौर पर वह लोग अपने किसी साथी का मोबाइल नंबर अंकित करा देते थे। जिसके माध्यम से ऑनलाइन बैंकिग व अन्य पेमेंट गेटवे को बनाकर इन बैंक खातों से धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद न्यायालय में पेश किया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आम लोगों को झांसा देकर डेयरी फार्म, लोन दिलाने के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उक्त खातों में गड़बड़ी कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार को चंद्रपाल घोष निवासी ग्राम रीछपुरा थाना नाराहट और रामनरेश तिवारी निवासी वसंत विहार कालोनी इलाइट चौराहा ललितपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन लोगों का एक गिरोह है, जिसमें वह लोग सीधे-साधे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर, गुमराह करके उनका खाता बैंकों में खुलवाते हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के तौर पर वह लोग अपने किसी साथी का मोबाइल नंबर अंकित करा देते थे। जिसके माध्यम से ऑनलाइन बैंकिग व अन्य पेमेंट गेटवे को बनाकर इन बैंक खातों से धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद न्यायालय में पेश किया।
विज्ञापन