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Lalitpur News: आगरा और झांसी जा रही हल्दी, अचार में हो रहा उपयोग

Thu, 25 Dec 2025 12:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 12:40 AM IST
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Turmeric is being sent to Agra and Jhansi, where it is being used in pickles.
- वर्मी खाद बनाकर की जा रही खेती, दूसरों को भी कर रहे प्रेरित
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में करीब 25 गांव में कई किसान हल्दी की खेती करके लाखों का व्यापार कर रहे हैं और हल्दी को प्रोडक्ट के रूप में जनपद के अलावा झांसी और आगरा तक भेजकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। ग्राम ऐरा और मिर्चवारा के किसान वर्मी खाद डालकर हल्दी की खेती कर रहे हैं।
जिले के किसान अब खेती को व्यापार से जोड़कर खुद की भी प्रगति कर रहे हैं। तालबेहट और बार क्षेत्र में लगभग 25 से अधिक गांव में काफी किसान हल्दी की खेती कर रही हैं। जबकि महरौनी क्षेत्र के ग्राम मिर्चवारा निवासी रामस्वरूप निरंजन भी दो वर्ष से हल्दी की खेती कर रहे हैं। बताया कि उन्होंने दूसरी बार हल्दी की खेती की है और दो वर्ष में उनके यहां आठ से नौ क्विंटल तक हल्दी का उत्पादन हो चुका है, जिसे वह स्थानीय बाजार में ही सप्लाई करते हैं। यह हल्दी अचार में भी उपयोग होती है और एक संस्था ने अचार बनाने के लिए उनकी हल्दी का सौदा किया है। वहीं, ब्लॉक बिरधा के ग्राम ऐरा निवासी हरनाम सिंह पटेल ने बताया कि वह वर्ष 2019 से हल्दी की खेती कर रहे हैं। शुरूआत में उन्होंने कम जगह में हल्दी की खेती शुरू की, लेकिन बाद में उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने इस बार 5400 स्क्वायर फुट में हल्दी की खेती की है और उन्होंने लगभग सात से आठ क्विंटल तक हल्दी का उत्पादन हो जाता है। अगले वर्ष से वह एक एकड़ खेत में हल्दी की खेती करेंगे। वह हल्दी की खेती लेयर में और वर्मी खाद से कर रहे हैं। वह हल्दी को पीसकर प्रोडक्ट के रूप में जिले के अलावा झांसी और आगरा तक भी पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कच्ची हल्दी तो लगभग 55 रुपये किलो तक बिक जाती है, लेकिन प्रोडक्ट के रूप में लगभग दो सौ रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकती है।
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तालबेहट क्षेत्र में 200 किसान कर रहे दो सौ क्विंटल से अधिक हल्दी का उत्पादन
तालबेहट क्षेत्र में करीला, मऊ, रजावन, म्यांव, कड़ेसरा कलां समेत करीब बीस से अधिक गांवों में लगभग दो सौ से अधिक किसान हल्दी की खेती कर रहे हैं। अकेले म्यांव गांव में ही लगभग तीस से चालीस किसान हल्दी उगा रहे हैं। बीस से अधिक गांव में ही लगभग दो सौ क्विंटल तक उत्पादन कर रहे हैं।
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जिले के तालबेहट क्षेत्र में लगभग दो दर्जन गांव में दो सौ से अधिक किसान हल्दी की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। कुछ किसान स्थानीय स्तर पर कच्ची और पिसी हुई सूखी हल्दी बाजार तक पहुंचा रहे हैं, जबकि कुछ किसान झांसी और आगरा तक भी हल्दी को प्रोडक्ट के रूप में बनाकर पहुंचा रहे हैं।
-राजेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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