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फांसी के फंदे पर लटका मिला कोटेदार का शव, परिजनों ने सूदखोरों पर लगाए आरोप
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घटना की जानकारी देते मृतक बृजेश के परिजन -संवाद
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। राशन दुकान के अंदर कोटेदार फंदे पर लटका मिला। परिजन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृृत घोषित कर दिया। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने सूदखोरों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। आरोपियों के नाम भी लिखे हैं। मृतक छह बहनों में इकलौता भाई था।
कस्बा महरौनी के इंद्रा चौराहा निवासी बृजेश वर्मा (42) पुत्र प्रागीलाल शुक्रवार की देर शाम को अपनी राशन दुकान के अंदर छत के कुंदे पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बारे में मृतक के चचेरे भाई विनोद ने बताया कि उसका भाई बृजेश कोटेदार था। राशन का अनाज उठाने के लिए वह कुछ लोगों से रुपयों का लेनदेन किया करता था। शुक्रवार की शाम को बृजेश घर से सब्जी लेने की बात कहकर निकला था। कुछ देर बाद जब उसकी पुत्री दीपा राशन की दुकान पर पहुंची तो यहां छत के कुंदे पर रस्सी के फंदे से लटका मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के कपड़ों की तलाशी ली गई तो एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में बृजेश ने सभी सूदखोरों के नाम भी लिखे है। पत्र के अंत में बृजेश के हस्ताक्षर बने है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे ले लिया है और जांच कर रही है। घरवालों के अनुसार उसने तीन लाख का कर्ज लिया था।
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रकम चुकाने के लिए गिरवीं रख दी थी जमीन
ललितपुर। चचेरे भाई विनोद ने बताया कि बृजेश सूदखोरों से बीस फीसदी ब्याज पर रुपये लेता था। जिसे चुकाने के लिए उसने 5-6 माह पूर्व दो एकड़ जमीन भी गिरवी रख दी थी। मृतक छह बहनों का इकलौता भाई था और उसकी तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं।
मेरे बच्चों, मां और बहनों मुझे माफ करना, ब्याज वालों ने मुझे बर्बाद कर दिया...
ललितपुर। बृजेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है उसे बहुत कर्ज देना है, सूदखोर उसे बहुत परेशान कर रहे हैं। जबकि यह सब लोग रुपये ले चुके हैं। मेरी पत्नी के जेवर भी चोरी हो गए थे। इसकी रिपोर्ट दर्ज है। मैंने अपनी गुमची बम्हौरी की जमीन भी केवल तीन लाख रुपये में गिरवी रख दी है। यह रुपये मैंने दो रुपया प्रति सैकड़ा के हिसाब से तीन साल में देना है। मेरे बच्चों, मेरी मां-बहनों मुझे माफ कर देना। क्योंकि इन ब्याज वालों ने मुझे बर्बाद कर दिया है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। जितना भी कमाया सब ब्याज वालों ने ले लिया।
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कस्बा महरौनी के इंद्रा चौराहा निवासी बृजेश वर्मा (42) पुत्र प्रागीलाल शुक्रवार की देर शाम को अपनी राशन दुकान के अंदर छत के कुंदे पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बारे में मृतक के चचेरे भाई विनोद ने बताया कि उसका भाई बृजेश कोटेदार था। राशन का अनाज उठाने के लिए वह कुछ लोगों से रुपयों का लेनदेन किया करता था। शुक्रवार की शाम को बृजेश घर से सब्जी लेने की बात कहकर निकला था। कुछ देर बाद जब उसकी पुत्री दीपा राशन की दुकान पर पहुंची तो यहां छत के कुंदे पर रस्सी के फंदे से लटका मिला।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के कपड़ों की तलाशी ली गई तो एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में बृजेश ने सभी सूदखोरों के नाम भी लिखे है। पत्र के अंत में बृजेश के हस्ताक्षर बने है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे ले लिया है और जांच कर रही है। घरवालों के अनुसार उसने तीन लाख का कर्ज लिया था।
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रकम चुकाने के लिए गिरवीं रख दी थी जमीन
ललितपुर। चचेरे भाई विनोद ने बताया कि बृजेश सूदखोरों से बीस फीसदी ब्याज पर रुपये लेता था। जिसे चुकाने के लिए उसने 5-6 माह पूर्व दो एकड़ जमीन भी गिरवी रख दी थी। मृतक छह बहनों का इकलौता भाई था और उसकी तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं।
मेरे बच्चों, मां और बहनों मुझे माफ करना, ब्याज वालों ने मुझे बर्बाद कर दिया...
ललितपुर। बृजेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है उसे बहुत कर्ज देना है, सूदखोर उसे बहुत परेशान कर रहे हैं। जबकि यह सब लोग रुपये ले चुके हैं। मेरी पत्नी के जेवर भी चोरी हो गए थे। इसकी रिपोर्ट दर्ज है। मैंने अपनी गुमची बम्हौरी की जमीन भी केवल तीन लाख रुपये में गिरवी रख दी है। यह रुपये मैंने दो रुपया प्रति सैकड़ा के हिसाब से तीन साल में देना है। मेरे बच्चों, मेरी मां-बहनों मुझे माफ कर देना। क्योंकि इन ब्याज वालों ने मुझे बर्बाद कर दिया है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। जितना भी कमाया सब ब्याज वालों ने ले लिया।