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नियमों की अनदेखी कर धड्ल्ले से दौड़ रहीं टूरिस्ट बसें
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- फोटो : bus stand.jpg
ललितपुर। जिले में टूरिस्ट बस एजेंसियों की बाढ़ सी आ गई है। यहां से कई बसें मध्यप्रदेश के इंदौर, प्रयागराज, दिल्ली, नासिक, अजमेर तक के लिए संचालित हो रहीं हैं। इनमें न तो कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है, और न ही परिवहन नियमों का। इसके बाद भी अधिकारी बेपरवाह नजर आ रहे हैं। इससे जहां विभाग को राजस्व की चपत लग रही है तो वहीं सवारियां भी जोखिम भरी यात्रा करने को मजबूर हैं।
जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित हुई रेल सेवा के बाद टूरिस्ट परमिट का लेकर बसें दौड़ाने का धंधा खूब चल निकला है। यहां से प्रतिदिन बसों का संचालन कई महानगरों व राजधानियों के लिए किया जा रहा है। इनमें लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, दिल्ली, मध्यप्रदेश के इंदौर, गुजरात के अहमदाबाद, महाराष्ट्र के नासिक व राजस्थान के अजमेर तक के लिए बसों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है।
इन टूरिस्ट बसों में न तो परिवहन नियमों का पालन किया जा रहा है, और न ही कोविड के नियमों का, लेकिन बस संचालक अधिक कमाई के चलते यात्रियों को बीमारियों से बचाव की जगह संक्रमित करने करने से नहीं चूक रहे हैं।
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टूरिस्ट बसों का पंजीयन परिवहन विभाग में होता है। इन बसों को संचालन से पूर्व विभाग को जाने व आने की सूचना विभाग को देना होती है। इसके साथ ही सवारियों की संख्या भी निर्धारित की जाती है। इन बसों का संचालन बस स्टैंड से नहीं किया जाता है। बस संचालक नियमों को धता बताकर धड़ल्ले से फर्राटे भर रहे हैं। इससे विभाग के राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं।
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अवैध तरीके से चलाई जा रही बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब भी ऐसी बसों के संचालित होने की सूचना मिली है, जिस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र अग्रवाल, यात्रीकर अधिकारी
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जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित हुई रेल सेवा के बाद टूरिस्ट परमिट का लेकर बसें दौड़ाने का धंधा खूब चल निकला है। यहां से प्रतिदिन बसों का संचालन कई महानगरों व राजधानियों के लिए किया जा रहा है। इनमें लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, दिल्ली, मध्यप्रदेश के इंदौर, गुजरात के अहमदाबाद, महाराष्ट्र के नासिक व राजस्थान के अजमेर तक के लिए बसों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है।
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इन टूरिस्ट बसों में न तो परिवहन नियमों का पालन किया जा रहा है, और न ही कोविड के नियमों का, लेकिन बस संचालक अधिक कमाई के चलते यात्रियों को बीमारियों से बचाव की जगह संक्रमित करने करने से नहीं चूक रहे हैं।
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टूरिस्ट बसों का पंजीयन परिवहन विभाग में होता है। इन बसों को संचालन से पूर्व विभाग को जाने व आने की सूचना विभाग को देना होती है। इसके साथ ही सवारियों की संख्या भी निर्धारित की जाती है। इन बसों का संचालन बस स्टैंड से नहीं किया जाता है। बस संचालक नियमों को धता बताकर धड़ल्ले से फर्राटे भर रहे हैं। इससे विभाग के राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं।
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अवैध तरीके से चलाई जा रही बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब भी ऐसी बसों के संचालित होने की सूचना मिली है, जिस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र अग्रवाल, यात्रीकर अधिकारी