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Lalitpur News: एक वर्ष में बढ़ गए 500 ई-रिक्शा से ट्रैफिक बेलगाम....आए दिन लगता जाम

Wed, 11 Dec 2024 12:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2024 12:53 AM IST
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Traffic increased by 500 e-rickshaws in one year, uncontrolled traffic...jams every day.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। शहर में ई-रिक्शा चलने से लोगों को आवागमन में सुविधा तो हुई है, लेकिन इनका संचालन मार्ग निर्धारित न होने से आए दिन जाम की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। बेलगाम ट्रैफिक को रोकने के लिए ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने का सुझाव भी पालिका प्रशासन को दिया गया, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया है।
नगर क्षेत्र में स्थानीय सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए ऑटो के साथ ही अब ई-रिक्शा का चलन काफी बढ़ गया है। आंकड़ों पर नजर डाले तो जनपद में एक वर्ष में 500 ई-रिक्शा बढ़ कर संख्या 600 पर पहुंच गई है। वहीं, करीब 2800 ऑटो भी चल रहे हैं। इनमें 400 ई-रिक्शा व 700 ऑटो शहर में संचालित हैं। इनके लिए अभी तक कोई रूट निर्धारित नहीं किया गया जिससे अधिकांश ई-रिक्शा व ऑटो घंटाघर से रेलवे रोड पर ही दौड़ते नजर आते हैं। यही वजह ही कि इस मार्ग पर जाम लगने से ट्रैफिक की रफ्तार गड़बड़ा जाती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इनका रूट निर्धारित कर दिया जाए तो जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ ही इनके चालको को भी सवारियां ले जाने में सुविधा होगी।
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ये हैं प्रमुख रूट
घंटाघर से तुवन चौराहा, वर्णी चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन, घंटाघर से जेल चौराहा, इलाइट होते हुए गल्ला मंडी क्षेत्र, इलाइट से पिसनारी, घंटाघर से सावरकर चौक, आजाद चौक होते हुए नदीपुरा, सावरकर चौक से तालाबपुरा होते हुए डोंड़ाघाट एवं तुवन चौराहा और तुवन चौराहा एवं घंटाघर से सदनशाह चौराहा एवं जिला अस्पताल व बस स्टैंड के लिए, रूट निर्धारित हो सकता है।
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ई-रिक्शा चलने से शहर में कहीं भी आने-जाने की सुविधा हो गई, लेकिन जाम की स्थिति बनने से ऑफिस और बच्चों के स्कूल के समय काफी परेशानी भी होती है। इनका रूट तय कर यूनिक नंबर जारी होने चाहिए।-संजीव दीक्षित।

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ई-रिक्शा सवारियों के लिए एक अच्छा साधन है, लेकिन यह कहीं भी सवारियों के लिए अपने रिक्शा मोड़ देते हैं और मुख्य बाजार में तो यह कई बार 8-10 की संख्या में इकट्ठा हो जाते हैं। इससे दोपहिया वाहन निकलने में भी काफी परेशानी होती है। इनका रूट निर्धारित होना चाहिए।-अरूण कुमार।
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एक वर्ष में ललितपुर जिले में 500 ई-रिक्शा के पंजीयन कराए गए हैं। वर्तमान में जनपद में 600 ई-रिक्शा विभाग में पंजीकृत हैं। -मो.कय्यूम, एआरटीओ।
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