{"_id":"65ecb842c40362b3c209437c","slug":"tourism-facilities-will-increase-by-rs-1-crore-41-lakh-in-amjhara-valley-lalitpur-news-c-131-1-ltp1002-111580-2024-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: अमझरा घाटी में एक करोड़ 41 लाख से बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: अमझरा घाटी में एक करोड़ 41 लाख से बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पर्यटन हब बनाने के लिए जिला प्रशासन ने यहां के प्राचीन, ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे थे। अब शासन ने इन प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान करते हुए धनराशि स्वीकृत कर दी है। अमझरा घाटी में पर्यटन विकास के लिए एक करोड़ 41 लाख रुपये मिले हैं, जिसमें 50 लाख की रकम निर्गत भी हो चुकी है।
अमझरा घाटी जिला मुख्यालय से 41 किलोमीटर दूर ललितपुर-सागर हाइवे मार्ग पर स्थित है। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित यह प्राचीन व प्रसिद्ध मंदिर है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आते हैं। यहां अति प्राचीन हनुमानजी की मूर्ति है। चारों ओर जंगल से घिरा है। पहाड़ी के पीछे विशाल कुंड मौजूद है। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। लेकिन, पर्यटकों के ठहरने व जंगल में घूमने के उचित मार्ग न होने के कारण उन्हें दिक्कत होती है। इसे दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में 50 लाख रुपये विभाग को निर्गत कर दिए हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -
ये होंगे पर्यटन सुविधा के कार्य
शासन की स्वीकृत धनराशि से यात्री प्रतीक्षलय, पाथवे, सेल्फी प्वाइंट, बैठने के लिए व्यवस्था, मनोरम स्थानों का नजारा देखने के लिए सी प्वाइंट भी बनाया जाएगा, जहां से मंदिर व उसके आसपास के स्थानों को पर्यटक देख सकेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
किलों के लिए पूर्व में यह धनराशि हो चुकी है स्वीकृत
इससे पूर्व चार किलों के पर्यटन विकास के लिए 9 करोड़ 63 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। बालाबेहट किले के सौंदर्यीकरण के लिए 260 लाख, मड़ावरा के लिए 241 लाख, बानपुर किले के लिए 102 लाख, सौरई किले के लिए 158 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
अमझरा घाटी में पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे पूर्व चार किलों के लिए भी वित्तीय स्वीकृति मिल गई है।
हेमलता, जिला पर्यटन अधिकारी।
विज्ञापन
ललितपुर। पर्यटन हब बनाने के लिए जिला प्रशासन ने यहां के प्राचीन, ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे थे। अब शासन ने इन प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान करते हुए धनराशि स्वीकृत कर दी है। अमझरा घाटी में पर्यटन विकास के लिए एक करोड़ 41 लाख रुपये मिले हैं, जिसमें 50 लाख की रकम निर्गत भी हो चुकी है।
अमझरा घाटी जिला मुख्यालय से 41 किलोमीटर दूर ललितपुर-सागर हाइवे मार्ग पर स्थित है। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित यह प्राचीन व प्रसिद्ध मंदिर है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आते हैं। यहां अति प्राचीन हनुमानजी की मूर्ति है। चारों ओर जंगल से घिरा है। पहाड़ी के पीछे विशाल कुंड मौजूद है। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। लेकिन, पर्यटकों के ठहरने व जंगल में घूमने के उचित मार्ग न होने के कारण उन्हें दिक्कत होती है। इसे दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में 50 लाख रुपये विभाग को निर्गत कर दिए हैं।
विज्ञापन
ये होंगे पर्यटन सुविधा के कार्य
शासन की स्वीकृत धनराशि से यात्री प्रतीक्षलय, पाथवे, सेल्फी प्वाइंट, बैठने के लिए व्यवस्था, मनोरम स्थानों का नजारा देखने के लिए सी प्वाइंट भी बनाया जाएगा, जहां से मंदिर व उसके आसपास के स्थानों को पर्यटक देख सकेंगे।
विज्ञापन
किलों के लिए पूर्व में यह धनराशि हो चुकी है स्वीकृत
इससे पूर्व चार किलों के पर्यटन विकास के लिए 9 करोड़ 63 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। बालाबेहट किले के सौंदर्यीकरण के लिए 260 लाख, मड़ावरा के लिए 241 लाख, बानपुर किले के लिए 102 लाख, सौरई किले के लिए 158 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली है।
अमझरा घाटी में पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे पूर्व चार किलों के लिए भी वित्तीय स्वीकृति मिल गई है।
हेमलता, जिला पर्यटन अधिकारी।