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Lalitpur News: मंडी में नीलामी चबूतरों के टूटने लगे टिन शेड, बारिश से कैसे होगा बचाव
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- किसान व व्यापारी तिरपाल व पॉलिथीन से कर रहे बचाव
फोटो-12, 13
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में नीलामी चबूतरों पर किनारों के टिन शेड अब टूटने लगे हैं। अब नीलामी चबूतरे भी बारिश से बचाव के लिए उचित विकल्प नहीं रह गए है। इसके चलते व्यापारी और किसान नीलामी चबूतरों पर किनारे रखे अनाज को पॉलिथीन या तिरपाल से ढंककर बचाव कर रहे हैं।
गल्ला मंडी में किसानों के अनाज की सुरक्षित तौल के लिए सात नीलामी चबूतरा बने हैं। इन नीलामी चबूतरों के टिन शेड की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। यह टिन शेड किनारों की ओर से टूटने लगे हैं, जिससे बारिश की बौछार सीधे चबूतरों पर रखे अनाज पर पड़ती है और बारिश होने पर किसानाें का अनाज गीला होने लगता है। हालांकि इसके लिए व्यापारियों द्वारा ही तिरपाल या फिर पॉलिथीन से अनाज को ढका जा रहा है। नीलामी चबूतरों पर जगह नहीं मिलने पर अधिकांश व्यापारियों द्वारा अपनी आढ़त की दुकानों के सामने सड़क पर ही फड़ लगाकर तौल कराके बोली लगाई जा रही है। बारिश होने की स्थिति में कई बार यहां किसान और व्यापारियों का अनाज गीला होने की आशंका बनी रहती है, जिससे किसान और व्यापारियों को काफी नुकसान हो जाता है। बीते रोज कुछ देर के लिए हुई बारिश से गल्ला मंडी में कई किसानों का गेहूं गीला हो गया था, जिसके चलते किसानों को अपना अनाज औने-पौने दामों पर मंडी में बेचना पड़ा या फिर कई किसानों को अपना अनाज वापस लेकर लौट जाना पड़ा।
फोटो-14
कैप्सन-गोवर्धन।
गल्ला मंडी में उड़द लेकर आए हैं। मंडी में चबूतरों पर जगह नहीं मिली तो सड़क पर ही ढेरी लगानी पड़ी। अनाज को बारिश से बचाव के लिए खुद ही पॉलिथीन साथ लेकर आए हैं।
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-गोवर्धन, किसान, ग्राम दावनी।
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फोटो-15
कैप्सन-रघुनंदन साहू।
मंडी में मंगलवार को 30-40 बोरी उड़द लेकर आए हैं। बारिश होने की संभावना पर अपने-अपने तिरपाल लेकर आए हैं। मंडी में बारिश से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। नीलामी चबूतरों के टिन शेड भी जगह-जगह छेद होने से बारिश का पानी रिसने लगता है।
-रघुनंदन साहू, किसान, ग्राम सेवनी।
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फोटो-16
कैप्सन-संजीव जैन कप्तान।
गल्ला मंडी में बारिश से बचाव के लिए नीलामी चबूतरों का इंतजाम है। नीलामी चबूतरों पर किसानों का ही माल रखा है, व्यापारियों का कोई माल नहीं है। बहुत से किसान सही दाम नहीं मिलने पर नीलामी चबूतरों पर माल रखकर चले जाते हैं।
मंडी में बारिश से बचाव के लिए नीलामी चबूतरों पर टिन शेड की व्यवस्था है। यदि क्षमता से अधिक माल आता है तो किसान और व्यापारी अपने अनाज को बारिश से बचाव के लिए तिरपाल व पॉलिथीन का इंतजाम करते हैं। -सतेंद्र कुमार, मंडी सचिव, गल्ला मंडी समिति
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फोटो-12, 13
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में नीलामी चबूतरों पर किनारों के टिन शेड अब टूटने लगे हैं। अब नीलामी चबूतरे भी बारिश से बचाव के लिए उचित विकल्प नहीं रह गए है। इसके चलते व्यापारी और किसान नीलामी चबूतरों पर किनारे रखे अनाज को पॉलिथीन या तिरपाल से ढंककर बचाव कर रहे हैं।
गल्ला मंडी में किसानों के अनाज की सुरक्षित तौल के लिए सात नीलामी चबूतरा बने हैं। इन नीलामी चबूतरों के टिन शेड की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। यह टिन शेड किनारों की ओर से टूटने लगे हैं, जिससे बारिश की बौछार सीधे चबूतरों पर रखे अनाज पर पड़ती है और बारिश होने पर किसानाें का अनाज गीला होने लगता है। हालांकि इसके लिए व्यापारियों द्वारा ही तिरपाल या फिर पॉलिथीन से अनाज को ढका जा रहा है। नीलामी चबूतरों पर जगह नहीं मिलने पर अधिकांश व्यापारियों द्वारा अपनी आढ़त की दुकानों के सामने सड़क पर ही फड़ लगाकर तौल कराके बोली लगाई जा रही है। बारिश होने की स्थिति में कई बार यहां किसान और व्यापारियों का अनाज गीला होने की आशंका बनी रहती है, जिससे किसान और व्यापारियों को काफी नुकसान हो जाता है। बीते रोज कुछ देर के लिए हुई बारिश से गल्ला मंडी में कई किसानों का गेहूं गीला हो गया था, जिसके चलते किसानों को अपना अनाज औने-पौने दामों पर मंडी में बेचना पड़ा या फिर कई किसानों को अपना अनाज वापस लेकर लौट जाना पड़ा।
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कैप्सन-गोवर्धन।
गल्ला मंडी में उड़द लेकर आए हैं। मंडी में चबूतरों पर जगह नहीं मिली तो सड़क पर ही ढेरी लगानी पड़ी। अनाज को बारिश से बचाव के लिए खुद ही पॉलिथीन साथ लेकर आए हैं।
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-गोवर्धन, किसान, ग्राम दावनी।
फोटो-15
कैप्सन-रघुनंदन साहू।
मंडी में मंगलवार को 30-40 बोरी उड़द लेकर आए हैं। बारिश होने की संभावना पर अपने-अपने तिरपाल लेकर आए हैं। मंडी में बारिश से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। नीलामी चबूतरों के टिन शेड भी जगह-जगह छेद होने से बारिश का पानी रिसने लगता है।
-रघुनंदन साहू, किसान, ग्राम सेवनी।
फोटो-16
कैप्सन-संजीव जैन कप्तान।
गल्ला मंडी में बारिश से बचाव के लिए नीलामी चबूतरों का इंतजाम है। नीलामी चबूतरों पर किसानों का ही माल रखा है, व्यापारियों का कोई माल नहीं है। बहुत से किसान सही दाम नहीं मिलने पर नीलामी चबूतरों पर माल रखकर चले जाते हैं।
मंडी में बारिश से बचाव के लिए नीलामी चबूतरों पर टिन शेड की व्यवस्था है। यदि क्षमता से अधिक माल आता है तो किसान और व्यापारी अपने अनाज को बारिश से बचाव के लिए तिरपाल व पॉलिथीन का इंतजाम करते हैं। -सतेंद्र कुमार, मंडी सचिव, गल्ला मंडी समिति